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हरियाणा में रोजगार की बाढ़, बड़ी कंपनियों ने साइन किए करोड़ों के निवेश समझौते
Haryana: सरकार का लक्ष्य आने वाले समय मे करीब 5 लाख करोड़ रूपये का निवेश आकर्षित करना है. वहीं इस शुरुआत के पहले ही दिन करीब 1 लाख 10 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव (MoU ) साइन हो जाना इस बात का संकेत है कि उद्योग जगत हरियाणा में रूचि दिखा रहा है..
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Make In Haryana: हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम मे एक नई औद्योगिक नीति ''मेक इन हरियाणा'' लॉन्च किया है. इसका मकसद राज्य मे बड़े पैमाने पर उद्योग और निवेश को बढ़ावा देना है. सरकार का लक्ष्य आने वाले समय मे करीब 5 लाख करोड़ रूपये का निवेश आकर्षित करना है. वहीं इस शुरुआत के पहले ही दिन करीब 1 लाख 10 हजार करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव (MoU) साइन हो जाना इस बात का संकेत है कि उद्योग जगत हरियाणा में रूचि दिखा रहा है....
यह पॉलिसी असल में क्या है?
“मेक इन हरियाणा” सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि इसे राज्य के आर्थिक विकास का एक नया रोडमैप कहा जा सकता है..इसका मतलब है कि अब हरियाणा में उद्योग लगाना आसान होगा, प्रक्रियाएं तेज होंगी और निवेशकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.
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इस नीति में खास ध्यान इन बातों पर दिया गया है:
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उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाना
निवेशकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सारी सुविधाएं देना
रोजगार के नए अवसर पैदा करना
टेक्नोलॉजी और आधुनिक उद्योगों को बढ़ावा देना
निर्यात (exports) और प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत करना
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निवेश के लिए बड़ा भरोसा क्यों माना जा रहा है?
सरकार के अनुसार, हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव इस बात का संकेत हैं कि कंपनियों को हरियाणा पर भरोसा है. यह भरोसा सिर्फ आंकड़ों का नहीं है, बल्कि इस बात का है कि राज्य में काम करना आसान और सुरक्षित होगा.
हरियाणा पहले से ही एक मजबूत औद्योगिक राज्य माना जाता है, क्योंकि:
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यह देश की GDP में करीब 3.6% योगदान देता है
इसका भौगोलिक क्षेत्र छोटा होने के बावजूद आर्थिक योगदान बड़ा है.
NCR और बड़े एक्सप्रेसवे के कारण कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है.
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन के लिए बेहतर सुविधा मौजूद है
नया डिजिटल सिस्टम: “स्मार्ट इन्वेस्टमेंट पोर्टल”
इस पॉलिसी के साथ एक नया डिजिटल पोर्टल भी लॉन्च किया गया है, जिसे निवेशकों के लिए “वन-स्टॉप सॉल्यूशन” कहा जा रहा है.
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इस पोर्टल के जरिए निवेशकों को ये सुविधाएं मिलेंगी:
जमीन (land) की जानकारी और चयन
निवेश से जुड़ी मंजूरी (approvals) की प्रक्रिया
सरकारी योजनाओं और इंसेंटिव्स की जानकारी
एआई (AI) आधारित सहायता
इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति से जुड़ी जानकारी
पूरी प्रक्रिया डिजिटल और तेज़ तरीके से
अब उद्योग लगाने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी..
9 नई सेक्टोरल पॉलिसी का मतलब
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सरकार ने सिर्फ एक पॉलिसी नहीं बल्कि 9 अलग-अलग सेक्टरों के लिए नई नीतियां भी शुरू की हैं. इसका उद्देश्य यह है कि हर उद्योग क्षेत्र को उसकी जरूरत के हिसाब से अलग सपोर्ट मिले. इससे छोटे और बड़े दोनों तरह के उद्योगों को फायदा होगा और हर क्षेत्र में विकास तेज होगा.
सरकार का लक्ष्य क्या है?
सरकार का कहना है कि उसका लक्ष्य सिर्फ उद्योग बढ़ाना नहीं है, बल्कि हरियाणा को एक “फ्यूचर-रेडी” राज्य बनाना है.. यानी ऐसा राज्य जो आने वाले समय की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो.
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मुख्य लक्ष्य:
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ज्यादा रोजगार पैदा करना
आधुनिक और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योग लाना
निवेश को आसान बनाना
लंबे समय तक स्थिर विकास देना