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RG Kar Case: TMC के पूर्व विधायक निर्मल घोष अरेस्ट, जल्दबाजी में कराया था पीड़िता का अंतिम संस्कार!
निर्मल घोष के खिलाफ इस मामले में कथित तौर पर सबूत मिटाने के आरोप हैं. उन्हें ओडिशा से गिरफ्तार किया गया है.
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कोलकाता के आरजीकर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के मामले में TMC के पूर्व विधायक निर्मल घोष को अरेस्ट किया गया है. उन्हें गुरुवार को ओडिशा से अरेस्ट किया गया है. निर्मल घोष पर आरोप है कि उन्होंने आरजीकर की पीड़िता का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवा दिया था.
आरजीकर मामले में कार्रवाई की दिशा में इसे पश्चिम बंगाल पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है. निर्मल घोष के खिलाफ इस मामले में कथित तौर पर सबूत मिटाने के आरोप हैं. ये कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पीड़िता के अंतिम संस्कार के मामले में नया केस दर्ज करने और फिर से जांच करने के निर्देश दिए हैं.
निर्मल घोष ने जल्दबाजी में कराया था अंतिम संस्कार
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निर्मल घोष पानीहाटी से TMC विधायक थे. इस बार इस सीट से आरजीकर पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ BJP विधायक हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में बंगाल की बेटियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.
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निर्मल घोष के खिलाफ दर्ज नई शिकायत में कहा गया था कि वे उन तीन लोगों में शामित थे जिन्होंने परिवार की सहमति के बिना, दबाव बनाते हुए पीड़िता का अंतिम संस्कार करवाया था. यह पहले से चल रही CBI जांच से अलग पुलिस जांच है.
CM सुवेंदु अधिकारी ने क्या निर्देश दिए थे?
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आरजीकर मामले में कोलकाता पुलिस नए सिरे से जांच कर रही है. महिला जूनियर डॉक्टर का शव 9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता स्थित सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था, बाद में जांच में यह साबित हुआ कि 8 अगस्त 2024 की रात उसके साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की गई थी.
रविवार को पानीहाटी में पीड़िता की याद में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CM सुवेंदु ने अंतिम संस्कार से जुड़े घटनाक्रम की दोबारा जांच कराने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि यह जांच बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के वर्तमान पुलिस आयुक्त की निगरानी में होगी, जिसके अधिकार क्षेत्र में पानीहाटी आता है.
CM सुवेंदु ने कहा, निर्मल घोष, सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी इन तीन व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए, जो उस श्मशान घाट में मौजूद थे जहां महिला जूनियर डॉक्टर का अंतिम संस्कार किया गया था. इस मामले में अलग से नया केस दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है. यह जांच अदालत की निगरानी में चल रही CBI जांच के अलावा होगी. मैंने बैरकपुर पुलिस आयुक्त को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
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अंतिम संस्कार की टाइमिंग पर उठाए थे सवाल
CM सुवेंदु ने कहा था, कई सवालों के जवाब की तलाश अभी भी है. श्मशान घाट में अंतिम संस्कार का कोई शुल्क क्यों नहीं लिया गया? पीड़िता के किसी परिजन के हस्ताक्षर के बिना अंतिम संस्कार कैसे कर दिया गया? इन सभी पहलुओं की दोबारा जांच होगी.
घटना के बाद पीड़िता के परिजनों और राज्य के जूनियर डॉक्टरों ने आरोप लगाया था कि न केवल पोस्टमार्टम और पंचनामा की प्रक्रिया जल्दबाजी में पूरी की गई, बल्कि शव का अंतिम संस्कार भी उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी स्थित श्मशान घाट में जल्दबाजी में करा दिया गया था.
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यह भी आरोप लगाया गया था कि पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार आरजी कर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य संदीप घोष, पानीहाटी के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक निर्मल घोष और कोलकाता पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जल्दबाजी में कराया गया, ताकि दोबारा पोस्टमार्टम के लिए शव उपलब्ध न रहे. वहीं, पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग भी स्वतंत्र रूप से एक अलग जांच करेगा, क्योंकि पीड़िता एक महिला जूनियर डॉक्टर थी.
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स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, विभाग उन लोगों से पूछताछ करेगा, जो 8 अगस्त 2024 की रात हुई घटना से पहले और बाद में कथित अपराध स्थल, यानी अस्पताल परिसर के सेमिनार हॉल में गए थे. इसके अलावा, पीड़िता को पढ़ाने वाले प्रोफेसरों से भी इस मामले में पूछताछ की जाएगी.