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नागपुर एयरपोर्ट बनेगा विदर्भ और मध्य भारत के विकास का इंजन: सीएम फडणवीस

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एयरपोर्ट पर यात्री और कार्गो ट्रैफिक के लिए दो टर्मिनल और दो रनवे जरूरी हैं. इस हस्तांतरण के बाद अब इन कार्यों का रास्ता साफ हो गया है. एयरपोर्ट की मेट्रो और सड़क कनेक्टिविटी भी अच्छी है.

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26 Jun 2026
( Updated: 26 Jun 2026
11:31 AM )
नागपुर एयरपोर्ट बनेगा विदर्भ और मध्य भारत के विकास का इंजन: सीएम फडणवीस
Image Credits: X/@CMOMaharashtra
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि नागपुर एयरपोर्ट विदर्भ और मध्य भारत के विकास का इंजन बनेगा, खासकर तब जब नागपुर और आसपास के क्षेत्रों में मेंटेनेंस कमांड, ऑटो-एविएशन और डिफेंस एविएशन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश आ रहे हैं.

उन्होंने कहा कि इन उद्योगों के साथ-साथ कृषि, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों का विकास भी तेजी से होगा, जिससे बाबा साहेब अंबेडकर नागपुर एयरपोर्ट नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के आर्थिक विकास का केंद्र बनेगा.

मुख्यमंत्री नागपुर एयरपोर्ट परिसर में जीएमआर कंपनी को एयरपोर्ट सौंपने के कार्यक्रम में बोल रहे थे. इस मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजारापु राममोहन नायडू, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल पटेल भी मौजूद थे.

2029 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य

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फडणवीस ने कहा कि देशभर में नए एयरपोर्ट बनाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने नागपुर एयरपोर्ट को ज्यादा बड़ा और सुंदर बनाने का निर्णय लिया है. इसके लिए 2018 में टेंडर जारी किए गए थे. 2019 में जीएमआर कंपनी को चुना गया, लेकिन मामले में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गईं, और अंततः सकारात्मक फैसला आया.

उन्होंने कहा कि लगातार केंद्र सरकार से इस परियोजना को लेकर बातचीत की गई और प्रधानमंत्री मोदी ने पूरा समर्थन दिया. इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दी और गुरुवार को एयरपोर्ट को आधुनिकीकरण, विस्तार और विकास के लिए जीएमआर कंपनी को सौंप दिया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एयरपोर्ट पर यात्री और कार्गो ट्रैफिक के लिए दो टर्मिनल और दो रनवे जरूरी हैं. इस हस्तांतरण के बाद अब इन कार्यों का रास्ता साफ हो गया है. एयरपोर्ट की मेट्रो और सड़क कनेक्टिविटी भी अच्छी है.

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा और अगले एक साल में यात्रियों के लिए सुविधाओं और स्वरूप में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. पूरी परियोजना को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य है.

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कार्गो हब से निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागपुर में स्थित मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब और एयरपोर्ट और महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के लिए जमीन और हरसंभव सहयोग देगी. नागपुर और विदर्भ में हो रहा औद्योगिक विकास पड़ोसी राज्यों तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को भी लाभ देगा, जिससे यह एयरपोर्ट पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति का केंद्र बनेगा.

नितिन गडकरी बोले- ऐतिहासिक कदम

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे यात्रियों को बेहतरीन हवाई सुविधा मिलेगी और कार्गो हब के जरिए निर्यात को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा. नागपुर देश के चारों बड़े मेट्रो शहरों से कुछ ही घंटों में जुड़ा हुआ है और यह लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी जाना जाता है. इसलिए एयरपोर्ट विकास और दूसरे रनवे की जरूरत पूरी होगी.

उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर के आसपास 350 से अधिक जनसंख्या वाले बाघों के टाइगर रिजर्व हैं, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

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विदर्भ के विकास की उड़ान: राममोहन नायडू

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि यह केवल एयरपोर्ट का हस्तांतरण नहीं, बल्कि विदर्भ के विकास की उड़ान है. यह एयरपोर्ट अब सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं रहेगा, बल्कि औद्योगिक विकास का बड़ा केंद्र बनेगा. कार्गो हब के जरिए विदर्भ में नए विकास के अवसर खुलेंगे.

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उन्होंने भरोसा जताया कि एयरपोर्ट की मौजूदा सालाना क्षमता 30 लाख यात्रियों से बढ़कर 60 लाख हो जाएगी और आगे चलकर यह 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंच सकती है. नागपुर से दुबई, सिंगापुर, यूरोप और अमेरिका जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए सीधी उड़ानों को प्राथमिकता दी जाएगी.

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