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दिल्ली वालों को महंगाई का बड़ा झटका… पेट्रोल-डीजल के बाद बढ़ रहे बिजली चार्ज, जानें किन लोगों पर नहीं होगा असर

DERC के फैसले से व्यापारियों में चिंता की लहर है. बिजली दरों में एक से 3.30% तक बढ़ोतरी हो सकती है. इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर होगा जो 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं.

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13 Jun 2026
( Updated: 13 Jun 2026
01:33 PM )
दिल्ली वालों को महंगाई का बड़ा झटका… पेट्रोल-डीजल के बाद बढ़ रहे बिजली चार्ज, जानें किन लोगों पर नहीं होगा असर
Source- IANS
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Delhi Electricity Charges: पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की कीमतों के बाद अब दिल्लीवासियों पर महंगी बिजली का बोझ भी पड़ने वाला है. दिल्ली में बिजली पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ने वाला है, हालांकि 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले ग्राहकों पर इसका असर नहीं होगा. 

दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने की इजाजत दे दी है. इसके बाद बिजली दरों में एक से 3.30% तक बढ़ोतरी हो सकती है. इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर होगा जो 500 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करते हैं. 

कंपनियां कैसे तय करेंगी बिजली बिल? 

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नए दाम लागू होने के बाद कमर्शियल, औद्योगिक और गैर-सब्सिडी वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी भारी भरकम बिल भरना पड़ेगा. दिल्ली सरकार की पूरी या 50% बिजली सब्सिडी पाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में कोई अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा.

वहीं, दिल्ली में 3 बिजली वितरक कंपनियां हैं. इनमें बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) हैं. अलग-अलग कंपनियां अपने अपने इलाकों में सरचार्ज के हिसाब से बिल तय करेंगी. जैसे टाटा पावर वाले इलाके के उपभोक्ताओं को अब एक फीसदी ज्यादा बिल देना होगा. वहीं, BSES वाले इलाके में रहने वालों को 2.5% से 3.5 % ज्यादा बिल देना पड़ेगा.

यह भी पढ़ें- मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल पंप पर इन ग्राहकों को नहीं मिलेगा तेल, Petrol-Diesel खरीदने पर लिमिट भी लगाई

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फ्यूल सरचार्ज बढ़ोतरी के बाद जून के बिल में ही उपभोक्ताओं को अतिरिक्त पैसे देने होंगे. इसके अलावा मार्च महीने के 10 प्रतिशत बकाया की वसूली भी जून में ही की जाएगी. वहीं, सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों (200-500 यूनिट) पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.

रेखा सरकार के फैसले से व्यापारियों की बढ़ी टेंशन 

DERC के फैसले से व्यापारियों में चिंता की लहर है. बताया जा रहा है चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन बृजेश गोयल ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लेटर लिखकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा, करोलबाग जैसी दुकानों के बिल में UP और गुरुग्राम से भी ज्यादा बिल आएगा. दिल्ली के दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, जिसका असर प्रोडक्ट के दामों पर भी पड़ेगा. 

इससे पहले पेट्रोल-डीजल और CNG के दामों में भारी इजाफा हुआ था. अमेरिका-ईरान की जंग शुरू होने के बाद तेल और गैस के दाम में इजाफा हुआ है. पिछले कुछ हफ्तों में देश में ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की गई है. दिल्ली में 15 मई के बाद से पेट्रोल की कीमत लगभग 4.75 रुपए प्रति लीटर (करीब 5 प्रतिशत) बढ़ी है, जबकि डीजल की कीमत में 4.82 रुपए प्रति लीटर (लगभग 5.49 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई है. इसकी मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी बताई जा रही है. 

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DERC ने नया नियम ‘एफ’ भी लागू किया है, जिसके तहत अगर किसी महीने की कोई राशि समायोजित नहीं हो पाती है तो उसे बाद के महीनों में धीरे-धीरे वसूला जा सकेगा. आयोग का कहना है कि इससे बिजली वितरण कंपनियों को बिजली उत्पादकों को समय पर भुगतान करने में मदद मिलेगी और ब्याज का अतिरिक्त बोझ कम होगा. 

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