Advertisement

Loading Ad...

4 साल बाद UP को मिले परमानेंट DGP, राजीव कृष्णा संभालेंगे ये जिम्मेदारी, बने CM योगी की पहली पसंद

राजीव कृष्ण बीते एक साल समय से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में प्रदेश पुलिस की कमान संभाल रहे थे. आयोग ने IPS अधिकारी रेणुका मिश्रा और IPS अधिकारी पीयूष आनंद के नाम भी सरकार को भेजे थे.

Image Source- X/@dgpup
Loading Ad...

4 साल के लंबे इंतजार के बाद UP को स्थायी DGP मिल गए हैं. सरकार ने राजीव कृष्णा को UP का अगला पूर्णकालिक डीजीपी बनाने का आदेश जारी कर दिया है. इससे पहले राजीव कृष्ण कार्यवाहक DGP के तौर पर कार्यरत थे. 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद की ओर से जानकारी दी गई है. इसके साथ ही साल 2022 में तत्कालीन DGP मुकुल गोयल के पद से हटने के बाद से चला आ रहा पूर्णकालिक डीजीपी का इंतजार समाप्त हो गया. 

DGP के लिए ये नाम भी रेस में थे

Loading Ad...

राजीव कृष्ण बीते एक साल समय से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में प्रदेश पुलिस की कमान संभाल रहे थे. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की ओर से भेजे गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी. आयोग ने 26 मई को हुई बैठक के दौरान 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी रेणुका मिश्रा और 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम राज्य सरकार को भेजे थे. 

Loading Ad...

प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक अनुभव, कानून-व्यवस्था प्रबंधन और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए राजीव कृष्ण को पुलिस बल का नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया. उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब राज्य सरकार अपराध नियंत्रण, तकनीक आधारित पुलिसिंग और निवेश अनुकूल कानून-व्यवस्था को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किए हुए है. 

कौन हैं UP के DGP राजीव कृष्ण? 

Loading Ad...

इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पृष्ठभूमि रखने वाले राजीव कृष्ण का जन्म 26 जून 1969 को गौतमबुद्ध नगर में हुआ था. भारतीय पुलिस सेवा के 1991 बैच के अधिकारी के रूप में उन्होंने 15 सितंबर 1991 को सेवा जॉइन की थी. 

राजीव कृष्ण को पुलिस सेवा में तीन दशक से अधिक का व्यापक अनुभव हासिल है. उन्होंने खुफिया तंत्र, कानून-व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. कार्यवाहक डीजीपी बनने से पहले वह डीजी इंटेलिजेंस और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष जैसी अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे. 

यह भी पढ़ें- दोस्त, मुखबिर, बाइक और नाकेबंदी…गाजियाबाद में सूर्या के हत्यारे असद के एनकाउंटर की पूरी INSIDE STORY

Loading Ad...

मैदानी पुलिसिंग में भी उनका लंबा अनुभव रहा है. वह लखनऊ, आगरा, मथुरा, इटावा और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) सहित कई महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस प्रमुख रह चुके हैं. इटावा में तैनाती के दौरान दस्यु गिरोहों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में उनकी भूमिका विशेष रूप से चर्चा में रही. 

इसके अलावा वह लखनऊ जोन के एडीजी और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में आईजी ऑपरेशंस के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं. अपने करियर के दौरान राजीव कृष्ण ने विभिन्न स्तरों पर प्रमोशन हासिल करते हुए फरवरी 2024 में पुलिस महानिदेशक रैंक हासिल की. सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और UPSC की चयन प्रक्रिया के तहत नियुक्त स्थायी DGP का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष का होता है. ऐसे में राजीव कृष्ण के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पुलिस को अपेक्षाकृत स्थिर कमान मिलने की उम्मीद है. 

यह भी पढ़ें

 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...