देहरादून–ऋषिकेश हाईवे परियोजना में पेड़ों की कटाई पर रोक, CM धामी का बड़ा फैसला
सीएम धामी ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी. साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा.
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है.
वन्यजीवों के लिए बनेगा 3.5 किलोमीटर लंबा अंडरपास
सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी. परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है.
जनभावनाओं की अनदेखी कर नहीं होगा फैसला
उन्होंने कहा कि विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा. इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए.
पेड़ों का कटान फिलहाल स्थगित
सीएम धामी ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी. साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा.
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उन्होंने कहा कि मेरे लिए उत्तराखण्ड की प्रकृति, जनभावनाएं और प्रदेश का विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं. हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी.