क्या बंगाल को सच में BJP चाहिए थी? हार के बाद ‘अज्ञातवास’ में गईं TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने खोल दिए सारे राज!
West Bengal Elections: बंगाल में BJP के प्रदर्शन और चुनाव के बाद की स्थिति पर बयान देते हुए महुआ मोइत्रा ने जनता के फैसले को 'उनकी पसंद का परिणाम' बताया है.
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार के दिन बाद लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने कहा कि पार्टी ने असमान मैदान पर अच्छी लड़ाई लड़ी और वह भाजपा को चुनने के जनता के फैसले का सम्मान करती है. उनकी ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भाजपा पश्चिम बंगाल में निर्णायक दो-तिहाई बहुमत के साथ अगली सरकार बनाने जा रही है, जिससे राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हो जाएगा.
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर क्या लिखा?
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "जनता की इच्छा सर्वोपरि है. अगर बंगाल भाजपा चाहता था तो उसे भाजपा ही मिली है. हम इसका सम्मान करते हैं. हमने अकल्पनीय चुनौतियों के बावजूद असमान मैदान पर डटकर मुकाबला किया और इसके लिए मुझे अपने नेता और अपनी पार्टी पर गर्व है”. उन्होंने आगे कहा, "हम एक धर्मनिरपेक्ष देश के लिए खड़े रहेंगे और संघर्ष करते रहेंगे, जहां संविधान ही सर्वोपरि हो, न कि निरंकुश बहुसंख्यकवाद. जय हिंद”.
The will of the people is supreme. If Bengal wanted BJP then Bengal has got BJP. We respect that. We fought the good fight against unimaginable odds on an uneven pitch and for that I am proud of my leader & my party. We will continue to stand & fight for a secular country where…
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) May 5, 2026
महुआ मोइत्रा के लोकसभा क्षेत्र में TMC की बुरी हार
महुआ मोइत्रा वर्तमान में बंगाल की कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं. उन्होंने लोकसभा चुनाव में बीजेपी की अमृता रॉय को 56,705 वोटों के बड़े अंतर से हराकर कृष्णनगर संसदीय क्षेत्र में जीत दर्ज की थी. लेकिन विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इस क्षेत्र में क्लीन स्वीप कर दिया है. बता दें कि कृष्णानगर लोकसभा सीट में 7 विधानसभा सीटें आती हैं. यहां पर भाजपा ने 1 लाख से अधिक वोटों से जीत हासिल की है.
ममता बनर्जी भी नहीं बचा पाईं अपनी सीट
4 मई को घोषित परिणामों में भाजपा ने 206 सीटें हासिल कीं, जो तृणमूल कांग्रेस से काफी आगे है, जिसमें टीएमसी को केवल 81 सीटें मिलीं. तृणमूल प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से 15,000 से अधिक वोटों से हार गईं. कांग्रेस ने दो सीटें जीतीं, सीपीआई (एम) ने एक सीट जीती, जबकि एआईएसएफ और आम जनता उन्नयन पार्टी ने क्रमशः एक और दो सीटें हासिल कीं.
BJP को सबसे ज्यादा वोट शेयर, 10 जिलों में एक भी सीट नहीं जीत पाई TMC
भाजपा को इस चुनाव में 46 प्रतिशत जबकि तृणमूल कांग्रेस को 41 प्रतिशत वोट मिले. वाम मोर्चा को 4 प्रतिशत, कांग्रेस को 3 प्रतिशत और एआईएसएफ और एजेयूपी सहित अन्य दलों को 6 प्रतिशत वोट मिले. तृणमूल कांग्रेस कूच बिहार, पूर्वी मिदनापुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग सहित दस जिलों में एक भी सीट जीतने में विफल रही और साथ ही आदिवासी और मतुआ बहुल सभी निर्वाचन क्षेत्रों में भी हार गई.
फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान
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294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है. सोमवार को 293 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम घोषित किए गए, जबकि दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान निर्धारित है, जैसा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित किया गया है, और उस सीट के लिए मतगणना 24 मई को होनी है.
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