ममता बनर्जी के खिलाफ अश्लील वीडियो का मामला, TMC ने चुनाव आयोग से की सख्त कार्रवाई की मांग
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की छवि धूमिल करने वाले आपत्तिजनक वीडियो के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए दोषियों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है.
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अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल को एक गंभीर शिकायत पत्र भेजा है. इसमें भाजपा से जुड़े मदन मोहन जेना पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य की महिलाओं के खिलाफ अश्लील, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है.
ममता बनर्जी पर अभद्र टिप्पणी के खिलाफ शिकायत
शिकायत में कहा गया है कि मदन मोहन जेना लगातार ममता बनर्जी के खिलाफ यौन रूप से स्पष्ट, निंदात्मक और अश्लील टिप्पणियां कर रहे हैं. ममता बनर्जी न सिर्फ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, बल्कि वे 2026 के विधानसभा चुनाव में भवानीपुर सीट से उम्मीदवार भी हैं. इन वीडियो को सुनियोजित तरीके से फैलाया जा रहा है, जिसका मकसद उनकी गरिमा, प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को धूमिल करना है.
TMC ने चुनाव प्रभावित करने की साजिश बताया
टीएमसी ने आरोप लगाया कि ये वीडियो केवल व्यक्तिगत हमला नहीं हैं, बल्कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की साजिश का हिस्सा हैं. जेना द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा अत्यंत अश्लील और द्वेषपूर्ण बताई गई है, जो एक संवैधानिक पद पर आसीन महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाती है. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इससे पूरे देश की महिलाओं का अपमान हुआ है.
सांप्रदायिक तनाव और दंगे भड़कने की जताई आशंका
शिकायत पत्र में आगे कहा गया कि जेना ने पश्चिम बंगाल की महिलाओं को भी निशाना बनाया है. उन्होंने महिलाओं के खिलाफ यौन रूप से आपत्तिजनक और सामान्य टिप्पणियां की हैं, जो लिंग और क्षेत्रीय पहचान के आधार पर पूरे वर्ग का अपमान करती हैं. इससे राज्य में महिलाओं के प्रति दुश्मनी और अनादर का माहौल बन रहा है. इसके अलावा, इन वीडियो में धार्मिक समुदायों, खासकर अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भी भड़काऊ और अपमानजनक टिप्पणियां शामिल हैं. टीएमसी का दावा है कि चुनाव के पहले के तनावपूर्ण माहौल में ऐसी सामग्री से कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है और सांप्रदायिक दंगे भड़क सकते हैं.
TMC ने चुनाव आयोग से की शिकायत
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शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराओं (79, 171, 174, 175, 192, 196, 197, 292, 299, 302, 351, 353, 356) के साथ आईटी एक्ट 2000 की धारा 67/67ए का उल्लंघन बताया गया है. साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम ( RPA) 1951 की धारा 123 (2), 123 (3), 123 (3ए), 123 (4) और आदर्श आचार संहिता (MCC) का भी उल्लंघन का आरोप है. टीएमसी ने इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
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