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दतिया में भरी सभा में रो पड़े नरोत्तम मिश्रा, बोले- भाई आशुतोष को जिताऊंगा
टिकट नहीं मिलने का सीधा उल्लेख किए बिना मिश्रा ने अपने भाषण में पिछले 20 वर्षों में दतिया के राजनीतिक सफर की चर्चा की. उन्होंने कहा, "जब मैं लगभग दो दशक पहले यहां चुनाव लड़ने आया था, तब कांग्रेस सरकार के दौरान दतिया में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं. आज दतिया की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. सड़कें बनी हैं, गांवों तक विकास पहुंचा है और यहां से हवाई सेवाएं भी शुरू हो गई हैं. यह बदलाव भाजपा सरकार की वजह से संभव हुआ है."
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मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सोमवार को दतिया में सीएम मोहन यादव की उपस्थिति में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक हो गए और रो पड़े. नरोत्तम मिश्रा दतिया से लंबे समय से प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं लेकिन इस बात उनका टिकट कट गया. टिकट कटने के बाद वह पहली बार सभा को संबोधित कर रहे थे.
मंच पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के लिए खड़े हुए नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को जिताने की अपील की, इसके बाद वह भावुक हो गए. इससे यह संकेत मिला कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत निराशा को पीछे छोड़ दिया है और पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से प्रचार करेंगे.
संबोधन के दौरान भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा
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मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में आशुतोष तिवारी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद आयोजित एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए मिश्रा अपने आंसू नहीं रोक सके. उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से दतिया की जनता के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया.
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उन्होंने कहा, "मैं हर भाजपा कार्यकर्ता से अपील करता हूं कि वह आशुतोष तिवारी की जीत के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करे. 16 जुलाई से लेकर चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तक मैं लगातार आपके बीच रहूंगा. यह चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि दतिया के सम्मान और विकास का है."
अपने निर्वाचन क्षेत्र से लंबे जुड़ाव का जिक्र करते हुए छह बार के विधायक नरोत्तम मिश्रा भावुक हो गए. कुछ पल रुकने के बाद उन्होंने हाथ जोड़कर सभा से कहा, "मैं आप सबसे केवल एक बात चाहता हूं- दतिया की जनता की उसी समर्पण भावना के साथ सेवा करते रहिए. यदि जरूरत पड़े तो इस धरती के लोगों के लिए सब कुछ त्यागने के लिए तैयार रहिए."
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टिकट कटने के बाद पहली सभा
इसके बाद नरोत्तम मिश्रा आगे बोल नहीं सके और रो पड़े. भाजपा कार्यकर्ताओं के जोरदार नारों के बीच वे वापस अपनी सीट पर जाकर बैठ गए.
यह भावुक संबोधन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना गया क्योंकि कुछ ही दिन पहले भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया था और उनकी जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था.
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टिकट नहीं मिलने का सीधा उल्लेख किए बिना मिश्रा ने अपने भाषण में पिछले 20 वर्षों में दतिया के राजनीतिक सफर की चर्चा की. उन्होंने कहा, "जब मैं लगभग दो दशक पहले यहां चुनाव लड़ने आया था, तब कांग्रेस सरकार के दौरान दतिया में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं. आज दतिया की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है. सड़कें बनी हैं, गांवों तक विकास पहुंचा है और यहां से हवाई सेवाएं भी शुरू हो गई हैं. यह बदलाव भाजपा सरकार की वजह से संभव हुआ है."
कांग्रेस पर साधा निशाना
मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष विकास के मुद्दे पर बात करने से बच रहा है और भाजपा के अंदरूनी मामलों को मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है.
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उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष के पास जनता के सामने रखने के लिए विकास का कोई एजेंडा नहीं है, इसलिए वह भाजपा के आंतरिक मामलों पर चर्चा कर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है.
आशुतोष तिवारी ने मांगा समर्थन
इससे पहले भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, नरोत्तम मिश्रा और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.
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नामांकन दाखिल करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए आशुतोष तिवारी ने कहा, "मैंने राजनीति में नरोत्तम मिश्रा जी से बहुत कुछ सीखा है. वे मेरे बड़े भाई जैसे हैं. मैं सभी भाजपा कार्यकर्ताओं और दतिया की जनता से आशीर्वाद और सहयोग चाहता हूं. हम सब मिलकर भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे."
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दतिया विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कराया जा रहा है. मतदान 30 जुलाई को होगा जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी.