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फ्लाईओवर, फोरलेन और RRTS...हरियाणा सरकार ने NCR के लिए खोला विकास का पिटारा
Haryana: सरकार का मकसद सिर्फ नई योजनाओं का ऐलान करना नहीं है, बल्कि ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है जो आने वाले कई दशकों तक लोगों की जरूरतों को पूरा कर सके.
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Haryana: हरियाणा सरकार अब एनसीआर में आने वाले जिलों को पूरी तरह आधुनिक और बेहतर सुविधाओं वाला क्षेत्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है सरकार का मकसद सिर्फ नई योजनाओं का ऐलान करना नहीं है, बल्कि ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है जो आने वाले कई दशकों तक लोगों की जरूरतों को पूरा कर सके. इसके लिए सड़क, ट्रांसपोर्ट, पानी, शहरों की बेहतर प्लानिंग, उद्योग और दूसरी जरूरी सुविधाओं को एक साथ जोड़कर काम किया जा रहा है. सरकार चाहती है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, मानेसर और एनसीआर के बाकी इलाके निवेश, रोजगार और रहने के लिहाज से देश के सबसे बेहतर क्षेत्रों में शामिल हों. गुरुग्राम में आयोजित दैनिक जागरण के 'जागरण विमर्श' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसी विजन की विस्तार से जानकारी दी..
ट्रैफिक जाम से राहत के लिए बनेंगे नए फोरलेन, फ्लाईओवर और अंडरपास
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर के कई शहरों में तेजी से आबादी बढ़ रही है, जिसकी वजह से ट्रैफिक का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है. इसे देखते हुए सरकार पहले पूरे इलाके का विस्तृत ट्रैफिक सर्वे करा रही है. इस रिपोर्ट के आधार पर जहां जरूरत होगी, वहां नई फोरलेन सड़कें बनाई जाएंगी, फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण होगा. सरकार का मानना है कि अगर आज से ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए, तभी आने वाले समय में लोगों को ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से राहत मिल सकेगी.
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दिल्ली से हरियाणा तक सफर होगा और आसान
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सरकार सिर्फ शहरों की सड़कें ही नहीं सुधार रही, बल्कि पूरे क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करने की भी तैयारी कर रही है. दिल्ली से बावल तक आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है. इसके अलावा गुरुग्राम, फरीदाबाद और मठेडा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनाने की भी योजना है. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लोगों का सफर पहले से आसान होगा और दिल्ली-एनसीआर के साथ हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों का संपर्क भी बेहतर होगा. इससे नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
गुरुग्राम में जलभराव और पानी की समस्या का होगा स्थायी समाधान
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हर बारिश में गुरुग्राम में जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है. इसे खत्म करने के लिए सरकार ड्रेनेज सिस्टम को पूरी तरह मजबूत करने जा रही है. जहां जरूरत होगी वहां नए ड्रेन भी बनाए जाएंगे ताकि बारिश का पानी जल्दी निकल सके और सड़कों पर पानी जमा न हो. इसके साथ ही मूनक नहर से पाइपलाइन के जरिए गुरुग्राम तक पीने का पानी पहुंचाने की बड़ी परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. इसकी टेंडर प्रक्रिया जारी है और सरकार का लक्ष्य है कि साल 2050 तक शहर की पेयजल जरूरतों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके.
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अतिक्रमण हटेगा, लेकिन गांवों की पहचान नहीं बदलेगी
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरुग्राम अब एक वैश्विक पहचान वाला शहर बन चुका है. ऐसे में अनियोजित अतिक्रमण शहर की छवि और विकास दोनों को नुकसान पहुंचाता है. सरकार सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और शहर को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम करेगी. हालांकि उन्होंने साफ किया कि पुराने गांवों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी. विकास के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी पूरा सम्मान किया जाएगा.
इंडस्ट्री और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
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सरकार औद्योगिक विकास को भी तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है. जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रभाव क्षेत्र में फरीदाबाद और पलवल के करीब 9 हजार एकड़ इलाके में बड़ा औद्योगिक हब विकसित करने की संभावना पर काम किया जा रहा है. वहीं हिसार हवाई अड्डे के आसपास करीब ढाई हजार एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल क्लस्टर तैयार करने की योजना भी आगे बढ़ रही है. सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से बड़े उद्योग आएंगे, निवेश बढ़ेगा और प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.