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बंगाल में नतीजों से पहले अलर्ट मोड में बीजेपी... अमित शाह ने लिया बड़ा फैसला, कार्यकर्ताओं के लिए सभी प्रत्याशियों को दिए अहम निर्देश

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों से पहले बीजेपी अलर्ट मोड में है. पार्टी ने विधायकों और नेताओं को अपने क्षेत्रों में ही रहने के निर्देश दिए हैं ताकि संभावित हिंसा से निपटा जा सके. 2021 की घटनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. वहीं पीएम मोदी और अमित शाह खुद हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

बंगाल में नतीजों से पहले अलर्ट मोड में बीजेपी... अमित शाह ने लिया बड़ा फैसला, कार्यकर्ताओं के लिए सभी प्रत्याशियों को दिए अहम निर्देश
Image Source: Amit Shah Via IANS
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अब सबकी निगाहें मतगणना और नतीजों पर टिकी हैं. लेकिन इस बार सियासी लड़ाई सिर्फ वोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनाव के बाद की स्थिति भी राजनीतिक दलों के लिए बड़ी चुनौती बनती दिख रही है. खासतौर पर बीजेपी ने इस बार पहले से ही पूरी रणनीति तैयार कर ली है, ताकि नतीजों के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके.

पार्टी आलाकमान का नेताओं को सख्त निर्देश

सूत्रों के अनुसार, बीजेपी ने अपने सभी निर्वाचित विधायकों और नेताओं को साफ निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी विशेष बुलावे के कोलकाता न जाएं और अपने-अपने क्षेत्रों में ही मौजूद रहें. इसका मकसद साफ है कि स्थानीय स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा सके और किसी भी तरह की हिंसा या तनाव की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके. पार्टी का मानना है कि जमीनी स्तर पर मौजूद रहकर ही कार्यकर्ताओं और समर्थकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है.

2021 की हिंसा से सबक, इस बार कोई जोखिम नहीं

दरअसल, यह सतर्कता यूं ही नहीं बरती जा रही है. साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में कई हिंसक घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें बीजेपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाए जाने के आरोप लगे थे. उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार पार्टी कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है. यही वजह है कि संगठन स्तर पर भी नेताओं को कुछ दिनों तक अपने क्षेत्रों में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं.

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केंद्रीय नेतृत्व रख रहा है हर गतिविधि पर नजर

बताया जा रहा है कि चुनावी नतीजों तक खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव के दौरान जिन कार्यकर्ताओं ने मेहनत की है, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है. यही कारण है कि इस बार हर स्तर पर सतर्कता और निगरानी बढ़ा दी गई है.

वार रूम रहेगा सक्रिय

बीजेपी ने अपने वार रूम को भी सक्रिय रखने का फैसला किया है. नतीजों के बाद भी यह वार रूम लगातार काम करेगा और हर क्षेत्र से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करता रहेगा. इससे किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना आसान होगा. पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार बैठकें कर रहे हैं और संभावित हालात से निपटने की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है. 2 मई को कोलकाता में होने वाली अहम बैठक में मतगणना के साथ-साथ चुनाव बाद की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.

चुनाव आयोग सख्त

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वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग ने भी सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं दी है. पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने साफ कहा है कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है. सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी रखी जा रही है. ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को भी आयोग ने पूरी तरह बेबुनियाद बताया है. हालांकि, सियासी तनाव अभी भी बना हुआ है. कोलकाता में हाल ही में मतगणना केंद्रों को लेकर हंगामा देखने को मिला, जहां तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया. इसी बीच टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है. पार्टी ने मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मियों की तैनाती से जुड़े फैसले को चुनौती दी है, जिस पर आज सुनवाई होनी है.

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बताते चलें कि पश्चिम बंगाल चुनाव इस बार सिर्फ वोटों की गिनती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद की स्थिति भी उतनी ही अहम मानी जा रही है. बीजेपी जहां पूरी तैयारी के साथ मैदान में है, वहीं प्रशासन और चुनाव आयोग भी सतर्क नजर आ रहे हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि नतीजों के बाद राज्य का सियासी माहौल किस दिशा में जाता है.

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