Advertisement
CJP प्रोटेस्ट के बीच सरकार का एक्शन! शिक्षा मंत्रालय के सचिव को पद से हटाया, कई IAS अधिकारियों का रातोंरात हुआ तबादला
CJP Protest: केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त कर दिया है.
Advertisement
देशभर में शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में बना हुआ है. इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय का सचिव नियुक्त कर दिया है. उनकी जगह अब राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव बनाया गया है. इस फैसले के बाद शिक्षा मंत्रालय में नई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
छात्र आंदोलन के बीच आया फैसला
यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब देश के कई हिस्सों में छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे है. दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए और जिन लोगों की लापरवाही या भूमिका सामने आए, उनके खिलाफ सख्त कार्रवा हो. हालांकि, सरकार ने अपने इस प्रशासनिक फैसले को छात्र आंदोलन से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई है.
Advertisement
PM मोदी ने देर रात छात्रों के लिए जारी किया वीडियो संदेश, बोले- पेपर लीक पर आज होगी सख्त कार्रवाई
Advertisement
प्रधानमंत्री ने भी युवाओं को दिया भरोसा
इस पूरे घटनाक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी युवाओ को भरोसा दिलाया था कि उनकी सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है. उन्होंने कहा था कि पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और परीक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
Advertisement
बीजेपी सांसद ने बदलाव को लेकर किया दावा
इस फैसले के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी. उन्होंने दावा किया कि शिक्षा विभाग में यह बदलाव कथित तौर पर पेपर लीक मामलों में उदासीनता को देखते हुए किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ पेपर लीक करने वालों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेगी. हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिसमें इस बदलाव का कारण छात्र आंदोलन या पेपर लीक को बताया गया हो.
प्रधानमंत्री मोदी जी ने पेपर लीक मामले में उदासीनता बरतने वाले शिक्षा सचिव को बदल दिया । पेपर लीक के गुनहगारों सहित शिथिलता या उदासीनता बरतने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी । मोदी गारंटी
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) ?ref_src=twsrc%5Etfw">July 23, 2026Advertisement
Loading Ad...
स्कूल शिक्षा विभाग में भी नई नियुक्ति
सिर्फ उच्च शिक्षा विभाग ही नहीं, बल्कि शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग में भी बदलाव किया गया है. टी.के. अनिल कुमार को इस विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है. सरकार का कहना है कि प्रशासनिक स्तर पर समय-समय पर ऐसे बदलाव किए जाते हैं, ताकि विभागों का कामकाज बेहतर तरीके से चलता रहे.
कई और वरिष्ठ अधिकारियों के बदले पद
Advertisement
केंद्र सरकार ने इस फेरबदल के दौरान कई अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बदली हैं. पीयूष गोयल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का महासचिव बनाया गया है, जबकि केशव चंद्र को खान मंत्रालय का नया सचिव नियुक्त किया गया है. इसके अलावा सुशील कुमार लोहानी को पशुपालन एवं डेयरी विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (OSD) बनाया गया है. चंद्र भूषण कुमार श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के नए सचिव होंगे, जबकि बी. राजेंद्र को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) का नया निदेशक नियुक्त किया गया है. सतेंद्र सिंह, सुचिंद्र मिश्रा, कटिकिथला श्रीनिवास और डी. थारा समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
प्रशासनिक फेरबदल पर बनी हुई है नजर
यह भी पढ़ें
सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हैं. एक तरफ छात्र आंदोलन अभी भी जारी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलावों को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है. हालांकि, यह साफ है कि सरकार ने इन नियुक्तियों को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है और इन्हें छात्र आंदोलन या किसी विशेष घटना से आधिकारिक तौर पर नहीं जोड़ा है. आने वाले दिनों में नई नियुक्तियों के बाद शिक्षा विभाग किस तरह काम करता है और छात्रों की मांगों पर क्या फैसले होते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी.