इस योजना के बड़े सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यद्यपि यह वित्तीय सहायता महिलाओं को अमीर नहीं बनाएगी, लेकिन यह उन्हें स्वाभिमान अवश्य प्रदान करेगी.
-
राज्य05 Jun, 202607:10 PMपंजाब की महिलाओं के लिए खुशखबरी! 1 जुलाई से खाते में आएंगे 1000 रुपये, जानिए किसे मिलेगा लाभ
-
राज्य05 Jun, 202601:36 PMआम का पौधा रोपकर मुख्यमंत्री ने सभी को दी विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामना
सीएम योगी ने कहा कि 9 वर्ष के अंदर प्रदेश में 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया गया, जिससे प्रदेश का फॉरेस्ट कवर भी बढ़ा। पीएम मोदी ने प्रकृति व मातृभूमि के प्रति दायित्वों का निर्वहन करते हुए कृतज्ञता स्वरूप तीन वर्ष पहले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का शुभारंभ किया था। इस अभियान के क्रम में आज पौधरोपण महाभियान प्रारंभ होने जा रहा है।
-
धर्म ज्ञान02 Jun, 202611:41 AMदेवभूमि का वो सिद्धपीठ जहां पूरी होती है हर मन्नत, सीएम धामी ने वीडियो शेयर कर दिखाई भव्यता
मां कुटेटी देवी मंदिर न केवल एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, बल्कि एक ऐसा सिद्धपीठ भी है, जहां का शांत वातावरण और दिव्य ऊर्जा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां कुटेटी देवी का इतिहास आदि गुरु शंकराचार्य के काल तथा राजस्थान के कोटा राजघराने की अनन्य भक्ति से जुड़ा हुआ है.
-
धर्म ज्ञान30 May, 202608:00 AMदेवभूमि की आस्था का केंद्र है मां झूमाधूरी मंदिर, सीएम धामी ने भक्तों से दर्शन करने की अपील की
देवभूमि उत्तराखंड की गोद में बसे अनेक अलौकिक तीर्थस्थलों में मां झूमाधूरी मंदिर एक विशेष और अनूठा स्थान रखता है.
-
धर्म ज्ञान28 May, 202606:56 PMकहां है मां भगवती का ये दिव्य मंदिर, जहां 9 नहीं 16 दिनों की होती है नवरात्रि, भक्त मनोकामना पूरी होने के लिए चढ़ाते हैं ये चीज़
मंदिर से जुड़ी एक अन्य कथा रानी अहिल्याबाई होल्कर से जुड़ी है. कहा जाता है कि उन्होंने इस मंदिर का निर्माण करवाकर समाज के सभी वर्गों को पूजा का समान अधिकार दिया था. उन्होंने जाति-धर्म की दीवारों को तोड़ते हुए इस मंदिर को सबके लिए खोल दिया.
-
Advertisement
-
धर्म ज्ञान28 May, 202612:43 PMउत्तराखंड की बेटी और शिव की अर्धांगिनी मां नंदा देवी, जानिए क्यों खास हैं माता पार्वती का ये स्वरूप
'मां नंदा देवी' उत्तराखंड की आराध्या और हिमालय की संरक्षक देवी हैं, जिन्हें माता पार्वती का ही स्वरूप माना जाता है. उन्हें कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में 'आनंद देने वाली देवी' के रूप में पूजा जाता है. यह संपूर्ण उत्तराखंड की संस्कृति और आस्था का मुख्य केंद्र हैं.