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'25 हजार रुपये देकर बुलाए गए इन्फ्लुएंसर!' राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर CM फडणवीस का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को कांग्रेस का इवेंट बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें चुनिंदा कॉलेजों के छात्रों को बुलाया जा रहा है और 25 हजार रुपये देकर इन्फ्लुएंसर्स के जरिए कार्यक्रम की सकारात्मक छवि बनाने की कोशिश हो रही है.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस कार्यक्रम को छात्रों से जुड़ा अभियान मानने के बजाय कांग्रेस का सियासी इवेंट बताया. फडणवीस का कहना है कि कार्यक्रम की पूरी रूपरेखा ऐसी है, जिससे इसका सीधा लाभ कांग्रेस को पहुंचाने की कोशिश नजर आती है.
सीएम फडणवीस ने दावा किया कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मुख्य रूप से उन्हीं कॉलेजों के छात्रों को आमंत्रित किया गया है, जिनका संचालन कांग्रेस नेताओं से जुड़े लोगों की ओर से किया जाता है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कार्यक्रम वास्तव में छात्रों की आवाज उठाने के लिए है, तो इसमें सभी वर्गों और अलग-अलग संस्थानों के छात्रों को व्यापक स्तर पर मौका क्यों नहीं दिया गया. नवभारत की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम फडणवीस ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम की सकारात्मक छवि बनाने के लिए इन्फ्लुएंसर्स का सहारा लिया जा रहा है. उनके मुताबिक, कुछ इन्फ्लुएंसर्स को कथित तौर पर 25 हजार रुपये देकर कार्यक्रम में बुलाने की बात सामने आई है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख उन्होंने नहीं किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए कार्यक्रम को छात्रों के बीच लोकप्रिय दिखाने की कोशिश की जा रही है.
लोगों को कार्यक्रम तक लाने की कोशिश का आरोप
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देवेंद्र फडणवीस ने दावा किया कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए लोगों को अलग-अलग तरह से आमंत्रित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कई लोगों से कार्यक्रम में आने की अपील की जा रही है और उन्हें आकर्षित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं. फडणवीस के मुताबिक, कुछ लोगों के लिए बसों की व्यवस्था तक की जा रही है, ताकि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकें. मुख्यमंत्री ने पुणे के सीओईपी में शुक्रवार को हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से हंगामा किया गया और छात्रों के साथ मारपीट भी हुई. फडणवीस ने इसे कार्यक्रम की रणनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि किसी फिल्म को रिलीज से पहले चर्चा में लाने के लिए विवाद खड़ा किया जाता है, उसी तरह यहां भी विवाद के जरिए माहौल बनाने की कोशिश की गई. इसी तर्क के आधार पर फडणवीस ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को 'छात्रों की गूंज' के बजाय उनका 'रीलॉन्च' करार दिया. उन्होंने कहा कि देश की जनता इस तरह की सियासी को समझ रही है और कांग्रेस लोगों को गुमराह करने में सफल नहीं होगी.
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नशा मुक्ति अभियान में भी शामिल हुए सीएम
इन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच देवेंद्र फडणवीस नवी मुंबई में नशा मुक्ति अभियान से जुड़े कार्यक्रम में भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है. इसके लिए समाज, प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों को मिलकर काम करना होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया. उन्होंने आने वाले दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही. उनका जोर खासतौर पर युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर रहा. इसी दौरान नवी मुंबई पुलिस के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उद्घाटन भी किया गया. फडणवीस के अनुसार, आधुनिक निगरानी और समन्वय की यह व्यवस्था आने वाले समय में भीड़ प्रबंधन समेत कई महत्वपूर्ण कामों में प्रशासन की मदद करेगी.
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बहरहाल, ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर फडणवीस के बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ कांग्रेस इसे छात्रों की आवाज से जोड़कर पेश कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री इसे राजनीतिक मंच बता रहे हैं. अब नजर इस बात पर रहेगी कि कार्यक्रम के दौरान छात्रों के मुद्दे केंद्र में रहते हैं या राजनीतिक बयानबाजी चर्चा का मुख्य विषय बनती है.