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आधी रात अब्बास अंसारी के घर पुलिस ने दी दबिश, थमा दिया नोटिस- पुश्तैनी आवास में नहीं रह पाएंगे मऊ विधायक!

अंसारी परिवार का पूर्वांचल की राजनीति में खासा दबदबा रखता है, हालांकि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार के अपराधिक रिकॉर्ड खंगालकर कार्रवाई तेज की गई.

Source- Screengrab/Video Input
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योगी राज में UP से माफियाओं का सफाया हो रहा है. एक तरफ पुलिस कानून अपराधियों और बाहुबलियों पर कानून का फंदा कस रही है, तो दूसरी ओर उनके अवैध सम्राज्य को भी मिट्टी में मिला रही है. फिर न रसूख काम करता है न अकूत संपत्ति, कुछ ऐसा ही हुआ मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी के साथ, मऊ से विधायक अब्बास अंसारी अपने पैतृक आवास नहीं रह पाएंगे. 

गाजीपुर पुलिस ने देर रात मुहम्मदाबाद के उनके पैतृक आवास 'फाटक' पर शासन का आधिकारिक नोटिस दिया है. बताया जा रहा है पुलिस ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के बाद की है. दावा किया जा रहा है कि अब्बास अंसारी पिछले कई दिनों से बिना किसी नए अदालती आदेश के यहां आकर लगातार रुक रहे हैं.

क्या है पूरा मामला और क्यों मिला अब्बास अंसारी को नोटिस? 

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अंसारी परिवार का पूर्वांचल की राजनीति में खासा दबदबा रखता है, हालांकि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अंसारी परिवार के अपराधिक रिकॉर्ड खंगालकर कार्रवाई तेज की गई. देर रात अब्बास अंसारी के घर हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया. 

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दरअसल, चित्रकूट में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब्बास अंसारी को मानवीय आधार पर राहत दी थी. इसके तहत वह तीन दिनों के लिए गाजीपुर में प्रवास कर सकते हैं. अब्बास के वकीलों ने पुलिस को जो कार्यक्रम भेजा था, उसके मुताबिक, अब्बास को 13 मई को गाजीपुर आना था. हालांकि कोर्ट की ओर से दी गई समय सीमा खत्म होने के बाद भी अब्बास अंसारी यहां अपने पैतृक आवास आकर रात्रि विश्राम करते रहे. जब ये जानकारी पुलिस को मिली तो वह दल बल के साथ ‘फाटक’ पहुंची और आधिकारिक नोटिस थमा दिया. पुलिस ने कहा, 

‘सुप्रीम कोर्ट से 13 मई से केवल तीन दिन तक पैतृक आवास में रहने की अनुमति मिली थी, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी है. इसके बाद यदि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट से कोई लिखित अनुमति मिली है तो उसे दिखाया जाए.’

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बताया जा रहा है मुहम्मदाबाद CO रात करीब 11-12 बजे के बीच अब्बास अंसारी के पैतृक आवास पहुंचे. वहां, अब्बास अंसारी उन्हें मिले, इसके बाद पुलिस ने सीधे उन्हें ही नोटिस थमाया. 
प्रशासन के नोटिस में क्या लिखा था? 

पुलिस की ओर से दिए गए नोटिस में बेहद सख्ती से पूछा गया था कि अब्बास अंसारी मौजूदा समय में किस कानूनी या अदालती आदेश के तहत इस आवास पर रह रहे हैं. नोटिस में साफ किया गया कि उनके पास गाजीपुर में रुकने का कोई वैध और नया अदालती आदेश है, तो उसे तुरंत पुलिस के सामने पेश करें, नहीं तो गाजीपुर छोड़ दें. 

वहीं, पुलिस के सवालों का अब्बास अंसारी कोई जवाब नहीं दे सके, न ही वह कोई अदालती आदेश दिखा सके. हालांकि उन्होंने इतना जरूर बताया कि जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट से रोक लगी थी, वह केस हाईकोर्ट में खत्म हो चुका है. उन्हें सिर्फ अपने चुनावी क्षेत्र मऊ में रहने से रोका गया था. गाजीपुर में रहने को लेकर उन्होंने पहले ही मऊ डीएम और एसपी को लिखित सूचना दे दी थी. 
इसके बाद पुलिस ने उन्हें लिखित जवाब देने और संबंधित दस्तावेज़ पेश करने के लिए महज एक दिन यानी 24 घंटे का समय दिया है. 

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माना जा रहा है अगर अब्बास अंसारी तय समय में कोई वैध आदेश नहीं दिखा पाते हैं तो इसे कोर्ट के आदेश की अवहेलना माना जाएगा. इससे आगे चलकर उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है. ऐसे में हर हाल में अब्बास अंसारी को लिखित जवाब देना होगा, वो भी 24 घंटे की समय सीमा के अंदर. 

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