Advertisement
विस्फोटक कंपनियों की सुरक्षा पर फडणवीस सरकार का बड़ा कदम, अब हादसों पर लगेगी लगाम
राज्य सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा और तकनीकी आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. माना जा रहा है कि प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद विस्फोटक उद्योग में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी.
Advertisement
महाराष्ट्र सरकार राज्य में विस्फोटक निर्माण कंपनियों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 'विस्फोटक नियम, 2008' में संशोधन से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा मानकों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई.
विस्फोटक कंपनियों में हादसे रोकने की तैयारी
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से 'एक्स' पर दी गई जानकारी के अनुसार, बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार विस्फोटक निर्माण कंपनियों में सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी. बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों समेत कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे.
Advertisement
सुरक्षा मानकों को मजबूत करना समय की जरूरत: फडणवीस
Advertisement
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस संबंध में 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि विस्फोटक निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को मजबूत करना समय की जरूरत है. उन्होंने बताया कि प्रस्तावित संशोधनों का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकना और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
Advertisement
रोबोटिक्स और ऑटोमेशन पर रहेगा जोर
सीएम फडणवीस के अनुसार, प्रस्तावित बदलावों में उच्च जोखिम वाले कार्यों में रोबोटिक्स और ऑटोमेशन का अधिक उपयोग, मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम करना तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना शामिल है. उनका मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा संशोधन प्रस्ताव
Advertisement
गौरतलब है कि 'विस्फोटक नियम 2008' देशभर में विस्फोटकों के निर्माण, भंडारण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, आयात और निर्यात को नियंत्रित करता है. महाराष्ट्र सहित पूरे देश में इन नियमों का पालन अनिवार्य है. इन नियमों का प्रशासन पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (पीईएसओ) द्वारा किया जाता है.
औद्योगिक सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर
यह भी पढ़ें
राज्य सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब औद्योगिक सुरक्षा और तकनीकी आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. माना जा रहा है कि प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद विस्फोटक उद्योग में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी.