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असम में कैसी होगी नई कैबिनेट? जानिए शपथ ग्रहण से ठीक पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने क्या कहा
शपथ ग्रहण से ठीक पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि नई कैबिनेट का मुख्य लक्ष्य चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) को पूरी तरह लागू करना और असम के विकास की गति को और तेज करना होगा.
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असम के कार्यवाहक मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री के आगमन से पहले कहा कि प्रधानमंत्री आज रात गुवाहाटी पहुंचेंगे. मंगलवार सुबह 11 बजे असम की नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा.
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे कई दिग्गज
पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और साथ में तमाम एनडीए शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में कई मंत्री भी शामिल होंगे.
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शपथ ग्रहण के तुरंत बाद CM करेंगे पहली कैबिनेट बैठक
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हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इस भव्य समारोह में पूरे असम से हमारे बूथ अध्यक्ष से लेकर पार्टी के सभी कार्यकर्ता समारोह में मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट की बैठक करूंगा. हमारा मेनिफेस्टो जनता के सामने है. मेनिफेस्टो को लागू करना ही हमारा लक्ष्य होगा.
मंत्रिमंडल के बारे में हिमंता ने क्या बताया?
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मीडिया से बात करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, ‘अभी तक मंत्रियों की कोई अंतिम सूची तैयार नहीं की गई है. यह फैसला आज देर रात लिया जाएगा’. उन्होंने आगे कहा, ‘लगभग 18-19 मंत्री हो सकते हैं, लेकिन हम नए चेहरों को शामिल करेंगे या अनुभवी चेहरों को बरकरार रखेंगे, यह हमें मिलने वाले मार्गदर्शन पर निर्भर करेगा. इसलिए, अभी इस चर्चा से पहले मैं किसी भी बात की पुष्टि नहीं कर सकता’.
गुवाहाटी में होगा शपथ ग्रहण समारोह
बता दें कि असम में नई सरकार के गठन को लेकर रविवार को तस्वीर साफ हुई. रविवार को असम मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट में लिखा था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 (1) के तहत राज्यपाल ने डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा को असम का मुख्यमंत्री नियुक्त किया है. शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को सुबह 11:40 बजे खानापारा, गुवाहाटी में आयोजित होने वाला है.
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नई सरकार के गठन के लिए सारी तैयारी पूरी
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इससे पहले, भाजपा विधायक दल और एनडीए विधायक दल की बैठक में हिमंता बिस्वा सरमा को सर्वसम्मति से नेता चुना गया था. नई सरकार के गठन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भाजपा ने केंद्रीय नेतृत्व की ओर से खास जिम्मेदारी सौंपी थी. पार्टी ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को पर्यवेक्षक बनाया था, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था. दोनों नेताओं ने असम में विधायक दल की बैठक और सरकार गठन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाई.