मुस्लिमों की ‘गुंडागर्दी’ से पलायन को मजबूर हिंदू परिवार, आगरा की पॉश कॉलोनी में 40 घरों के बाहर लगे ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर
आगरा की भगवान नगर कॉलोनी में 40 परिवार खुद को असुरक्षित बताते हुए घर बेचने को मजबूर हैं. लोगों ने ‘मकान बिकाऊ’ के पोस्टर लगाए हैं. आरोप है कि कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार के कारण लगातार विवाद और मारपीट हो रही है, जिससे डर का माहौल है और लोग पलायन की तैयारी कर रहे हैं.
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ताजनगरी आगरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पॉश कॉलोनी में रहने वालें 40 परिवार खुद को असुरक्षित बताते हुए अपना घर बेचने को मजबूर हो गए हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि लोगों ने अपने घरों के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं और प्रॉपर्टी डीलरों से संपर्क शुरू कर दिया है. यह पूरा मामला बल्केश्वर क्षेत्र की भगवाननगर कॉलोनी का है, जहां डॉक्टर, इंजीनियर और कारोबारी वर्ग के लोग रहते हैं.
इसको लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी में कुल 41 से 42 मकान हैं, जिनमें से एक मकान में एक मुस्लिम परिवार रहता है. कॉलोनीवासियों का आरोप है कि इसी परिवार के कुछ सदस्य आए दिन विवाद और मारपीट करते हैं. लोगों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण बच्चों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. इसी डर और तनाव के चलते अब परिवार पलायन का मन बना रहे हैं.
घरों के बाहर मांस फेंका जा रहा मांस
कॉलोनी के लोगों ने मीडिया को बताया कि संबंधित परिवार पर पहले भी कई बार झगड़े और दबंगई के आरोप लगे हैं. आरोप है कि मांस पकाने के बाद उसकी हड्डियां कॉलोनी में इधर-उधर फेंकी जाती हैं, जिससे माहौल खराब होता है. जब इसका विरोध किया जाता है तो झगड़ा किया जाता है. लोगों का कहना है कि ऑटो और गाड़ियां भी इस तरह चलाई जाती हैं, मानो किसी को कुचल दिया जाएगा. इन सब घटनाओं ने कॉलोनी में डर का माहौल बना दिया है.
दो दिन पहले हुई थी मारपीट कि घटना
2 फरवरी को हुई एक घटना ने हालात और बिगाड़ दिए. कॉलोनी निवासी गोविंद प्रसाद गर्ग के घर एक पारिवारिक आयोजन था और बाहर टेंट लगा हुआ था. इसी दौरान गाड़ी निकालने को लेकर विवाद हुआ. आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सनी नाम के युवक ने गोविंद प्रसाद के घर में घुसकर मारपीट की. गले की सोने की चेन तोड़ने की कोशिश की गई. बीच-बचाव करने आए पड़ोसियों के साथ भी मारपीट हुई. इस घटना में गोविंद प्रसाद के गले में चोट आई और उन्हें दो टांके लगाने पड़े. वहीं एक स्थानीय महिला का कहना है कि उनके साथ भी अभद्रता की गई. विरोध करने पर आरोपी घर में घुस आया. पड़ोसियों के पहुंचने से मामला किसी तरह शांत हुआ. लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं, बल्कि पहले भी कई बार हो चुकी हैं.
क्षेत्रीय पार्षद को भी दबंगों ने पीटा
सबसे बड़ा आरोप पुलिस की भूमिका को लेकर लगाया जा रहा है. कॉलोनीवासियों का कहना है कि 2 फरवरी की घटना के बाद वे कमलानगर थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी बात तक नहीं सुनी गई. लिखित शिकायत लेने से भी मना कर दिया गया. लोगों का आरोप है कि उल्टा पीड़ितों को ही धमकाया गया. इसी नाराजगी और बेबसी के कारण अगले दिन सुबह सभी ने अपने-अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ’ के पोस्टर लगा दिए. इस मामले में क्षेत्रीय पार्षद हरीओम बाबा अग्रवाल ने भी नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि संबंधित लोगों के खिलाफ पहले भी शिकायतें की जा चुकी हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके साथ भी मारपीट हुई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. पार्षद के अनुसार इसी वजह से कॉलोनी के लोग यहां रहना नहीं चाहते और आउटर इलाकों में नया मकान लेने की योजना बना रहे हैं.
पुलिस ने क्या कहा?
वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है. ACP छत्ता शेष मणि उपाध्याय के अनुसार कॉलोनी के लोगों को समझाने का प्रयास किया गया है. दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत कराई जाएगी ताकि समस्या का समाधान निकाला जा सके. पुलिस का दावा है कि जो शिकायत मिली है, उसके आधार पर केस दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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फिलहाल भगवाननगर कॉलोनी में तनाव का माहौल बना हुआ है. एक तरफ लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर होने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रशासन हालात संभालने का दावा कर रहा है. अब देखना यह है कि पुलिस और प्रशासन की पहल से कॉलोनी के लोग अपने घरों में सुरक्षित महसूस कर पाएंगे या पलायन ही उनका आखिरी रास्ता बनेगा.
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