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साजिश के तहत गरीब हिंदुओं का कराया जा रहा था धर्म परिवर्तन, NMF News ने खुफिया बस का किया पीछा, ऑन कैमरा हुआ धर्मांतरण गैंग का भांडाफोड़
यूपी के जालौन से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां मध्य प्रदेश से लाकर भोले-भाले हिंदू ग्रामीणों का धर्म परिवर्तन कराने की एक बड़ी और सुनियोजित साजिश का भांडाफोड़ हुआ है। ये खुलासा NMF News के कैमरे पर हुआ है.
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यूपी के जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र से सामने आ रही एक बड़ी ख़बर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. यहां पर NMF News की ‘खुफिया आखों’ और पत्रकार के जज्बे ने जिस सच को सामने लाया उससे हर कोई सन्न रह गया. यहां धर्मांतरण की सुनयोजित साजिश का भांडा फूटने से हड़कंप मचा हुआ है.
NMF News के कैमरे पर धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश!
यहां NMF News के खोजी पत्रकार ने खुद देखा कि कैसे धर्मांतरण में शामिल बस में भरकर भारी संख्या में हिंदू महिलाओं और पुरुषों को ले जाया जा रहा था. इतना ही नहीं पूरे के पूरे परिवार को ही हिंदू से ईसाई बनाने की कोशिश की जा रही थी, जिसे सामाजिक संगठनों के माध्यम से पकड़ा गया और रोका गया.
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यहां ग्रामीणों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यकर्ताओं ने महिलाओं और ग्रामीणों से भरी एक बस को रोक लिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही कर दी है. पुलिस पूरे मामले में कथित नेटवर्क, मोबाइल कॉल डिटेल और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही है.
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बुधवार देर शाम धर्मांतरण की आशंका को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई. स्थानीय लोगों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से भरी एक बस को रोक लिया. आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पैसों, इलाज और अन्य सुविधाओं का लालच देकर लखनऊ ले जाया जा रहा था.
VHP-बजरंग दल वालों ने भी दिखाई हिम्मत!
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बताया गया कि बस संख्या UP92 AT 6733 मदारीपुर गांव के पास से गुजर रही थी. इसी दौरान स्थानीय युवाओं और विहिप कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि बस में सवार लोगों को कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं ने बस को रुकवा लिया और पुलिस को बुला लिया.
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए, जिससे देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा. सूचना पर क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई, एसडीएम जालौन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर उसमें सवार लोगों से अलग-अलग पूछताछ शुरू की.
पुलिस ने कई लोगों को लिया हिरासत में!
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पुलिस ने इस दौरान महिलाओं समेत कुल 22 लोगों को हिरासत में लिया. हिरासत में ली गई महिलाओं में पूनम, माधुरी, विमला, पुष्पा, निर्मला, राजकुमारी, अंजली सिंह, सरोज, सोनेश, अमला, गुड्डी देवी, मुनु, उषा, बिंदली, रीना, विद्या, किरण और राखी सहित अन्य लोग शामिल बताए गए हैं.
पुलिस के अनुसार, सिरसा थाना क्षेत्र के ऊधगांव से कथित तौर पर एक नेटवर्क संचालित किया जा रहा था, जो गांव-गांव जाकर गरीब परिवारों को अपने प्रभाव में लेकर बसों के जरिए बाहर ले जाता था. पुलिस को बस में सवार लोगों की सूची भी सौंपी गई है. अब मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल और संपर्क सूत्रों की जांच की जा रही है. मामले के तार मध्यप्रदेश तक जुड़े होने जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र में धर्मांतरण की आशंका को लेकर बुधवार देर शाम हड़कंप मच गया.
ग्रामीणों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यकर्ताओं ने महिलाओं और ग्रामीणों से भरी एक बस को रोक लिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस पूरे मामले में कथित नेटवर्क, मोबाइल कॉल डिटेल और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही है.
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बुधवार देर शाम धर्मांतरण की आशंका को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई. स्थानीय लोगों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से भरी एक बस को रोक लिया. आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पैसों, इलाज और अन्य सुविधाओं का लालच देकर लखनऊ ले जाया जा रहा था.
बताया गया कि बस संख्या UP92 AT 6733 मदारीपुर गांव के पास से गुजर रही थी. इसी दौरान स्थानीय युवाओं और विहिप कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि बस में सवार लोगों को कथित तौर पर धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से ले जाया जा रहा है. सूचना मिलते ही कार्यकर्ताओं ने बस को रुकवा लिया और पुलिस को बुला लिया.
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए, जिससे देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा. सूचना पर क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र बाजपेई, एसडीएम जालौन और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया. पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर उसमें शामिल लोगों को बरामद किया और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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ब्रेनवॉश का खतरनाक सिंडिकेट: "तुम्हारी बेड़ियां टूट चुकी हैं... अब तुम ईसू की शरण में हो"
इस पूरे धर्मांतरण रैकेट का सबसे खौफनाक और चिंताजनक पहलू वह तरीका है, जिससे इन भोले-भाले और आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीणों का ब्रेनवॉश किया जा रहा था. धर्मांतरण के इस सिंडिकेट ने एक बेहद सोची-समझी मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक साजिश रची थी. इनका निशाना वो परिवार होते थे, जो घोर गरीबी में जी रहे हैं या जिनके घरों में कोई न कोई सदस्य लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार है.
पकड़े गए लोगों और सूत्रों से हुई पूछताछ में जो सच सामने आया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है. इन ग्रामीणों के दिमाग में यह बात इतनी गहराई तक भर दी गई थी कि वे अपनी सुध-बुध और सोचने की शक्ति खो बैठे थे. उन्हें यह कहकर बरगलाया गया था कि "तुम्हारी पुरानी जिंदगी की सारी बेड़ियां अब तोड़ी जा चुकी हैं. तुम्हारे दुखों, गरीबी और बीमारियों का अंत आ गया है क्योंकि अब तुम सीधे ईसू (ईसा मसीह) की शरण में जा रहे हो." यह महज एक वाक्य नहीं था, बल्कि उन्हें उनके मूल धर्म, संस्कृति और जड़ों से पूरी तरह से काटने का एक अचूक और जहरीला हथियार था.
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यूपी के जालौन में धर्मांतरण रैकेट का बड़ा खुलासा, NMF NEWS ने पकड़ा धर्मांतरण का बड़ा खेल, धर्म परिवर्तन करने के लिए कैसे गरीबों को फंसाया जाता है सबूत देखिये !@jalaunpolice #Yogi #Christian #conversion @GsvermaB @Vinod_MLA_Kalpi pic.twitter.com/yiBNqI0WMg
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">May 27, 2026
एम्स (AIIMS) से भी बड़े 'चमत्कार' का झूठा दावा
इस सिंडिकेट का सबसे बड़ा और खतरनाक हथियार था 'चमत्कारी इलाज' का झूठा दावा. इन लाचार और गरीब लोगों के इर्द-गिर्द अंधविश्वास का ऐसा मायाजाल बुना गया, जिसने उन्हें पूरी तरह से अंधा कर दिया. उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि "जो लाइलाज बीमारियां दिल्ली के एम्स (AIIMS) और देश के बड़े-बड़े अस्पतालों के डॉक्टर ठीक नहीं कर पाए, जिन बीमारियों में तुम्हारे लाखों रुपये बर्बाद हो गए और डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, वो वहां लखनऊ की प्रार्थना सभा में ईसू की शरण में जाने मात्र से एकदम चमत्कारिक रूप से ठीक हो रही हैं."
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कैंसर, टीबी, या अन्य गंभीर और लाइलाज बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह दावा एक 'संजीवनी' की तरह पेश किया गया. जो परिवार इलाज के अभाव में और कर्ज के भारी बोझ तले टूट चुके थे, उनके लिए यह एक ऐसी झूठी उम्मीद थी जिसके लिए वे कुछ भी करने को तैयार हो गए. इसी मेडिकल इमरजेंसी और आर्थिक मजबूरी का सीधा फायदा उठाकर, पूरे के पूरे परिवारों को बसों में भरकर लखनऊ ले जाया जा रहा था. उन्हें यह अहसास दिलाया गया कि उनका वर्तमान धर्म उनकी रक्षा नहीं कर पा रहा है और उनकी हर समस्या का एकमात्र समाधान अब ईसाई धर्म अपनाना ही है.
यह सब कोई एकाएक हुई घटना नहीं थी, बल्कि बाकायदा 'मिशन 2027' के तहत गांव-गांव फैले नेटवर्क की एक गहरी साजिश का हिस्सा था, जो इस तरह के लाचार लोगों को चिह्नित कर उन्हें धर्मांतरण की अंधी खाई में धकेल रहा था.
मध्य प्रदेश से लाकर यूपी में करा रहे थे धर्म परिवर्तन ! पत्रकार ने जान पर खेलकर किया पूरा नेटवर्क ध्वस्तअगर देखना हो कि देश में धर्मांतरण के गंदे 'धंधे' की जड़ें कितनी गहरी हैं, तो इस रिपोर्ट को देखिए. बड़े ही शातिराना तरीके से मध्य प्रदेश के अलग-अलग गांवों से यूपी लाकर गरीब… pic.twitter.com/Cs3M6QQFQZ
— NMF NEWS (@NMFNewsNational) ?ref_src=twsrc%5Etfw">May 28, 2026Advertisement
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पुलिस ने दर्ज की (FIR)
धर्मांतरण की इस गहरी साजिश का भंडाफोड़ होने के बाद, पुलिस ने इस मामले में कड़ा एक्शन लिया है. कुठौंद पुलिस स्टेशन में आधिकारिक रूप से एफआईआर (FIR No. 0073/2026) दर्ज कर ली गई है, जिसके दस्तावेजों में इस संगठित अपराध की पूरी रूपरेखा सामने आई है:
शिकायतकर्ता: पंकज शुक्ला (पुत्र- ओम शर्मा शुक्ला), निवासी- कस्बा कुठौंद, जालौन.
घटना का समय: बुधवार, 27 मई 2026 को दोपहर लगभग 2:00 बजे.
एफआईआर दर्ज होने का समय: उसी रात 11:06 बजे (23:06).
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शिकायत के आधार पर पुलिस ने धर्मांतरण का यह गिरोह चलाने वाले 3 मुख्य आरोपियों को नामजद किया
1. विवेक कुमार (पिता का नाम- स्व. राम कुमार), निवासी- ग्राम सिरसा कलार, जालौन.
2. मोहित चौधरी (पिता का नाम- रामदास दोहरे), निवासी- ग्राम हरिपुरा, जालौन.
3. अमित (पिता का नाम- सन्तोष कुमार), निवासी- ग्राम ऊद, सिरसा कलार, जालौन.
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धर्मांतरण के इस संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बेहद गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है.
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021: इस कड़े कानून की धारा 3 और 5(1) के तहत मामला दर्ज हुआ है, जो जबरन, लालच या कपटपूर्ण तरीके से धर्म परिवर्तन कराने के खिलाफ है.भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: मामले की गंभीरता को देखते हुए नई न्याय संहिता की धारा 61 और 318 भी लगाई गई है.
आपको बता दें कि एफआईआर की कॉपी में शिकायतकर्ता की लिखित तहरीर में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि, "करीब 25 हिंदू महिला एवं पुरुषों को संगठित रूप से प्रलोभन और बहकावे में लेकर ईसाई प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए ले जाया जा रहा था." तहरीर में यह आशंका भी जताई गई है कि इन व्यक्तियों द्वारा कपट और प्रलोभन से धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास किया जा रहा था, जो न केवल एक कानूनी अपराध है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में भारी धार्मिक तनाव उत्पन्न होने और लोक शांति भंग होने का बड़ा खतरा मंडरा रहा था.
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मामले की संवेदनशीलता और इसके तार मध्य प्रदेश से जुड़े होने की आशंका के चलते, पुलिस ने अब इस पूरे केस की गहन जांच सब-इंस्पेक्टर (SI) मुकेश कुमार गौतम को सौंप दी है. पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है, ताकि इस 'मिशन 2027' के असली आकाओं और फण्डिंग के स्रोतों को बेनकाब किया जा सके.