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ASP अनुज चौधरी पर FIR का आदेश देने वाले जज विभांशु का तबादला क्यों हुआ, जानिए वजह

संभल हिंसा मामले में ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों पर FIR का आदेश देने वाले CJM विभांशु सुधीर का इलाहाबाद हाईकोर्ट की ट्रांसफर लिस्ट में तबादला किया गया, जिससे जिला एक बार फिर चर्चा में आ गया है.

ASP अनुज चौधरी पर FIR का आदेश देने वाले जज विभांशु का तबादला क्यों हुआ, जानिए वजह
Anuj Chaudhary (File Photo)

उत्तर प्रदेश का संभल जिला बीते कई महीनों से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है. कभी यहां हुई हिंसा को लेकर चर्चा हुई, तो कभी उस पर हुई प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठे. अब एक बार फिर संभल चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह न्यायिक व्यवस्था से जुड़ी है. संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का ट्रांसफर कर दिया गया है. खास बात यह है कि यही वही जज हैं, जिन्होंने 9 जनवरी को ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. इस आदेश के बाद से ही वे लगातार चर्चा में बने हुए थे.

हाईकोर्ट की ओर से जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट

मंगलवार शाम इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से जारी ट्रांसफर लिस्ट में 14 न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए. इनमें कुछ जजों की जगह अदला-बदली भी की गई है. इस सूची में सबसे ज्यादा ध्यान संभल के CJM के नाम पर गया. वजह साफ थी. 9 जनवरी को दिए गए उस आदेश ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी थी, जिसमें संभल हिंसा के दौरान एक युवक को गोली मारने के मामले में ASP अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दिया गया था. इस फैसले के बाद संभल की न्यायिक और प्रशासनिक गतिविधियां लगातार चर्चा में रहीं. जानकारी देते चलें कि CJM विभांशु सुधीर का नाम अचानक सुर्खियों में आना किसी सामान्य ट्रांसफर की तरह नहीं देखा जा रहा. उनका आदेश कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया गया था. तभी से यह माना जा रहा था कि संभल का यह मामला आगे और तूल पकड़ सकता है. अब उनके तबादले ने चर्चाओं को और हवा दे दी है.

विभांशु सुधीर कब बने जज?

विभांशु सुधीर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले हैं. उनका जन्म 20 अगस्त 1990 को हुआ था. उन्होंने वर्ष 2004 में हाईस्कूल पास किया और इसके बाद कानून की पढ़ाई पूरी कर 2011 में एलएलबी की डिग्री हासिल की. वर्ष 2013 में उन्हें पहली बार सुल्तानपुर में एडिशनल सिविल जज के तौर पर नियुक्ति मिली थी. इसके बाद उन्होंने एटा, मुरादाबाद, चंदौली, गाजियाबाद, ललितपुर, आगरा और संभल जैसे जिलों में अपनी सेवाएं दीं. अब उन्हें सीनियर सिविल डिवीजन जज के पद पर सुल्तानपुर भेजा गया है.संभल में अब नए CJM के तौर पर आदित्य सिंह ने कार्यभार संभाल लिया है. आदित्य सिंह को प्रमोशन के तहत इस पद पर नियुक्त किया गया है. इससे पहले वे चंदौसी कोर्ट में सीनियर सिविल डिवीजन जज के रूप में तैनात थे. आदित्य सिंह वही न्यायिक अधिकारी हैं, जिन्होंने श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद मामले में सर्वे का आदेश दिया था, जिसके बाद वे पहले भी चर्चा में रह चुके हैं. आदित्य सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के रहने वाले हैं. उनका जन्म 11 नवंबर 1988 को हुआ था. न्यायिक सेवा में उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी. अनुभव और चर्चित मामलों की वजह से उनकी पहचान पहले से ही बनी हुई है.

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बताते चलें कि संभल में CJM के इस बदलाव को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे सामान्य ट्रांसफर प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है. लेकिन जिस समय और जिन परिस्थितियों में यह तबादला हुआ है, उसने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नए CJM के नेतृत्व में संभल के संवेदनशील मामलों की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है.

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