Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...

यूपी के मंदिरों में भक्ति का अनूठा दृश्य: योगी सरकार की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच शिवालयों में घंटियों संग गूंजा 'बम-बम भोले'

सावन के पवित्र महीने की शुरुआत हो गई है. इस दौरान आस्था का ज्वार उमड़ रहा है. शिवालयों की घंटियों संग बम-बम भोले की गूंज सुनाई दे रही है. बाजारों में शिवभक्तों की रौनक दिखाई पड़ रही है, जगह-जगह सेवा शिविरों में कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया जा रहा है. वहीं योगी सरकार की चाक-चौबंद व्यवस्था भी इसमें चार-चांद लगा रही है.

Image Source: IANS
Loading Ad...

कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही शिव मंदिरों में घंटियों की गूंज और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है. हरिद्वार, कछला घाट और गंगोत्री जैसे तीर्थों से गंगाजल लेकर निकले शिवभक्त पैदल, दौड़ते हुए और कलश सजाकर अपने-अपने आराध्य शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं. यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि सनातन आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन चुकी है. मंदिर सजे हुए हैं और परिसर में घंटों की आवाज के साथ बम-बम भोले की गूंज है.

आस्था की धारा हर वर्ष होती जा रही अधिक विराट

प्रदेश के शिव मंदिर, चाहे वह काशी विश्वनाथ हों, अयोध्या के नागेश्वरनाथ हों या फिर छोटे कस्बों के प्राचीन शिवालय, हर वर्ष सावन में कांवड़ियों के जयघोष से गूंज उठते हैं और इस बार भी गूंज रहे हैं. शासन-प्रशासन की व्यवस्थाओं, व्यापारियों के उत्साह और श्रद्धालुओं की अटूट भक्ति ने मिलकर कांवड़ यात्रा को न केवल धार्मिक आस्था का सबसे बड़ा उत्सव बना दिया है, बल्कि यह सामाजिक एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक बन चुकी है. बदलते समय के साथ भले ही कांवड़ का स्वरूप बदला हो, लेकिन भगवान शिव के प्रति भक्तों का समर्पण आज भी उतना ही अटूट और जीवंत है. यही वजह है कि अयोध्या, काशी, प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर के छोटे-बड़े सभी मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ है. 

Loading Ad...

योगी सरकार का सुरक्षा और संवाद मॉडल

Loading Ad...

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस बार कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पूरे बरेली जोन सहित नौ जिलों में एक नया संवाद मॉडल एक साथ लागू किया जा रहा है. इसके तहत 19 बिंदुओं पर पुलिस प्रशासन सीधे जनता और धर्मगुरुओं से संवाद कर रहा है, ताकि यात्रा के दौरान किसी तरह की अफवाह या असामाजिक तत्वों को पनपने का मौका न मिले. सड़क सुरक्षा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. पहले सोमवार को कांवड़ियों का महाजत्था हरिद्वार और कछला घाट के लिए रवाना होगा, जिसमें हजारों शिवभक्त शामिल होंगे. कांवड़ मार्गों पर विश्राम स्थल, पथ प्रकाश और सेवा शिविरों की व्यवस्था भी सरकार की ओर से सुनिश्चित की जा रही है, जिससे रात्रि में भी यात्रा निर्बाध रूप से जारी रह सके.

Loading Ad...

बाजारों में रौनक, महादेव के स्लोगन वाली टी-शर्ट युवाओं की पसंद

कांवड़ यात्रा की दस्तक के साथ ही मेरठ सहित प्रदेश भर के बाजार भगवामय हो उठे हैं. दुकानों पर महादेव के आकर्षक स्लोगन वाली टी-शर्ट युवाओं की पहली पसंद बनी हुई हैं, जिनमें ‘काल उसका क्या करे, जो भक्त हो महाकाल का’ जैसे संदेश खास आकर्षण का केंद्र हैं. 80 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की टी-शर्ट के साथ भगवा गमछे, वाटरप्रूफ मोबाइल कवर और हॉफ पैंट की बिक्री भी तेजी से बढ़ी है. इसके अलावा जलाभिषेक के लिए उपयोग होने वाले सजावटी स्टील कलश और पूजन सामग्री की मांग में भी उछाल देखने को मिल रहा है.

1500 करोड़ की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

आस्था के इस महापर्व से कारोबार को भी नई गति मिलती है. व्यापारिक अनुमानों के मुताबिक इस बार कांवड़ यात्रा से प्रदेश भर में करीब 1500 करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, जबकि अकेले मेरठ में ही करीब 300 करोड़ रुपये के कारोबार की संभावना जताई जा रही है. व्यापारियों का कहना है कि यात्रा शुरू होते ही बाजार में और तेजी आने की उम्मीद है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...