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योगी सरकार का बड़ा फैसला, जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया, कैबिनेट से दे दी गई हरी झंडी
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बहुप्रतीक्षित और बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने की मंजूरी दे दी है. योगी कैबिनेट में इससे संबंधित प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई.
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव समेत 28 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. बैठक में कुल 29 प्रस्ताव रखे गए थे, जिनमें से एक मदरसा शिक्षा से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल स्थगित कर दिया गया.
कैबिनेट ने स्टार्टअप नीति-2026, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन, होमगार्डों के लिए पांच लाख रुपए तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना और तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे कई अहम प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई.
जलालाबाद का नाम बदलकर होगा परशुरामपुरी
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कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किया गया है. यह स्थान भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में मान्यता रखता है. केंद्र सरकार से अनापत्ति (एनओसी) मिलने के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी.
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योगी कैबिनेट का फैसला
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन को भी मंजूरी दी. सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत गठित होने वाले इस मिशन की संचालन समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव करेंगे. सरकार ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एक हजार करोड़ रुपए के स्टार्टअप फंड, प्रोटोटाइप और सीड कैपिटल सहायता तथा इनक्यूबेटरों को वार्षिक अनुदान का भी प्रावधान किया है. साथ ही समाप्त हो चुकी डेटा सेंटर नीति को दोबारा लागू करने का फैसला लिया गया. कैबिनेट ने प्रदेश के करीब 1.60 लाख होमगार्डों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी.
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और किन प्रस्तावों को दी गई योगी कैबिनेट में मंजूरी
सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि इसके अलावा मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना लागू करने का निर्णय लिया गया, जिसके तहत पशुओं का बीमा कराया जाएगा. योजना में प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालक वहन करेंगे. प्राकृतिक आपदा, बीमारी और दुर्घटना से पशु की मृत्यु होने पर बीमा का लाभ मिलेगा. श्रम विभाग के प्रस्ताव के तहत वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि आवंटित की जाएगी.
वहीं गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल स्थापित करने के लिए भी भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया. मेडिकल कॉलेज की आधी सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी.
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उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी. संशोधित व्यवस्था के तहत पात्र खिलाड़ियों को समूह 'ख' और 'ग' के विभिन्न पदों पर सीधे नियुक्ति दी जा सकेगी. इसके अलावा कैबिनेट ने बिल्हौर में महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय, गाजियाबाद में अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय और फतेहपुर में ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी. साथ ही रायबरेली में उद्यान महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना, लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की पेंशन संबंधी संशोधन, गोरखपुर और मुरादाबाद नगर निगम के लिए म्यूनिसिपल बॉन्ड तथा अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई.