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एमपी-राजस्थान-यूपी मिलकर रोकेंगे अवैध रेत खनन, अब ड्रोन-CCTV से होगी चंबल की निगरानी

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य और अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मंगलवार को मुरैना के देवरी स्थित सर्किट हाउस में अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.

एमपी-राजस्थान-यूपी मिलकर रोकेंगे अवैध रेत खनन, अब ड्रोन-CCTV से होगी चंबल की निगरानी
Image Credits: Input/Morena Reporter
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राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य और अंतरराज्यीय सीमा क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन, भंडारण एवं परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मंगलवार को मुरैना के देवरी स्थित सर्किट हाउस में अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश के प्रशासनिक, पुलिस, वन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर अवैध खनन के खिलाफ समन्वित एवं तकनीक आधारित कार्रवाई की व्यापक कार्ययोजना तैयार की.

मुरैना में अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक

बैठक की अध्यक्षता चम्बल संभाग आयुक्त सुरेश कुमार ने की. इस दौरान डीआईजी सुनील जैन, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, कलेक्टर धौलपुर श्रीनिधि बी.टी., पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, पुलिस अधीक्षक धौलपुर विकास सांगवान, वन एवं खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित तीनों राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहे.

बैठक में अवैध रेत खनन से प्रभावित संवेदनशील क्षेत्रों, चेकपोस्टों, परिवहन मार्गों तथा संयुक्त कार्रवाई की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाने, निगरानी तंत्र को मजबूत करने तथा रियल टाइम सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित करने पर सहमति व्यक्त की.

तीन स्तरों पर होगी कार्रवाई
चम्बल डीआईजी सुनील जैन ने अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि घाटों एवं खनन स्थलों पर निगरानी, परिवहन मार्गों पर सघन जांच तथा अवैध रेत के भंडारण एवं उपयोग स्थलों पर कार्रवाई एक साथ की जाएगी. उन्होंने बिना पंजीयन वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा डिजिटल रिकॉर्ड संधारण को आवश्यक बताया.

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ड्रोन और सीसीटीवी से होगी चौबीसों घंटे निगरानी
बैठक में निर्णय लिया गया कि घाटों, पुलों और संवेदनशील मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन, नाइट विजन कैमरे और वाई-फाई आधारित निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी. साथ ही संयुक्त नियंत्रण कक्षों को मजबूत कर राज्यों के बीच रियल टाइम डाटा शेयरिंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी.

जीपीएस और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने सभी वैध खनिज परिवहन वाहनों में जीपीएस आधारित निगरानी प्रणाली और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने पर बल दिया. उन्होंने संदिग्ध वाहनों पर त्वरित कार्रवाई के लिए प्रभावी एसओपी तैयार करने की आवश्यकता बताई.

वन्यजीव संरक्षण को भी मिलेगी प्राथमिकता
वन विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय चम्बल अभ्यारण्य में घड़ियाल, डॉल्फिन एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संवेदनशील नेस्टिंग साइटों पर विशेष निगरानी, फेंसिंग और कैमरा नेटवर्क बढ़ाने का सुझाव दिया.

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हर तीन माह में होगी समीक्षा बैठक
बैठक में यह भी तय किया गया कि अंतरराज्यीय माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित होगी. साथ ही जब्ती, गिरफ्तारी और अन्य प्रवर्तन कार्यवाहियों के लिए एक समान प्रक्रिया विकसित कर राज्यों के बीच डाटा साझाकरण को और प्रभावी बनाया जाएगा.

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मुरैना से सन्तोष शर्मा की रिपोर्ट.......

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