Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

BSP की राजनीतिक जिम्मेदारी पर मायावती का बड़ा फैसला, आकाश के बाद अब इस भतीजे को सौंपेंगी बड़ी जिम्मेदारी

बीएसपी प्रमुख मायावती ने फैसला लिया है कि आकाश आनंद और उनकी बहन को बीएसपी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. आनंद कुमार के परिवार से अब केवल ईशान आनंद को आगे बढ़ाया जाएगा.

Image Source: Ishan Anand (FB)
Loading Ad...

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने परिवार और पार्टी की जिम्मेदारियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. मायावती ने स्पष्ट किया है कि उनके भाई आनंद कुमार के परिवार से आकाश आनंद और उनकी बहन को अब पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके बजाय परिवार से केवल ईशान आनंद को सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा. मायावती ने यह फैसला पार्टी संगठन और बहुजन आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए लेने की बात कही है.

मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राजनीति में सफल होने और समाज के लिए काम करने वाले व्यक्ति को भाई-बहनों तथा करीबी रिश्तेदारों के मोह से ऊपर उठना चाहिए. उनके मुताबिक, राजनीति में ईमानदारी और निष्ठा सबसे जरूरी है और व्यक्तिगत रिश्तों को संगठन के हित से ऊपर नहीं रखा जा सकता.

मायावती ने छोटे भाई का किया जिक्र 

Loading Ad...

मायावती ने इस फैसले को बीएसपी के संस्थापक कांशीराम की सोच से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि कांशीराम ने राजनीति में आने के बाद अपने करीबी रिश्तेदारों को राजनीतिक लाभ देने से दूरी बनाए रखी थी. उनके अनुसार, रिश्तेदारों को संगठन में काम करने की अनुमति थी, लेकिन इसका आधार निःस्वार्थ भावना होना चाहिए था. मायावती ने कहा कि उन्होंने भी कांशीराम से प्रेरणा लेकर अपना जीवन बहुजन समाज के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया. उन्होंने अपने छोटे भाई आनंद कुमार का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला होने के कारण परिस्थितियों के चलते उन्हें अपने किसी न किसी भाई-बहन को अपने साथ रखना पड़ा. इसी क्रम में आनंद कुमार लंबे समय से उनकी सेवा में कार्यरत रहे हैं.

Loading Ad...

आकाश आनंद पर मायावती ने क्या कहा?

Loading Ad...

आकाश आनंद को लेकर मायावती ने अपने पोस्ट में विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि आनंद कुमार के विशेष आग्रह पर उनके बड़े बेटे आकाश आनंद को राजनीति में आगे बढ़ाया गया था. हालांकि, मायावती के अनुसार, शादी के बाद आकाश आनंद के रवैये और गतिविधियों के चलते उन्हें कुछ दिन पहले पार्टी से अलग करने का फैसला लिया गया. मायावती ने आकाश आनंद के संबंध में उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश आनंद अब उनके प्रभाव में पूरी तरह फंस चुके हैं. मायावती ने कहा कि ऐसी स्थिति में उन्हें पार्टी में वापस लेना संगठन के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात होगा. यह मायावती का अपना सार्वजनिक बयान और आरोप है. बीएसपी प्रमुख ने कहा कि आनंद कुमार के परिवार से आगे किसे पार्टी में जिम्मेदारी दी जाए, इसे लेकर वह कुछ समय से दुविधा में थीं. सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद उन्होंने तय किया कि परिवार से ऐसे सदस्य को आगे बढ़ाया जाए, जो आकाश आनंद के रास्ते पर न चले.

यह भी पढ़े: ‘रस्सी जल गई, अकड़ नहीं गई’... अखिलेश यादव पर बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का तीखा वार

बहन को भी जिम्मेदारी से रखा बाहर

Loading Ad...

मायावती ने आनंद कुमार की बेटी को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि भविष्य में उनकी मदद लेने का सवाल सामने आ सकता है, लेकिन शादी के बाद यदि उनका रवैया भी आकाश आनंद जैसा रहा तो यह पार्टी के हित में नहीं होगा. इसी संभावना को देखते हुए उन्होंने आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से दूर रखने का फैसला किया है. उन्होंने साफ किया कि इस निर्णय में आगे कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही आनंद कुमार के परिवार से केवल ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा.

ईशान आनंद पर भी मायावती की नजर

मायावती ने ईशान आनंद को लेकर फिलहाल भरोसा जताया, लेकिन साथ ही भविष्य को लेकर सावधानी भी बरती. उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसा ही दिखाई देता है कि ईशान आनंद का आकाश आनंद की तरह कोई मामला नहीं रहेगा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य के बारे में अभी कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता. मायावती ने कहा कि यदि ईशान आनंद भी पार्टी विरोधी कोई गंभीर कृत्य करते हैं तो उन्हें भी पार्टी से बाहर किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में आनंद कुमार के परिवार के किसी दूसरे सदस्य को भी पार्टी में छोटी या बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके बजाय संगठन में काम कर रहे दलित वर्ग के किसी मिशनरी और वफादार कार्यकर्ता को आगे बढ़ाने की बात कही गई है.

Loading Ad...

यह भी पढ़े: हर जिले में गोवंश के लिए बनेगा इमरजेंसी रेस्क्यू सिस्टम, गो संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट करेगी योगी सरकार

23 सितंबर को अहम बैठक

मायावती ने बताया कि देश और जनहित से जुड़े जरूरी मुद्दों के साथ इस पूरे विषय पर चर्चा के लिए 23 सितंबर को बीएसपी की ऑल इंडिया बैठक बुलाई गई है. उनका कहना है कि बैठक का उद्देश्य संगठन से जुड़े जरूरी विषयों पर विचार करना और पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपने काम में पूरी तरह जुटाना है.

Loading Ad...

कांशीराम और आंबेडकर के पत्र का किया जिक्र

मायावती ने अपने फैसले के पीछे कांशीराम की विचारधारा के साथ बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के एक पत्र का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि 23 फरवरी 1956 को 26 अलीपुर रोड, सिविल लाइन्स, नई दिल्ली से डॉ. आंबेडकर ने बंबई में अपने बेटे यशवंत बी. आंबेडकर को पत्र लिखा था. मायावती के अनुसार, इस पत्र में डॉ. आंबेडकर ने बौद्ध भूषण प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े काम और सार्वजनिक संपत्ति के इस्तेमाल को लेकर सख्त रुख अपनाया था. उन्होंने कहा था कि प्रेस सार्वजनिक संपत्ति है, इसलिए उसके खातों में किसी तरह की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती. मायावती ने इसी उदाहरण के जरिए यह बताने की कोशिश की कि संगठन और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों में पारिवारिक रिश्तों से ऊपर सिद्धांतों को रखा जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि मायावती का यह फैसला बीएसपी में परिवार की राजनीतिक भूमिका को लेकर एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया है. अब 23 सितंबर की बैठक में पार्टी के भीतर इस फैसले और संगठन से जुड़े अन्य मुद्दों पर क्या चर्चा होती है, इस पर नजर रहेगी.

LIVE
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...