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योगी सरकार में धान खरीद का बनाया रिकॉर्ड, किसानों को मिला 1.03 लाख करोड़ का भुगतान
योगी सरकार ने धान और गेहूं तक ही खरीद व्यवस्था को सीमित नहीं रखा, बल्कि पोषक अनाजों को भी प्राथमिकता दी. वर्ष 2022-23 से पहली बार बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की गई. वर्ष 2025-26 तक 1,48,718 किसानों से 7,13,759.88 मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 1,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया.
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उत्तर प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में योगी सरकार की सरकारी खरीद नीति ने पिछले नौ वर्षों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पारदर्शी खरीद व्यवस्था, समयबद्ध भुगतान और डिजिटल प्रक्रिया के कारण प्रदेश के किसानों का सरकारी खरीद प्रणाली पर भरोसा मजबूत हुआ है. धान खरीद के क्षेत्र में राज्य ने नया रिकॉर्ड स्थापित करते हुए वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक 80,39,539 किसानों से धान की खरीद की और उनके बैंक खातों में 1.03 लाख करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया है.
पारदर्शी व्यवस्था ने बढ़ाया किसानों का विश्वास
योगी सरकार ने धान खरीद प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है. प्रदेशभर में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई गई, किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की गई, डिजिटल सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई और भुगतान सीधे बैंक खातों में भेजने की प्रणाली को मजबूत किया गया. इससे किसानों को एमएसपी का पूरा लाभ समय पर मिल रहा है.
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मोटे अनाजों के लिए किसानों को मिला सरकारी खरीद का मजबूत आधार
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योगी सरकार ने धान और गेहूं तक ही खरीद व्यवस्था को सीमित नहीं रखा, बल्कि पोषक अनाजों को भी प्राथमिकता दी. वर्ष 2022-23 से पहली बार बाजरा की सरकारी खरीद शुरू की गई. वर्ष 2025-26 तक 1,48,718 किसानों से 7,13,759.88 मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 1,854 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. इसी प्रकार वर्ष 2023-24 से पहली बार ज्वार की सरकारी खरीद प्रारंभ हुई, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों में 26,972 किसानों को 363.35 करोड़ रुपए का भुगतान मिला. वहीं वर्ष 2018-19 से 2025-26 तक मक्का खरीद के माध्यम से 34,578 किसानों को 582.04 रुपए करोड़ का भुगतान किया गया. इससे मोटे अनाजों की खेती करने वाले किसानों को भी एमएसपी का लाभ मिला और उनकी आय में वृद्धि हुई.
कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास
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खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीद व्यवस्था केवल फसल खरीद का माध्यम नहीं रह गई है, बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है. समय पर भुगतान, पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और खरीद केंद्रों की बेहतर उपलब्धता ने किसानों का भरोसा बढ़ाया है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है और कृषि क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है. योगी सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण खेती को अधिक लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.