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CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- विपक्षी नेताओं की सहानुभूति आज भी माफिया के साथ है, नागरिकों से नहीं
ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश भर में जनसभाओं के जरिए सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं. वहीं यूपी में विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने साल 9 साल की उपलब्धि को बताते हुए विपक्ष पर ज़ोरदार हमला किया है.
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी चुनावी पार्टियों ने तैयारियां शुरु कर दी हैं. वहीं बीजेपी ने भी अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश भर में जनसभाओं के जरिए सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में जुटे हैं.
‘माफियागीरी खत्म कर यूपी में कानून का राज स्थापित किया है’
वहीं यूपी में विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने साल 9 साल की उपलब्धि को बताते हुए विपक्ष पर ज़ोरदार हमला किया. सीएम योगी ने इस कार्यक्रम के दौरान कहा, पिछले 9 सालों में उत्तर प्रदेश की इमेज बदली है. मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट से उबारा है. यूपी में डबल इंजन सरकार आने के बाद ऐसा कौन-सा काम था, जो उत्तर प्रदेश में नहीं हो सकता था, लेकिन अब जमीनी धरातल पर दिखाई दे रहा है. माफियागीरी खत्म कर यूपी में कानून का राज स्थापित किया है. यूपी में कानून का राज कायम करने का काम किया गया है.
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‘सूबे की तस्वीर बदलने की कोशिश की’
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सीएम योगी ने आगे कहा कि “पिछले 9 साल पहले मुझे उत्तर प्रदेश में शासन-सत्ता का संचालन करने का अवसर हमारी पार्टी ने दिया तो मैं दिल्ली और गोरखपुर से कोई नई टीम नहीं लाया. यूपी में उस समय जो भी टीम थी. उनके जरिए ही हमने काम किया और सूबे की तस्वीर बदलने की कोशिश की.”
‘2014 से पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन सरकार थी’
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सीएम योगी ने इस कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “मुझे कहने में कोई संकोच नहीं है. 2014 से पहले भी एक प्रकार की डबल इंजन सरकार थी. केंद्र में कांग्रेस और यूपीए की सरकार थी. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी. दोनों मिलकर काम कर रहे थे. लेकिन आमजन का उन पर विश्वास नहीं था. आमजन मानता था कि एक तरफ कुआं है, दूसरी तरफ खाई. दोनों की स्थिति कमोबेश एक जैसी थी.”
‘उस समय उत्तर प्रदेश का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था’
सीएम योगी ने इस दौरान बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा, “आज जो लोग उपदेश देते हैं, अगर उन्होंने 2014 से पहले स्वयं उन बातों को अपनाया होता, तो आज उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता. उस समय उत्तर प्रदेश का नौजवान अपनी पहचान छिपाता था. नौकरी निकलती थी तो उसकी योग्यता के बावजूद चयन नहीं होता था. कुछ चुनिंदा जनपदों और कुछ चुनिंदा लोगों का कब्जा था.
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‘यूपी में न बेटी सुरक्षित और न नागरिक सुरक्षित था’
पिछली पार्टियों के टाइम में सुरक्षा की स्थिति कितनी ख़राब थी, उसे लेकर भी सीएम योगी ने तंज कसा, उन्होंने बताया उस समय ना बेटियां सुरक्षित थी और ना ही आम नागरिक सुरक्षित थे. सीएम ने कहा, “हमारी सरकार से पहले उत्तर प्रदेश की सुरक्षा की स्थिति बदहाल थी. उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में न बेटी सुरक्षित थी, न व्यापारी सुरक्षित था. 35 से अधिक जनपद ऐसे थे, जहां कोई भी सभ्य और सक्षम परिवार अपनी बेटी को स्कूल नहीं भेजता था. अगर पढ़ाना होता था, तो उत्तर प्रदेश के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदारों के यहां भेजना पड़ता था.”
'माफिया के सामने सरकार नाक रगड़ती दिखाई देती थी'
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उन्होंने कहा कि “व्यापारियों की स्थिति यह थी कि सत्ता के समानांतर माफिया की सरकारें चलती थीं. कोई सुरक्षित नहीं था. न मीडिया, न आम नागरिक, न व्यापारी, न बेटी, न नया उद्यमी. व्यापारी घर से निकलते समय भगवान से प्रार्थना करता था कि शाम को परिवार का चेहरा देख सके. परिवार का कोई सदस्य बाहर जाता था, तो यही प्रार्थना करता था कि सुरक्षित लौट आए.उद्यमी निवेश नहीं करना चाहता था, क्योंकि जब वह स्वयं सुरक्षित नहीं था, तो उसकी पूंजी कैसे सुरक्षित रहती. सरकार की न नीति थी, न नियत. अराजकता चरम पर थी. माफिया के सामने सरकार नाक रगड़ती दिखाई देती थी.”
माफियाओं से विपक्ष नेताओं को सहानुभूति-योगी
सीएम योगी ने इस दौरान विपक्ष को इस बात पर भी घेरा की उनकी सहानुभूति आज भी माफियाओं से है. सीएम ने कहा कि “आज भी आप उनके संस्कार सुनते होंगे. कहते हैं कि अगर सत्ता में आए तो जांच कराएंगे कि माफिया मारे क्यों जा रहे हैं. माफिया पर इतनी सख्ती क्यों हो रही है. यानी उनकी सहानुभूति आज भी उत्तर प्रदेश के नागरिक, व्यापारी और बेटी के प्रति नहीं है. उनकी सहानुभूति आज भी माफिया और उसके गुर्गों के प्रति है. जो या तो जेल में हैं या जहन्नुम की यात्रा पर जा चुके हैं.”
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‘जनता खुद संतुष्टि का स्तर बताएगी’
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “अगर आप 2003 से 2026 तक के 23 सालों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेंगे. पहले मुलायम सिंह जी का कार्यकाल. फिर मायावती जी का कार्यकाल. और फिर पिछले लगभग 9 सालों का हमारा कार्यकाल. तब जनता खुद संतुष्टि का स्तर बताएगी.”