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योगी सरकार की बड़ी सफलता... UP में 'सीएम युवा योजना' से 10 हजार से अधिक युवा बने आत्मनिर्भर
उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाई है. अब तक 10,000 से अधिक इनोवेटिव स्टार्टअप उभर चुके हैं, जिससे युवा न केवल रोजगार पा रहे हैं बल्कि नए रोजगार भी सृजित कर रहे हैं.
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उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में इनोवेशन आधारित स्टार्टअप तेजी से उभर रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं को न केवल रोजगार मिल रहा है बल्कि वे खुद रोजगार सृजनकर्ता भी बन रहे हैं.
10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित
सीएम युवा योजना के माध्यम से प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में उद्यमिता को लेकर आत्मविश्वास तेजी से बढ़ा है. खास बात यह है कि युवा पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर नए और आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं.
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नोडल अधिकारी का दृष्टिकोण
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सीएम युवा के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, ‘सीएम युवा’ जैसी योजनाओं के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. उन्होंने बताया कि सीएम युवा के माध्यम से अब तक स्थापित कुल उद्यमों में 10 प्रतिशत इनोवेटिव मॉडल पर आधारित उद्यम हैं. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसे 25 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
युवा कहां कर रहे हैं निवेश
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अगर सेक्टरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो, फूड और रेस्टोरेंट व्यवसाय युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां सर्वाधिक 763 उद्यम स्थापित हुए हैं. इसके अलावा कंप्यूटर ट्रेनिंग (370), पैथोलॉजी सैंपलिंग (260), फास्ट फूड (253), फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल (253) और ऑनलाइन टीचिंग (189) जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है. वहीं, जिम (170), मोबाइल आईटी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म (120), ट्रैवल एंड टूरिज्म (117) और क्लाउड किचन (117) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं.
लखनऊ सबसे आगे
जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो राजधानी लखनऊ 287 उद्यमों के साथ शीर्ष पर है. इसके बाद आजमगढ़ (286), हरदोई (262), जौनपुर (लगभग 250), अंबेडकर नगर (241), कानपुर (236), वाराणसी (229), रायबरेली (225), बरेली (208) और फिरोजाबाद (197) जैसे जनपद इनोवेटिव मॉडल अपनाने में अग्रणी बनकर उभरे हैं. योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा दी है.
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स्टार्टअप को मिली आर्थिक गति
इस पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में बैंकों की भूमिका भी बेहद अहम रही है. उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने सर्वाधिक 2,133 इनोवेटिव मॉडलों को ऋण उपलब्ध कराया है. इसके अलावा, एसबीआई (1,549), बैंक ऑफ बड़ौदा (1,170), पंजाब नेशनल बैंक (1018), बैंक ऑफ इंडिया (774), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (589), केनरा बैंक (585), इंडियन बैंक (573), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (399) और यूको बैंक (182) ने भी युवाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके स्टार्टअप को गति दी है.
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बताते चलें कि उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग के साथ युवा न केवल रोजगार पा सकते हैं, बल्कि स्वयं नए रोजगार सृजनकर्ता बनकर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकते हैं. यह पहल युवा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है.