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‘पत्रकारिता पर संयम जरूरी, लोगों को विचलित करती हैं भ्रामक खबरें’ गोरखपुर प्रेस क्लब में CM योगी का संदेश

CM योगी ने गोरखपुर में पत्रकारिता के आयाओं पर बात की. इस दौरान उन्होंने भ्रामक खबरों से बचने का संदेश दिया.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह का हिस्सा बने. उन्होंने  बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने पत्रकारिता के विभिन्न आयामों पर बात की. 

CM योगी ने कहा, पत्रकारिता के विभिन्न आयामों प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया के बीच परस्पर समन्वय होना जरूरी है. उन्होंने जोर दिया कि किसी एक ही तथ्य को मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अलग अलग तरह से पेश करने पर भ्रम फैलता है. आम जन-मानस के सामने कन्फ्यूजन की स्थिति होगी. 

आचार संहिता के हिसाब से चले मीडिया- CM योगी

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CM योगी ने कहा, इसलिए यह जरूरी है कि मीडिया के सभी अंग समान मानक, मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप आगे बढ़ें. CM योगी ने कहा, पत्रकारिता में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां हैं. प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया के तौर पर पत्रकारिता के कई स्वरूप हैं. परिवारों में भी हर सदस्य का रुझान मीडिया के अलग-अलग रूप के प्रति रहता है. 

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पत्रकारिता के इन सभी रूपों को समग्रता के साथ जोड़ने की जरूरत है. प्रिंट और विजुअल मीडिया के अपने कुछ मानक हैं, अपनी आचार संहिता है, लेकिन सोशल मीडिया को अभी इससे जोड़ना है. 

गुमराह करने वालों पर साधा निशाना 

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CM योगी ने कहा कि पत्रकारिता को आत्म-नियमन से मूल्यों और आदर्शों के साथ आगे बढ़ना है. भारत में 200 वर्ष की पत्रकारिता का मूलभाव राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का भाव रहा है. हमें इसी भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए. मीडिया में एक ऐसा भी वर्ग है, जो समाज को गुमराह करके अशांति फैलाने का कार्य करता है. हमें मीडिया के ऐसे रूप से बचने की आज जरूरत है. सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया में एक ही खबर में भिन्नता होती है, तो वह जन-मानस को विचलित करती है. यह दुविधा की स्थिति खतरनाक होती है. हमें प्रयास करना चाहिए कि ऐसी स्थिति नहीं हो, सरकार मूल्यों और आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ सदैव खड़ी है. 

‘आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए’

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है. संवाद में आलोचना हो सकती है, लेकिन इस आलोचना को व्यक्तिगत रंजिश नहीं मानना चाहिए. जब हम एक सूत्र की मनोस्थिति से कार्य करते हैं, तो सदैव सार्थक परिणाम सामने आते हैं. पत्रकारिता समाज का आईना होती है. पत्रकारिता जिस दृष्टि से समाज के मुद्दों को प्रस्तुत करती है, समाज उसी दृष्टि से उसे समझता है. पत्रकारिता को जन-विश्वास प्रतीक के रूप में बने रहने के लिए सही और गलत के प्रति एक भाव में रहना चाहिए. पत्रकारिता में किसी भी मुद्दे पर दो भाव नहीं होने चाहिए, क्योंकि तब यह जन-विश्वास पर कुठाराघात करता है. 

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CM योगी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पत्रकारिता ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूती दी है. यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि 200 वर्ष पहले हिंदी पत्रकारिता की शुरूआत 30 मई 1826 को कोलकाता से हुई थी, जब जुगुल किशोर शुक्ल ने हिंदी के पहले समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड का शुभारंभ किया था. जब उन्होंने पत्र निकाला, तब देश गुलाम था. उन्होंने देश की आजादी के स्वर को तेज करने के लिए पत्रकारिता को माध्यम बनाया था, 200 वर्ष से बिना रुके, बिना थके, बिना डिगे पत्रकारिता की यह शानदार यात्रा आगे बढ़ रही है. 

CM योगी ने कहा कि पत्रकारिता जब एक सामान्य व्यक्ति के स्वर के साथ अपना स्वर मिलाती है, और सही तथ्यों को जनता के सम्मुख रखती है, तब एक मजबूत जन-विश्वास का निर्माण होता है. जो पत्रकारिता जन-विश्वास का प्रतीक बनती है, उसे दुनिया की कोई शक्ति विचलित नहीं कर सकती. पत्रकारिता ने कठिन मार्गों का अनुसरण करते हुए सदैव अपने लक्ष्यों को प्राप्त किया है. CM योगी ने स्वतंत्रता आंदोलन और देशसेवा के लिए महात्मा गांधी, बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, अटल बिहारी वाजपेयी ने भी पत्रकारिता को माध्यम बनाने का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि बाल गंगाधर तिलक ने 1916 में लखनऊ से ‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है’ के नारे को पत्रकारिता के माध्यम से जन-मानस में संचारित किया था. वर्ष 2017 में इस नारे के 100 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए. 

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पत्रकारों को संबोधित करते CM योगी

CM योगी ने कहा कि भारतीय पत्रकारिता का आधार हमारे उपनिषदों से प्रेरित रहा है, यह प्रेरणा उपनिषदों की ‘सत्यमेव जयते’ सूक्ति से प्राप्त होती है. समाज में विघटनकारी (बांटने वाला) शक्तियों की चुनौती पत्रकारिता के सामने हमेशा रही है. ये शक्तियां पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बाधित करती रही हैं. इन बाधाओं से विचलित हुए बिना हमें इसको बढ़ाए रखना है, क्योंकि हमारी पत्रकारिता उपनिषदों के मूल्यों पर आधारित है, जहां सत्य की निश्चित विजय का भाव समाहित है. 

‘अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति’

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CM योगी ने कहा कि सरकार ने अपराध और अपराधियों,  भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को निरंतर जारी रखा है. समाज के हर वर्ग को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है. सरकार ने पत्रकारों के लिए भी विभिन्न आवासीय योजनाएं चलाई हैं. मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जा रहा है. 

‘3 करोड़ की आबादी गोरखपुर पर निर्भर’

CM योगी ने कहा कि आज 3 करोड़़ की आबादी शिक्षा, व्यापार और रोजगार के लिए गोरखपुर महानगर पर निर्भर है. पूर्वी UP, पश्चिमी बिहार और नेपाल की एक बड़ी आबादी गोरखपुर पर निर्भर रहती है. गोरखपुर में पत्रकारिता की दिशा, लोगों के मन में राष्ट्रभक्ति के भाव को बढ़ाने वाली होनी चाहिए. आत्मनिर्भर विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में पत्रकारिता को मजबूती के साथ आगे आना चाहिए, यह बेहद महत्वपूर्ण होगा. 

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CM योगी ने बताया कि गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की स्थापना 1998 में हुई. इसमें शामिल सदस्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का सानिध्य प्राप्त था. CM योगी पिछले साल भी गोरखपुर प्रेस क्लब के सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे. 

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गोरखपुर प्रेस क्लब की स्थापना में अध्यक्ष के रूप में एसपी त्रिपाठी और सचिव के रूप में अरविन्द शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया था. सरकार ने प्रेस क्लब को एक भव्य भवन दिया गया, जहां पत्रकारिता के कार्य को सुगमता से सम्पन्न किया जा रहा है. इस कार्यक्रम में CM योगी के साथ-साथ गोरखपुर सांसद रवि किशन भी मौजूद रहे. 

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