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बीमारी ठीक करने का झांसा, कर्ज माफी का लालच… गोरखपुर में धर्मांतरण रैकेट का खुलासा, मां-बेटे समेत 4 गिरफ्तार
गोरखपुर के गुलरिहा में बीमारी और कर्ज माफी का लालच देकर धर्मांतरण की कोशिश का मामला सामने आया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने कुशीनगर के मां-बेटे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया. मामले में केस दर्ज कर जांच जारी है, जिसमें बिहार के एक व्यक्ति की भूमिका भी सामने आई है.
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बीमारी और कर्ज माफी का लालच देकर लोगों को धर्मांतरण के लिए उकसाने की कोशिश की गई. यह घटना गुलरिहा इलाके की है, जहां रविवार को एक मकान में प्रार्थना सभा के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया गया था. पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई और मौके पर पहुंचकर पूरे मामले का खुलासा कर दिया.
प्रार्थना सभा के नाम पर चल रहा था खेल
जानकारी के मुताबिक, इस सभा में कई लोगों को बुलाकर उन्हें इलाज और आर्थिक मदद का भरोसा दिया जा रहा था. इसी बहाने उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुशीनगर निवासी मां-बेटे समेत कुल चार लोगों को हिरासत में ले लिया.इस मामले में विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
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जांच में सामने आए अहम सुराग
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिहार के रहने वाले एक व्यक्ति की मदद से इस पूरे नेटवर्क को चलाया जा रहा था. आरोपियों के पास से धार्मिक किताबें, कुछ संदिग्ध सामग्री, फोटो और एक पुरानी डायरी बरामद हुई है, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी में कई तरह के नोट्स लिखे हुए थे. इसके अलावा एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी पुलिस ने कब्जे में लिया है, जिससे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की जड़ में कर्ज और बीमारी का खेल सामने आया है. बताया जा रहा है कि कुशीनगर की एक महिला ने करीब 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जो समय के साथ बढ़कर लाखों में पहुंच गया. बाद में एक आरोपी ने उसे कर्ज से राहत दिलाने का भरोसा दिया. इसके साथ ही एक युवक को पथरी के इलाज का झांसा दिया गया. इन सबके जरिए लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाया गया.
50 से ज्यादा लोगों को बनाया निशाना
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सूत्रों की मानें तो करीब 50 से अधिक लोगों को इसी तरह के प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए तैयार किया जा रहा था. प्रार्थना सभा के दौरान ही उन्हें धार्मिक पाठ के जरिए प्रभावित करने की कोशिश की जा रही थी. हालांकि, पुलिस की समय पर कार्रवाई से इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. गोरखनाथ सर्किल के सीओ रवि सिंह ने बताया कि मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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बताते चलें कि यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे भोले-भाले लोगों को लालच देकर गुमराह करने की कोशिश की जाती है. ऐसे मामलों में सतर्क रहना और समय पर सूचना देना ही सबसे बड़ा बचाव है.