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हरियाणा कैबिनेट का फैसला, अब श्रमिकों को मिलेगा ज्यादा वेतन
Haryana: सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और महंगाई के असर को थोड़ा कम करने के लिए लिया गया है. इस फैसले से राज्य के बड़ी संख्या में कामगारों को सीधा फायदा मिलेगा.
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हरियाणा सरकार ने राज्य के लाखों श्रमिकों को बड़ा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया किअब राज्य के अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जाएगी. सरकार का कहना है कि यह कदम श्रमिकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और महंगाई के असर को थोड़ा कम करने के लिए लिया गया है. इस फैसले से राज्य के बड़ी संख्या में कामगारों को सीधा फायदा मिलेगा.
अकुशल और अर्धकुशल श्रमिकों की कितनी बढ़ी सैलरी?
सरकार ने सबसे पहले अकुशल श्रमिकों की बात की है. पहले इन्हें करीब ₹11,257 प्रति माह मिलते थे, लेकिन अब यह बढ़कर ₹15,220 प्रति माह हो गए है. वहीं अर्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी भी बढ़ाई गई है. पहले जो वेतन ₹12,430 था, अब वह बढ़कर करीब ₹16,780.74 प्रति माह हो गया है. इस बढ़ोतरी से साफ है कि सरकार कम आय वाले श्रमिकों को ज्यादा राहत देने की कोशिश कर रही है, ताकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें थोड़ी आसान हो सकें.
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कुशल और अति कुशल श्रमिकों को भी मिला फायदा
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कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में भी अच्छा खासा इजाफा किया गया है. पहले यह ₹13,704 थी, जो अब बढ़कर लगभग ₹18,500.81 प्रति माह हो गई है. वहीं सबसे अधिक स्किल वाले यानी अति कुशल श्रमिकों की मजदूरी भी बढ़ाकर करीब ₹19,425.85 प्रति माह कर दी गई है, जो पहले ₹14,389 थी. इस बढ़ोतरी से यह साफ हो जाता है कि सरकार हर श्रेणी के श्रमिकों को ध्यान में रखकर यह फैसला कर रही है, ताकि किसी भी स्तर पर काम करने वाले लोगों को नुकसान न हो.
35% तक की बढ़ोतरी, 1 अप्रैल 2026 से लागू
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सरकार के अनुसार यह पूरी बढ़ोतरी करीब 35 प्रतिशत तक की है, जो एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है.यह नया वेतन ढांचा 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. यानी इसके बाद सभी श्रमिकों को नई दरों के हिसाब से मजदूरी मिलेगी. Nayab Singh Saini ने बताया कि यह फैसला एक एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है.
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि नई श्रम नीतियों और कानूनों के लागू होने के बाद यह जरूरी हो गया था कि मजदूरी ढांचे को भी अपडेट किया जाए. Anil Vij ने बताया कि इस बदलाव से राज्य के श्रमिकों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा और उनकी आमदनी में सुधार होगा. इसके साथ ही सरकार का यह भी मानना है कि इससे कामकाज में पारदर्शिता आएगी और श्रमिकों को उनके काम के हिसाब से उचित मेहनताना मिलेगा.
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श्रमिकों के लिए क्या मतलब है यह बदलाव?
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यह फैसला लाखों श्रमिकों की जिंदगी पर असर डालेगा. जिन लोगों की कमाई पहले सीमित थी, अब उनकी मासिक आय बढ़ेगी।इससे न सिर्फ घर का खर्च चलाना आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों में भी राहत मिलेगी.यह फैसला श्रमिक वर्ग के लिए एक बड़ा आर्थिक सहारा माना जा रहा है, जो आने वाले समय में उनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.