एक मार्च को जंतर-मंतर पर AAP की विशाल रैली, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों के समर्थन में होगी जनआंदोलन
भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल में जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और अब लोग अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘चलो जंतर-मंतर’ का आह्वान करते हुए कहा कि बस मार्शल, डीटीसी बस कंडक्टर, मोहल्ला क्लीनिक कर्मचारी, डिम्ट्स कर्मचारी और अस्पतालों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर अपनी-अपनी वर्दी में रैली में शामिल हों.
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राजधानी की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया है कि एक मार्च को जंतर-मंतर पर विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी. इस जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल वर्तमान सरकार में नौकरी से निकाले गए हजारों कर्मचारियों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे.
नौकरी से निकाले गए हजारों कर्मचारियों के समर्थन में 'आप'
पार्टी का कहना है कि यह रैली दिल्ली में कथित जनविरोधी फैसलों के खिलाफ एक बड़ा जनआंदोलन साबित होगी.
1 मार्च को विशाल जनसभा
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बताया कि जनसभा की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. उन्होंने दिल्ली की जनता से अपील की है कि वे एक मार्च को सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर इस जनसभा को सफल बनाएं.
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना
भारद्वाज ने कहा कि भाजपा सरकार के एक साल के कार्यकाल में जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है और अब लोग अपनी समस्याओं को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ‘चलो जंतर-मंतर’ का आह्वान करते हुए कहा कि बस मार्शल, डीटीसी बस कंडक्टर, मोहल्ला क्लीनिक कर्मचारी, डिम्ट्स कर्मचारी और अस्पतालों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर अपनी-अपनी वर्दी में रैली में शामिल हों.
उनका आरोप है कि भाजपा ने सरकार बनते ही 10 हजार बस मार्शलों को पक्की नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया. इसके अलावा संविदा पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे वे बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं.
वहीं, मोहल्ला क्लीनिक में कार्य कर चुकीं स्टाफ नर्स नेहा त्यागी ने भी अपनी पीड़ा साझा की. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद कर्मचारियों को नियमित करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन उल्टा उन्हें नौकरी से हटा दिया गया और कई मोहल्ला क्लीनिकों पर ताले लग गए. उनका कहना है कि पिछले एक साल से कर्मचारी मुख्यमंत्री से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.
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आम आदमी पार्टी का दावा है कि यह जनसभा केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की लड़ाई है जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है. पार्टी नेताओं का कहना है कि एक मार्च की रैली के जरिए कर्मचारियों की आवाज सरकार तक पहुंचाई जाएगी और उनके अधिकारों की बहाली की मांग की जाएगी.
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