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यूपी के स्कूलों में चलेगा ‘माई हेल्थ वर्ल्ड’ अभियान, बच्चों को सिखाई जाएगी स्वस्थ जीवनशैली

सरकार का मानना है कि विद्यालय बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं. इसी सोच के अनुरूप स्वास्थ्य शिक्षा, पोषण जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है. इससे विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित होगा और उनका सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होगा.

Image Credit: File Photo/IANS
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार विद्यालयों में स्वास्थ्य शिक्षा, पोषण जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए व्यापक अभियान चला रही है. इसके अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में भारत सरकार द्वारा विकसित 'माई हेल्थ वर्ल्ड' शिक्षण-अधिगम सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी. 

इसके माध्यम से विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधियों, मानसिक स्वास्थ्य, स्वच्छ आदतों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाया जाएगा.

सभी स्कूलों तक पहुंचेगी ‘माई हेल्थ वर्ल्ड’ सामग्री

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महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी डायट प्राचार्यों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों (बेसिक), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. निर्देशों के अनुसार 'माई हेल्थ वर्ल्ड' पुस्तक के हिंदी एवं अंग्रेजी संस्करण तथा अन्य शिक्षण संसाधन सभी परिषदीय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों तक उपलब्ध कराए जाएंगे. इनका उपयोग कक्षा शिक्षण के साथ-साथ प्रार्थना सभा, बाल सभा, अभिभावक-शिक्षक बैठक, विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रमों तथा अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में किया जाएगा. शिक्षकों को भी प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से इस सामग्री के प्रभावी उपयोग के लिए जागरूक किया जाएगा.

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शिक्षकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

सरकार का मानना है कि विद्यालय बच्चों में स्वस्थ आदतों के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं. इसी सोच के अनुरूप स्वास्थ्य शिक्षा, पोषण जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन को विद्यालयी शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है. इससे विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार व्यवहार विकसित होगा और उनका सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होगा.

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जंक फूड के नुकसान और पौष्टिक भोजन के फायदे बताए जाएंगे

विद्यालयों में विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, जंक फूड के दुष्प्रभाव, नियमित योग एवं खेलकूद, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ दिनचर्या के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा. विद्यालयों की समय-सारिणी के अनुसार खेल गतिविधियों का नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही 'स्वस्थ अंग-स्वस्थ जीवन' विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बच्चों को स्वास्थ्य और अस्वस्थ जीवनशैली के प्रभावों से भी अवगत कराया जाएगा.

स्क्रीन टाइम और बेहतर नींद पर भी रहेगा जोर

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निर्देशों में विद्यार्थियों को स्क्रीन टाइम के संतुलित उपयोग, डिजिटल उपकरणों के जिम्मेदार इस्तेमाल तथा पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण नींद के महत्व के प्रति जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया है. इसके साथ ही विद्यालयों की समय-सारिणी तथा अतिरिक्त समय में विद्यार्थियों को पुस्तकालय की पुस्तकें पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि उनमें पढ़ने की आदत विकसित हो और बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिले.

विद्यालयों में बैगलेस-डे गतिविधियों के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण विषयक परियोजना कार्य, पोस्टर निर्माण, चित्रकला, वाद-विवाद, निबंध, प्रश्नोत्तरी, रोल-प्ले, क्रिकेट, नाटक तथा अन्य अनुभवात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा. इसके माध्यम से विद्यार्थी स्वास्थ्य और पोषण संबंधी विषयों को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित होंगे.

अभिभावकों तक भी पहुंचाए जाएंगे स्वास्थ्य संदेश

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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा विकसित अध्ययन सामग्री एवं डिजिटल संसाधनों का विद्यालयों में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही विद्यालयों के सूचना पट्ट, विभागीय व्हाट्सएप समूहों, विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकों तथा अन्य उपयुक्त माध्यमों से स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों में भी स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके.

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