महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र पर्वों में से एक है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। 2025 में यह शुभ दिन 26 फरवरी को आएगा। इस दिन भक्तगण उपवास रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और रात्रि जागरण करते हैं। पूजा में विशेष रूप से गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा और भांग जैसी सामग्रियों का उपयोग किया जाता है।
-
धर्म ज्ञान19 Feb, 202510:39 PMमहाशिवरात्रि 2025: इस बार 11 घंटे तक रहेगा भद्राकाल? जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त
-
धर्म ज्ञान11 Feb, 202512:21 AMMagha Purnima 2025: इस दिन भूल कर भी न करें यह काम, जानें तिथि, महत्व और पूजा विधि
हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा को शुद्धि मिलती है। यही कारण है कि इस दिन लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, प्रयागराज, वाराणसी और अन्य तीर्थ स्थलों पर गंगा स्नान करने के लिए उमड़ते हैं।
-
धर्म ज्ञान19 Dec, 202402:19 PMRukmini Ashtami 2024: जानिए कब है रुक्मिणी अष्टमी, महत्व, पूजा विधि और मंत्र
रुक्मिणी अष्टमी का पर्व हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन देवी रुक्मिणी, जो भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी और देवी लक्ष्मी का अवतार मानी जाती हैं, के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रत और पूजा करने से मां लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि, और धन की प्राप्ति होती है।
-
धर्म ज्ञान18 Dec, 202404:53 PMसोमवती अमावस्या 2024: पितरों को प्रसन्न करने के उपाय, जानें तिथि, पूजा विधि और पितरों को तर्पण का महत्व
सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में पितरों की शांति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए एक पवित्र दिन है। 2024 की आखिरी सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, तर्पण, पीपल की पूजा और दान करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
-
धर्म ज्ञान07 Nov, 202411:37 PMदेवउठनी एकादशी 2024: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा का महत्व
देवउठनी एकादशी, जिसे देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस वर्ष यह पावन तिथि 12 नवंबर को है। इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं, जिससे सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है। देवउठनी एकादशी पर उपवास और पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त भगवान विष्णु की पूजा, कथा वाचन और निर्जल व्रत का पालन करते हैं।
-
Advertisement
-
धर्म ज्ञान03 Nov, 202406:39 PMTulsi Vivah 2024: जानें 12 या 13 नवंबर कब है तुलसी विवाह? पूजा विधि, उपाय और इसका महत्व
तुलसी विवाह का पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इसे कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मनाया जाता है, जिसमें भगवान विष्णु के शालिग्राम अवतार और माता तुलसी का प्रतीकात्मक विवाह संपन्न होता है। इस दिन को सभी मांगलिक कार्यों के शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है, और मान्यता है कि इसके पालन से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य आता है।
-
धर्म ज्ञान08 Oct, 202412:55 PMShardiya Navratri 2024: मां Katyayani की पूजा विधि, प्रभावी उपाय और इच्छा पूर्ति मंत्र
शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो चुकी है, अब जो कि नवरात्र का पांचवा दिन मां कात्यायनी समर्पित होता है, ऐसे में इस दिन की विशेष पूजन विधि और इच्छा पूर्ति मंत्र क्या कहते हैं, बता रहे हैं राजपुरोहित मधुर जी। देखिये सिर्फ धर्म ज्ञान पर।
-
धर्म ज्ञान27 Aug, 202403:46 PMShardiya Navratri 2024: कब करें घट स्थापना? जानें सही समय और पूजा विधि
इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हस्त नक्षत्र में होने जा रही है, जो 9 दिनों तक चलने वाले देवी दुर्गा के उपासना पर्व का शुभारंभ करेगी। नवरात्रि का यह पर्व विशेष रूप से घट स्थापना (कलश स्थापना) के लिए महत्वपूर्ण होता है, और इसका शुभ मुहूर्त जानना बेहद जरूरी है।