सीएम योगी ने कांग्रेस पर किया हमला, असमवासियों को दिया सुरक्षा और विकास का भरोसा
असम विधानसभा चुनाव में बरछला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ऋतु बरन सरमा के समर्थन में शुक्रवार को जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठ व दंगा कराने का काम किया, लेकिन भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है. पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे, असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब डबल इंजन सरकार असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी ले रही है. सीएम योगी शुक्रवार को असम विधानसभा चुनाव में बरछला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ऋतु बरन सरमा के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने जनता से 9 अप्रैल को कमल का बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की.
असम के नागरिकों के हक की गारंटी
सीएम योगी ने कहा कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाली, किसानों का संरक्षण और विदेशी आक्रांताओं को धूल धूसरित करने वाली इस पावन धरा के सामने कांग्रेस ने यूडीएफ के साथ मिलकर पहचान का संकट खड़ा किया. यह संकट किसी एक क्षेत्र में नहीं था। कांग्रेस व यूडीएफ के अघोषित समझौते के कारण असमिया जाति, माटी व बेटी के सामने पहचान का संकट हुआ था. इन्होंने तुष्टिकरण की नीति पर चलकर असमिया पहचान को समाप्त करने का प्रयास किया. यहां की माटी में घुसपैठियों को घुसाकर असम के सामने पहचान का संकट खड़ा किया. असम के नागरिकों, बहनों के हक पर घुसपैठियों के जरिये डकैती डलवाई. असमिया संस्कृति मिटाने की साजिश रची, लेकिन जब पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली और असम में पहले सर्वानंद सोनोवाल, फिर हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी तो असम चाय के साथ अब चिप उत्पादन का नया केंद्र भी बन गया है.
आत्मविश्वास से भरा यह नया असम है, जहां NDA सरकार में विकास की गति और सुशासन की गारंटी साथ चलती है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) April 3, 2026
बारपेटा विधान सभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहा हूं... https://t.co/JcIX7kUypa
असमिया पहचान और संस्कृति का संरक्षण
उन्होंने आगे कहा कि डबल इंजन सरकार असम की पहचान को संरक्षित कर रही है. असमिया संगीत-संस्कृति, महापुरुषों, महानायकों, योद्धाओं को सम्मान दे रही है. अब असम में विकास और विरासत का अद्भुत समन्वय दिख रहा है. मां कामाख्या, श्रीमंत शंकर देव कॉरिडोर व भूमि संरक्षण का कार्य नए सिरे से प्रारंभ हुआ है. 10 साल में डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव गरीबों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है. पहले गरीबों का राशन विदेशी घुसपैठिए खा जाते थे, अब असम के लोगों को राशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्कीम के तहत हर गरीब को पांच लाख रुपए की स्वास्थ्य सुविधा, प्रधानमंत्री आवास, नौजवानों को रोजगार-नौकरी मिल रही है. अब चाय बागान में काम करने वाली बहनों, कारीगरों, नौजवानों के लिए स्पेशल पैकेज की व्यवस्था है.
शांति और सुरक्षा का संदेश
सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि असम के लोगों का संरक्षण होगा और एक-एक घुसपैठिए को निकाल बाहर करेंगे. कांग्रेस घुसपैठ-दंगा कराती थी और भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है. भाजपा सरकार दंगा-कर्फ्यू मुक्त असम के निर्माण के लिए कार्य कर रही है. जहां भी भाजपा सरकार आई है, वहां शांति-सुरक्षा, समृद्धि लाई है. उत्तर प्रदेश में पहले हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा व कर्फ्यू लगता था. यूपी की आबादी 25 करोड़ है, लेकिन वहां 9 वर्ष में नो कर्फ्यू, नो दंगा है, सब चंगा है। 500 वर्ष में जो काम नहीं हो पाया, वह काम भी अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के रूप में हो गया.
पूर्वोत्तर भारत में विकास का वादा
उन्होंने कहा कि यूपी में उग्रवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद नहीं है, वहां सड़कों पर नमाज भी नहीं पढ़ी जाती है. भाजपा की डबल इंजन सरकार लव जेहाद, लैंड जेहाद का सफाया करने को संकल्पित है. कांग्रेस व यूडीएफ को घुसपैठियों का वोट चाहिए, वे सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकतीं. इन पार्टियों को देश की कीमत पर वोट चाहिए. ये नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने और अफवाह फैलाकर गुमराह करने वाले लोग हैं. वहीं पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने जो कहा, वो कर के दिखाया. पीएम मोदी जितनी बार पूर्वोत्तर भारत में आए हैं, 60 साल के कांग्रेस के शासनकाल में इतनी बार कोई प्रधानमंत्री नहीं आया. पीएम मोदी ने 11 साल में पूर्वोत्तर भारत की 78 और असम की 36 यात्राएं की हैं, तब शांति, सुरक्षा व सुशासन का माहौल तैयार हुआ है. 60 वर्ष में कांग्रेस उचित कनेक्टिविटी नहीं दे पाई, लेकिन आज पूर्वोत्तर के हर राज्य तक रोड, रेलवे, एयर व इनलैंड वाटरवे की कनेक्टिविटी है. पहले मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं थे, लेकिन डबल इंजन सरकार ने एम्स, आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी दिया है. पूर्वोत्तर भारत व असम विश्वस्तरीय संस्थानों का केंद्र बना है.
सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे और असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी डबल इंजन सरकार ले रही है. अयोध्या में राम मंदिर व काशी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण हुआ तो मां कामाख्या के भव्य कॉरिडोर का निर्माण भी उसी भव्यता से हो रहा है. यह गारंटी केवल भाजपा की डबल इंजन सरकार देगी, यह गारंटी कांग्रेस नहीं देगी. नौजवानों को रोजगार, बहनों को सुरक्षा की गारंटी केवल डबल इंजन सरकार देगी, कांग्रेस व यूडीएफ यह गारंटी नहीं दे सकती. वे सुरक्षा में सेंध लगाने वाले लोग हैं. घुसपैठियों के जरिये भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाले लोग हैं. कांग्रेस व यूडीएफ पर विश्वास नहीं किया जा सकता. डबल इंजन सरकार असमवासियों को सुरक्षा, सेवा, सुशासन, समृद्धि, नौकरी की गारंटी देगी.
असम की सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान
उन्होंने असम को भारतीय गौरव की पावन धरा बताते हुए सिंगरी गुप्तेश्वर, अहोम राजवंश के लचित बोरफुकन, ब्रह्मपुत्र नदी व मां कामाख्या का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस धरा ने विपरीत परिस्थितियों में देश को पहचान दी. एक ओर कामगारों की मेहनत का परिणाम है कि यहां की चाय दुनिया के बाजारों व घरों में लोगों को स्फूर्ति प्रदान करती है तो दूसरी ओर इस पावन धरा ने महान सपूत भारत रत्न भूपेन हजारिका व गोपीनाथ बोरदोलोई जैसे रत्न दिए. भाजपा सरकार ने इस पावन धरा से जुड़ीं विभूतियों को उनके योगदान, असमिया संस्कृति के संरक्षण के कारण सम्मानित भी किया.
असम में भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जादू जमकर चला. बरछला जनसभा में सीएम योगी को देखने व सुनने के लिए जबरदस्त भीड़ उमड़ी. खासतौर पर युवा पेड़ों व वाहनों पर चढ़कर सीएम योगी की एक झलक पाने का प्रयास करते रहे. सीएम योगी ने भी हाथ हिलाकर असमवासियों का अभिवादन किया. इस दौरान ‘बुलडोजर बाबा की जय’ नारे भी लगे.
असमिया टोपी और ढोल का महत्व
जनसभा में मंचस्थल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया गया. उन्हें राज्य के प्रतीक के तौर पर असमिया टोपी (जापी) व असमिया ढोल भेंट किया गया. मुख्यमंत्री ने यह टोपी पहन कर असमिया ढोल बजाने का भी आनंद लिया. वह बेहद खुश भी नजर आए. इस दौरान उद्घोषक द्वारा ‘स्वागतम’ बोलने पर पूरा जनसभा स्थल ‘स्वागतम-सुस्वागतम’ की ध्वनि से गुंजायमान हो उठा.
बता दें कि असमिया टोपी (जापी) असमिया पहचान का एक अभिन्न हिस्सा है. ताड़ के पत्तों से बनी इस टोपी का इस्तेमाल असम के किसान तेज धूप व बारिश से बचने के लिए करते हैं. अहोम शासनकाल के दौरान जापी राज्य की प्रतिष्ठा का प्रतीक बनी. जापी केवल एक टोपी नहीं, बल्कि सम्मान का प्रतीक है. बिहू नृत्य के दौरान भी इसे पहना जाता है और इसे अतिथियों को सम्मान के रूप में भेंट किए जाने की परंपरा रही है.
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असमिया ढोल, जिसे बिहू ढोल भी कहा जाता है, असम का एक प्रमुख पारंपरिक ताल वाद्ययंत्र है. यह असम की सांस्कृतिक आत्मा है. यह लकड़ी के बेलनाकार ढांचेनुमा होता है, जो बोहाग बिहू के दौरान नृत्य व संगीत में केंद्रीय भूमिका निभाता है. इसे एक हाथ और एक बांस की छड़ी से बजाया जाता है. असम की इस विरासत को संरक्षित करने के लिए भारत सरकार ने इसे जीआई-टैग प्रदान किया है.
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