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CM रेखा का दिल्ली को बड़ा तोहफा, जल्द मिलेंगी 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें, 2028-29 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य

दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है. ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के इलेक्ट्रिकरण को प्रदूषण कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय आधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे.

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18 Jul 2026
( Updated: 18 Jul 2026
03:18 PM )
CM रेखा का दिल्ली को बड़ा तोहफा, जल्द मिलेंगी 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें, 2028-29 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य
Image Credit: IANS
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राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुविधाजनक तथा पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा फैसला लिया है.  

केंद्र सरकार की पीएम ई-ड्राइव योजना के प्रथम चरण (फेज-1) के तहत दिल्ली को 2,800 नई एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें मिलने जा रही हैं. इन बसों को अगले वर्ष से चरणबद्ध तरीके से राजधानी की सड़कों पर उतारा जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी.

2028-29 तक 14 हजार बसों का लक्ष्य

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दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए एक दीर्घकालिक योजना तैयार की है. इसी योजना के तहत वर्ष 2028-29 तक राजधानी में बसों की कुल संख्या बढ़ाकर करीब 14,000 करने का लक्ष्य रखा गया है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी, ताकि डीजल और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निर्भरता कम हो सके.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई बसें

नई एसी लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इन बसों में आरामदायक सीटें, आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं, दिव्यांगजनों के लिए आसान प्रवेश, बेहतर वेंटिलेशन और प्रदूषण-मुक्त संचालन जैसी कई विशेषताएं होंगी. चूंकि ये बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी, इसलिए इनसे धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा, जिससे राजधानी की हवा को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी.

प्रदूषण और ट्रैफिक कम करने में मिलेगी मदद

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दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है. ऐसे में सार्वजनिक परिवहन के इलेक्ट्रिकरण को प्रदूषण कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. विशेषज्ञों का भी मानना है कि यदि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय आधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे, तो ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी. सरकार का उद्देश्य केवल बसों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, बल्कि राजधानी के प्रत्येक क्षेत्र तक बेहतर और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना भी है.

हर क्षेत्र तक बेहतर बस सेवा पहुंचाने की तैयारी

इसके लिए इलेक्ट्रिक बसों के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा. दिल्ली सरकार का कहना है कि आने वाले वर्षों में राजधानी का सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह आधुनिक, हरित और तकनीक आधारित बनाया जाएगा. पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत शामिल की जा रही 2,800 नई इलेक्ट्रिक बसें इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी.

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सरकार को उम्मीद है कि वर्ष 2028-29 तक 14,000 बसों के लक्ष्य को पूरा कर दिल्ली देश के सबसे बड़े और सबसे स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क वाले शहरों में शामिल होगी.

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