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झंडोत्तोलन, तिरंगा यात्रा, CM आवास का घेराव...झारखंड में और तेज हुआ छात्रों का आंदोलन, सामने आई आगे की प्लानिंग
रांची में छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है. इसी बीच छात्र आंदोलनकारियों की आगे की प्लानिंग भी सामने आ गई है. अभ्यर्थी आने वाले कुछ दिनों के अंदर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे, तिरंगा यात्रा होगी, और फिर कथित तौर पर 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव होगा. ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.
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झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्र आंदोलन विधानसभा घेराव के दौरान रात के अंधेरे में लाठीचार्ज के बाद और तेज हो गया है. अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर अब दो और बड़े ऐलान किए हैं. पहला तो ये कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के साथ-साथ जल्द 15 अगस्त और तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी की जा रही है. इसी बीच आंदोलन के अगले चरण को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है.
20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव करेंगे छात्र!
आपको बता दें कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन 20वें दिन भी जारी है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 6 छात्र अभी भूख हड़ताल पर हैं. छात्र परीक्षाओं में गड़बड़ियों की सीबीआई जांच, रिफॉर्म और जिम्मेदारी तय करने की मांग पर अड़े हैं.
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हालांकि जहां तक सीएम आवास के घेराव की बात है तो आंदोलित छात्रों ने औपचारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया है, लेकिन खुफिया इनपुट के मद्देनजर कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास और आसपास के इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है. तमाम सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं.
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मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा में 100 से अधिक अतिरिक्त सशस्त्र जवानों को लगाया गया है. इनमें झारखंड जगुआर और झारखंड आर्म्ड पुलिस के जवान शामिल हैं. सूचना भवन चौक से राम मंदिर चौक तक बैरिकेडिंग कर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है. मुख्यमंत्री आवास के आसपास करीब 500 मीटर के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है.
रांची में सीएम आवास की सुरक्षा कड़ी की गई!
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सुरक्षा कारणों से सूचना भवन से एटीआई की ओर जाने वाले मार्ग को भी बंद किया गया है. पूरे इलाके पर ड्रोन कैमरों से निगरानी रखे जाने की जानकारी है. सुरक्षा इंतजामों के कारण कांके रोड पर यातायात भी प्रभावित हुआ है. मोराबादी और कचहरी चौक की ओर से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है. छात्रों का आंदोलन करीब 20 दिनों से जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी है.
आंदोलनकारी जेपीएससी और जेएसएससी की विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच समेत परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं. छात्रों की प्रमुख मांगों में जेपीएससी सिविल सेवा और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की सीबीआई जांच शामिल है.
रांची में छात्रों का आंदोलन और तेज!
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10 अगस्त को छात्रों ने विधानसभा घेराव किया था. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया था. बाद में लाठीचार्ज भी हुआ. इस कार्रवाई के बाद आंदोलनकारी छात्रों ने अपना आंदोलन और तेज करने का ऐलान किया था.
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा. भाजपा समेत विपक्षी दल छात्रों के समर्थन में सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं. भाजपा नेताओं ने पहले मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन भी किया था और उन्हें हिरासत में लिया गया था.
तिरंगा यात्रा भी निकालने जा रहे हैं छात्र!
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वहीं तिरंगा यात्रा को लेकर छात्र आंदोलनकारियों की तैयारी भी जोरशोर से चल रही है.छात्र नेता रवींद्र ने समाचार एजेंसी IANS को जानकारी दी है कि, "विरोध प्रदर्शन के 20 दिन हो चुके हैं. दो साथी भूख हड़ताल पर हैं और दो को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कई अन्य छात्र भी भूख हड़ताल पर हैं. उन्होंने सरकार से अपील की कि हम सभी छात्र हैं, इसलिए कृपया हमें यहां लंबे समय तक न रहने दें और हमारी मांगें पूरी करें."
'किसी भी कीमत पर अपनी मांगो से नहीं करेंगे समझौता'
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी कीमत पर अपनी मांगो से समझौता नहीं करेंगे. जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने कहा, "हम सरकार के हमसे बात करने के लिए तैयार होने का इंतजार कर रहे हैं. हम मुख्यमंत्री की मौजूदगी में बातचीत करना चाहते हैं."
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रवींद्र ने आगे कहा कि, "हम स्वतंत्रता दिवस की तैयारी कर रहे हैं और एक भव्य तिरंगा यात्रा की योजना बना रहे हैं. जब से हम यहां हैं, हम कई तरह की गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं, जिनमें से हर एक यह संदेश देती है कि यहां के छात्र शिक्षित और जागरूक हैं. इससे पहले हमने सरकार को यह दिखाने के लिए एक मौन मार्च निकाला था कि नारे लगाने और शोर मचाने के बाद, अब हम शांतिपूर्वक अपना संदेश पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं."
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छात्रों पर FIR दर्ज कर रही है सोरेन सरकार?
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वहीं, झारखंड पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने पर उन्होंने कहा, "कल हमारी एसएसपी के साथ बैठक हुई थी, लेकिन उन्होंने इस बात का जिक्र नहीं किया कि छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही हैं. हमारा विरोध प्रदर्शन ऐतिहासिक था, जिसमें छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाई और उसे मजबूत किया. अगर प्रशासन को लगता है कि कुछ असामाजिक तत्व मौजूद थे जो छात्रों के आंदोलन को भटकाने की कोशिश कर रहे थे तो सरकार को उनकी पहचान करनी चाहिए. ऐसा करते समय, उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि वहां लगभग 50,000 छात्र मौजूद थे. अगर एक या दो प्रतिशत ऐसे अवांछित या असामाजिक तत्व थे, तो केवल उन्हीं लोगों की पहचान की जानी चाहिए और छात्रों को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाना चाहिए."
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इस बीच विरोध कर रहे छात्र पीयूष कुमार सिंह ने कहा, "फिलहाल, हम इसी तरह अपना शांतिपूर्ण और अनुशासित विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे. जब तक बातचीत का अगला दौर नहीं होता या हमारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. हम न्याय चाहते हैं और हमें मंत्री पर पूरा भरोसा है कि हमें न्याय मिलेगा. हमें सरकार से उम्मीद है, इसीलिए हम यहां बैठे हैं. हम अपने मुख्यमंत्री से गुजारिश करते हैं कि वे जल्द से जल्द हमारी समस्याओं का समाधान करें."