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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, बीमार श्रमिकों को मिलेंगे 5 लाख रुपये

Haryana: नई नीति के तहत अगर कोई श्रमिक गंभीर बीमारी से पीड़ित है, तो उसे सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी.

Image Source: Nayab Saini x Post
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Haryana: हरियाणा में ऐसे कई मजदूर हैं जो सालों तक धूल, केमिकल और खतरनाक माहौल में काम करते-करते फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं. ये बीमारियों धीरे -धीरे शरीर को कमजोर कर देती है और कई बार जानलेवा भी साबित होती है. ऐसे कठिन हालात में इन श्रमिकों और उनके परिवारों को सहारा देने केलिए सरकार ने एक नई और राहत भरी निति लागू की है. 

एकमुश्त आर्थिक मदद-  मुश्किल वक्त में बड़ा सहारा

नई नीति के तहत अगर कोई श्रमिक फेफड़ों की गंभीर बीमारी (न्यूमोकोनियोसिस) से पीड़ित है, तो उसे सरकार की तरफ से पांच लाख रुपये तक की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी. इतना ही नहीं, अगर किसी कारण से श्रमिक इस योजना का लाभ लेने से पहले ही गुजर जाता है, तो यह पूरी राशि उसके परिवार (आश्रितों) को दी जाएगी. यानी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मदद सही समय पर सही लोगों तक पहुंचे.

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हर महीने पेंशन की सुविधा

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सिलिकोसिस, एस्बेस्टोसिस, बायसिनोसिस और बैगासोसिस जैसी बीमारियों से जूझ रहे श्रमिकों को हर महीने 4000 रुपये पेंशन दी जाएगी.
अगर किसी श्रमिक की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को हर महीने 3500 रुपये पेंशन मिलती रहेगी. यह रकम भले बहुत बड़ी न लगे, लेकिन रोजमर्रा के खर्चों में यह परिवार के लिए एक स्थायी सहारा बन सकती है.

इलाज और अंतिम संस्कार के लिए भी मदद

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सरकार ने इस नीति में इलाज और अन्य जरूरी खर्चों का भी ध्यान रखा है.
अगर किसी मरीज की मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. साथ ही अंतिम संस्कार के लिए अलग से 15 हजार रुपये दिए जाएंगे, ताकि इस मुश्किल समय में परिवार पर अतिरिक्त बोझ न पड़े.

बच्चों की पढ़ाई का भी ख्याल

इस नीति में श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को भी महत्व दिया गया है. सरकार बच्चों की पढ़ाई के लिए हर साल आर्थिक मदद देगी:
पहली से पांचवीं कक्षा: 5,000 रुपये
छठी से आठवीं: 6,000 रुपये
नौवीं-दसवीं: 8,000 रुपये
ग्यारहवीं-बारहवीं: 10,000 रुपये
आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन: 12,000 रुपये
इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश है कि बीमारी या आर्थिक तंगी बच्चों की पढ़ाई में रुकावट न बने.

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शादी के लिए भी आर्थिक सहायता

सरकार ने परिवार की अन्य जरूरतों को भी समझा है.
बेटी की शादी के लिए 51,000 रुपये
बेटे की शादी के लिए 11,000 रुपये
यह मदद उन परिवारों के लिए काफी अहम हो सकती है, जो पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं.

नई नीति, बेहतर व्यवस्था

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सरकार ने 10 साल पुरानी नीति को हटाकर अब नई हरियाणा न्यूमोकोनियोसिस पुनर्वास नीति लागू की है. इसका मकसद है कि श्रमिकों को इलाज, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही व्यवस्था में मिल सकें.
इसके लिए एक खास फंड भी बनाया जाएगा, जिसमें 70% पैसा हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड और 30% पैसा हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड देगा. 

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