Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, हथियार छोड़ने वाले 66 माओवादियों को मिलेंगे 6.60 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उन 66 आत्मसमर्पित माओवादियों को कुल 6.60 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी करने को मंजूरी दी, जिन पर पहले 5 लाख रुपए या उससे अधिक का इनाम घोषित था.

Image Credit: IANS
Loading Ad...

छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले माओवादियों को तत्काल आर्थिक सहायता और 36 महीने तक प्रतिमाह 10,000 रुपए का मानदेय दिया जाता है.

66 माओवादियों को मिलेगी 6.60 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि

इसके अलावा, भारी हथियारों या विस्फोटकों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने पर भी उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि और पुरस्कार दिए जाते हैं.

Loading Ad...

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उन 66 आत्मसमर्पित माओवादियों को कुल 6.60 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि जारी करने को मंजूरी दी, जिन पर पहले 5 लाख रुपए या उससे अधिक का इनाम घोषित था.

Loading Ad...

यह निर्णय 'नक्सली आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025' के तहत लिया गया है. इस नीति में यह प्रावधान है कि ऐसे आत्मसमर्पित माओवादी, जिन्हें सरकारी नौकरी में समायोजित नहीं किया जाता, उन्हें एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी.

किसे मिलेगी कितनी राशि

Loading Ad...

बीजापुर जिले के लाभार्थियों में लच्छू फरसा को 5 लाख रुपए मिलेंगे. वहीं, मिटकी काकेम (उर्फ सरिता), सीनू पदम (उर्फ चिन्ना) और लक्ष्मी मड़वी (उर्फ खुटो) को 8-8 लाख रुपए दिए जाएंगे. इसके अलावा सुशीला हेमला (उर्फ बुज्जी/विमला हेमला) को 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी.

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का उद्देश्य पूर्व माओवादियों को हिंसा का रास्ता हमेशा के लिए छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है.

सरकार का मानना है कि वित्तीय सहायता और पुनर्वास के माध्यम से इन लोगों को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर मिलेगा, जिससे वे समाज के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकेंगे.

Loading Ad...

राज्य सरकार का माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास को गति देने पर जोर

राज्य सरकार के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में आत्मसमर्पित माओवादियों को प्रोत्साहन राशि का वितरण छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने, विकास को गति देने और पुनर्वास प्रयासों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

यह पहल राज्य सरकार की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसमें एक ओर हिंसा और उग्रवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है, वहीं दूसरी ओर मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक लोगों को मानवीय और व्यवस्थित पुनर्वास का अवसर दिया जाता है.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

बता दें कि छत्तीसगढ़ को इसी वर्ष मार्च में माओवादी मुक्त राज्य घोषित किया जा चुका है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...