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हरियाणा सरकार का बड़ा ऐलान, एक्सप्रेसवे के पास विकसित होंगे आधुनिक शहर
Haryana: सरकार का कहना हैं कि इन शहरों का ढांचा सिंगापुर जैसे विक्षित देश कि तर्ज पर तैयार किया जाएगा , ताकि ये आने वाले समय में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकें. ये शहर भविष्य के भारत का एक मजबूत आधार बनेंगे और देश -विदेश के निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होंगे.
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हरियाणा सरकार ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए कुंडली -मानेसर पलवल (KMP ) एक्सप्रेसवे के साथ लगभग 135 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में 5 नए शहर बसाने कि योजना बनाई हैं. ये सिर्फ साधारण शहर नहीं होंगे , बल्कि इन्हें आधुनिक सोच और बेहतर सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा. सरकार का कहना हैं कि इन शहरों का ढांचा सिंगापुर जैसे विक्षित देश कि तर्ज पर तैयार किया जाएगा , ताकि ये आने वाले समय में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकें. ये शहर भविष्य के भारत का एक मजबूत आधार बनेंगे और देश -विदेश के निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होंगे.
पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन
इन नए शहरों को सही तरीके से विकसित करने के लिए सरकार ने “पंचग्राम विकास प्राधिकरण” का गठन कर दिया है. यह संस्था इन शहरों की योजना बनाने, निर्माण कराने और उन्हें व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का काम करेगी. खास बात यह है कि इन शहरों को साल 2031 तक की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा, ताकि भविष्य में भी यहां रहने वालों को किसी तरह की परेशानी न हो. यानी अभी से ही आने वाले वर्षों की जरूरतों का ख्याल रखा जा रहा है.
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केएमपी एक्सप्रेसवे की बढ़ती अहमियत
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हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार, केएमपी एक्सप्रेसवे इस पूरी योजना की रीढ़ की हड्डी है. यह एक्सप्रेसवे न केवल बेहतर कनेक्टिविटी देगा, बल्कि उद्योगों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा भी तैयार करेगा. दिल्ली-एनसीआर के पास होने के कारण यह इलाका पहले से ही महत्वपूर्ण है, और अब इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट से इसकी अहमियत और भी बढ़ जाएगी. जहां अच्छी सड़क और कनेक्शन होता है, वहां विकास अपने आप तेजी से होता है.
औद्योगिक नीति में बदलाव और नई टाउनशिप
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सरकार ने इस योजना को सफल बनाने के लिए अपनी औद्योगिक नीति में भी जरूरी बदलाव किए हैं. इसका मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा निवेश आए, नए रोजगार के मौके बनें और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित हो. हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह केवल पैसा कमाने पर ध्यान न देकर उद्योगपतियों को बेहतर सुविधाएं और आसान सेवाएं उपलब्ध कराए.
इसके अलावा सरकार ने 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) बनाने की घोषणा भी की है, जिनमें से 5 को मंजूरी मिल चुकी है और उन पर काम शुरू हो चुका है. इनमें से 3 टाउनशिप राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बनेंगी, जिससे इस क्षेत्र का औद्योगिक विकास और तेज होगा.
बजट में बड़ी बढ़ोतरी और रोजगार के मौके
हरियाणा सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर काफी गंभीर नजर आ रही है. पिछले साल उद्योग विभाग के बजट में 125% की बढ़ोतरी की गई थी, और आने वाले समय में इसे और बढ़ाने की योजना है. इसका सीधा फायदा यह होगा कि ज्यादा उद्योग लगेंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.
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लोकेशन का बड़ा फायदा
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हरियाणा की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोकेशन है. यह राज्य दिल्ली से तीन तरफ से जुड़ा हुआ है, और यहां से दिल्ली का IGI एयरपोर्ट और नोएडा का जेवर एयरपोर्ट लगभग 30 मिनट की दूरी पर हैं. इसका मतलब है कि देश-विदेश से आने वाले निवेशकों के लिए यहां आना बेहद आसान होगा. यही कारण है कि आने वाले समय में यह इलाका निवेश और उद्योग का एक बड़ा केंद्र बन सकता है.