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हिंदू धर्म के खिलाफ...हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण' पर बवाल, भड़के खड़गे
हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की विजय शंखनाद रैली के बाद हिंदू संगठनों ने इसके बाद शुद्धिकरण यज्ञ किया. इसके बाद सियासत तेज हो गई है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है और हिंदू धर्म के खिलाफ करार दिया है.
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुई 'विजय शंखनाद रैली' के बाद अब सियासत तेज हो गई है. रैली खत्म होने के बाद मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ कराए गए, जिसको लेकर कांग्रेस पार्टी ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और हिंदू संगठनों पर निशाना साधा है. आठ अगस्त को आयोजित कांग्रेस की रैली को खड़गे ने संबोधित किया था. इसके बाद श्रीराम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास की ओर से रामलीला मैदान में शुद्धि हवन किया गया.
हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में किया गया शुद्धिकरण यज्ञ
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटनाक्रम पर कहा कि कांग्रेस शुरू से कहती रही है कि देश में दलितों के लिए जगह नहीं है. धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है.
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ये हिंदू धर्म के खिलाफ!
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खड़गे ने सवाल उठाया कि रामलीला मैदान सभी राजनीतिक दलों की जनसभाओं के लिए इस्तेमाल होता है, ऐसे में वहां हवन करने की जरूरत क्या थी? खड़गे ने आगे कहा कि इस तरह का आयोजन सबसे पहले हिंदू धर्म के ही खिलाफ है. ऐसे कदम देश को बांटने और जातियों के बीच विवाद पैदा करने का काम करते हैं.
वहीं श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष गिरीश पांडे और पंडित मोहन शास्त्री ने कहा कि रैली के बाद रामलीला मैदान में शुद्धिकरण हवन किया गया. उनका आरोप है कि रैली के दौरान धार्मिक नारों और टिप्पणियों से मैदान की पवित्रता प्रभावित हुई है.
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हल्द्वानी में खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान में किया गया शुद्धिकरण यज्ञ, भड़के मल्लिकार्जुन खड़गे.#Haldwani #MallikarjunKharge pic.twitter.com/IIkxo0Lnrw
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">August 13, 2026
गिरीश पांडे ने कहा, "यह यज्ञ इस पवित्र स्थान की पवित्रता को बहाल करने के लिए किया गया था. यह यज्ञ 'श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास' की देखरेख में आयोजित किया जा रहा है. हिंदुओं की भावनाएं इसलिए आहत हुईं, क्योंकि मंच पर एक ऐसे व्यक्ति को जगह दी गई जो हिंदू संगठनों की तुलना सांपों से करता है और मुस्लिम समुदाय से उन्हें खत्म करने की अपील करता है."
पंडित मोहन शास्त्री ने कहा, "हम रामलीला मैदान में सद्बुद्धि के लिए यज्ञ कर रहे हैं. दो-तीन दिन पहले, धर्म-विरोधी तत्वों ने हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र के खिलाफ बयान दिए और हिंदू धर्म व उसके विनाश के बारे में बातें कहीं."
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क्या बोले हिंदू संगठन?
संगठन के सदस्यों ने खड़गे को सनातन और हिंदू संगठनों का विरोधी बताते हुए कहा कि जिस मैदान में रामलीला का मंचन होता है. वहां ऐसे व्यक्ति के आने के बाद मैदान का शुद्धिकरण किया जाना जरूरी था. संगठन ने खड़गे के पिछले कथित सनातन विरोधी बयानों को भी इसका आधार बताया.
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कांग्रेस की 'विजय शंखनाद रैली' में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हुए थे. रैली के बाद उनके जाने के बाद हुए इस यज्ञ को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है. श्री राम सेना का कहना है कि यह यज्ञ उस स्थान की पवित्रता को वापस लाने के लिए किया गया है, जहां धार्मिक कार्यक्रम होते हैं. वहीं कांग्रेस इस कदम को राजनीतिक बताया रही है. फिलहाल हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए इस शुद्धिकरण यज्ञ के बाद उत्तराखंड की राजनीति में बयानबाजी का दौर तेज हो गया है.