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नक्शा पास कराना होगा अब आसान... योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, गैर-जरूरी NOC का झंझट खत्म, 15 दिनों में निपटेंगी आपत्तियां

उत्तर प्रदेश में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल किया जा रहा है. योगी सरकार गैर जरूरी एनओसी खत्म करने जा रही है और जरूरी मामलों में एक ही प्रोफार्मा लागू होगा. अब प्रदेश में नक्शों से जुड़ी आपत्तियों का निस्तारण 15 दिनों के भीतर किया जाएगा.

Yogi Adityanath (File Photo)

उत्तर प्रदेश में मकान या किसी भी निर्माण कार्य के लिए नक्शा पास कराना अब पहले से ज्यादा आसान होने जा रहा है. प्रदेश की योगी आदित्यानाथ की सरकार ने नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में आ रही सबसे बड़ी परेशानी, यानी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार अब गैर जरूरी एनओसी की मांग को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे आम लोगों को सीधी राहत मिलेगी.

15 दिनों में होगा आपत्तियों का निस्तारण

प्रमुख सचिव आवास पी गुरुप्रसाद ने हाल ही में विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में साफ निर्देश दिए हैं कि नक्शा पास करने में अनावश्यक अड़चनें न डाली जाएं. जिन मामलों में एनओसी जरूरी है, उन्हें भी अब अलग-अलग नहीं बल्कि एक ही प्रोफार्मा के जरिए लिया जाएगा. इससे प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. सरकार ने यह भी तय किया है कि नक्शों को लेकर आने वाली आपत्तियों का निस्तारण अब अनिवार्य रूप से 15 दिनों के भीतर किया जाएगा. विकास प्राधिकरणों को अपने स्तर पर लंबित और निरस्त किए गए नक्शों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही आवेदकों और आर्किटेक्ट्स के साथ बैठक कर आपत्तियों को तय समय सीमा में सुलझाया जाएगा.

LDA का मॉडल प्रदेश में होगा लागू 

नक्शा पास कराने वालों को राहत देने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे. इन कैंपों में छोटी-मोटी तकनीकी या कागजी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को जल्द राहत मिल सके. सरकार का साफ मानना है कि बिना वजह नक्शों को लटकाने से लोगों को मानसिक और आर्थिक परेशानी होती है. शासन स्तर से यह भी निर्देश दिए गए हैं कि एनओसी केवल उन्हीं मामलों में मांगी जाए, जहां वास्तव में इसकी जरूरत हो. जैसे शासकीय भूमि, नजूल भूमि, हेरिटेज भवन से प्रभावित क्षेत्र या विशेष जोन. जिन क्षेत्रों में इस तरह की कोई बाधा नहीं है, वहां एनओसी की मांग नहीं की जाएगी. लखनऊ विकास प्राधिकरण की प्रक्रिया को पूरे प्रदेश में मॉडल के रूप में लागू करने की योजना है.

इसके अलावा विकास प्राधिकरणों को मॉडल निर्माण एवं विकास उपविधि और जोनिंग नेगुलेशन-2025 का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. समीक्षा में सामने आया है कि दिसंबर 2025 तक 2517 नक्शे जमा हुए, जिनमें से 596 पास हुए, 373 अस्वीकृत किए गए और 1544 अभी विचाराधीन हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि अनावश्यक रूप से नक्शों को लंबित न रखा जाए और समय पर निर्णय लिया जाए. यह फैसला प्रदेश में निर्माण कार्यों को गति देने के साथ-साथ आम लोगों के भरोसे को भी मजबूत करेगा.

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