फैक्ट चेक- दिल्ली में भारत-इजरायल डिफेंस फैसिलिटी में आग की खबर निकली झूठी, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे आप!
Fact Check: दिल्ली में भारत-इजरायल संयुक्त डिफेंस फैसिलिटी में आग लगने की वायरल खबर को विदेश मंत्रालय ने झूठा बताया है. जानिए मंत्रालय ने क्या कहा?
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मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की बाढ़ आ गई है. कई AI जेनेरेटेड तस्वीरें सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं, तो कई झूठी खबरें भी व्हाट्सऐप और अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही हैं. यह सब कुछ आम नागरिकों को भ्रमित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. दरअसल, जानकारी के मुताबिक, भारत विरोधी ताकतें आपदा में अवसर ढूंढकर एक प्रोपेगेंडा के तहत अपने मकसद को अंजाम देने की कोशिश कर रही हैं.
Deepfake Video Alert!
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 12, 2026
This is an AI generated video intended to spread disinformation! Please stay alert against such fake videos and content on social media. @PIBFactCheck@MEAIndia pic.twitter.com/OLlGlYuAgm
झूठी खबरों पर PIB की पैनी नजर
हालांकि, एक तरह ऐसी झूठी और फर्जी खबरें वायरल की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इनका पर्दाफाश भी हो रहा है. भारतीय विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट और पीआईबी लगातार इन झूठी खबरों की पोल खोल रहे हैं. ताजा मामले में दिल्ली में भारत और इजरायल की संयुक्त डिफेंस फैसिलिटी में आग लगने की झूठी खबर का भी पर्दाफाश किया है.
Fake News Alert!
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 12, 2026
This is Fake News.
Please stay alert against such false and baseless claims on social media! pic.twitter.com/vtqwmdj4nQ
क्या फैलाई गईं झूठी खबरें?
दरअसल, फर्जी खबर में कहा गया कि दिल्ली में भारत-इजरायल की संयुक्त डिफेंस फैसिलिटी में भीषण आग लग गई, जिससे दोनों देशों के कई वर्कर मारे गए. भारतीय मीडिया में ईरान के समर्थकों पर आरोप लगाया जा रहा है. इसके अलावा एक अन्य फर्जी खबर में कहा गया कि भारत-इजरायल के सहयोग से नई दिल्ली में बनाई गई हारोप ड्रोन बनाने वाली भारत की एक संयुक्त प्रोडक्शन फैसिलिटी में भीषण आग लग गई है. खबर है कि इस भीषण आग में भारतीय और इजरायली नागरिकों की मौत हो गई. इसके अलावा, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल का एक डीपफेक वीडियो भी सामने आया. डीपफेक वीडियो में एमईए प्रवक्ता को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "इसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि भारत पहले यह पुष्टि करेगा कि ईरान ऐसे हमलों में शामिल है और अगर पुष्टि हो जाती है, तो ईरान को पाकिस्तान से भी ज्यादा कड़ा जवाब मिलेगा. भारत आतंकवाद का समर्थन नहीं करता है और भारत के खिलाफ किसी भी तरह के अटैक के लिए ईरान को बख्शा नहीं जाएगा”.
Deepfake Video Alert!
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 11, 2026
Please stay alert against such false and fabricated posts on social media! https://t.co/y7V4vL1PrN
फैक्ट चेक में झूठ का हुआ पर्दाफाश
वहीं एमईए (MEA) फैक्ट चेक ने कहा कि यह फेक न्यूज है. कृपया सोशल मीडिया पर ऐसे झूठे और बेबुनियाद दावों से सावधान रहें. वहीं देश की राजधानी में भारत-इजरायल डिफेंस फैसलिटी के स्थित होने की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है. एमईए फैक्ट चेक ने साफ तौर पर इस डीपफेक वीडियो से इनकार किया है. इससे पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर का एक डीपफेक वीडियो सामने आया था, जिसमें ईरान के मुद्दे को लेकर झूठा बयान चलाया गया. हालांकि पीआईबी ने इसका भी फैक्ट चेक किया और लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी.
भारत के खिलाफ पाकिस्तानी षड्यंत्र बेनकाब
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अभी हाल ही के दिनों में PIB ने एक और खबर का पैक्ट चेक इसका पर्दाफाश किया. दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया गया था. इस वीडियो में यह दावा किया गया कि भारत ने ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस (IRIS) डेना की लोकेशन से जुड़ी जानकारी इजरायल को दी थी. हालांकि यह बात पूरी तरह झूठ और भ्रम फैलाने वाली निकली. आधिकारिक स्रोतों के अनुसार यह झूठी खबर फैलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से एक फर्जी वीडियो तैयार किया गया था. पाकिस्तानी एजेंसी से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इस फर्जी वीडियो को बढ़ावा दिया. इसके माध्यम से लोगों को गुमराह करने की कोशिश की गई.
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