Advertisement

Loading Ad...

‘लड़के शादी ही क्यों करते हैं जब…’ दहेज प्रताड़ना के केस में सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, सुना दी बड़ी सजा

बेंच ने कोर्ट में मौजूद रिकॉर्ड को पढ़ने के बाद ये भी कहा कि लड़की के परिवार को ‘भिखारी’ कहा गया, जबकि वे अपनी बेटी को बचाने की कोशिश कर रहे थे.

Image Source- Supreme Court Website
Loading Ad...

Supreme Court Big Comment on Dowry Case: ट्विशा शर्मा, दीपिका नागर समेत हाल ही में दहेज हत्या से जुड़े कई मामले सामने आए. जिन्होंने देश में शादी और बेटी की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए. बेटी न शादी से पहले सुरक्षित है, न शादी के बाद. अब दहेज प्रताड़ना से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त और बड़ी टिप्पणी की है. 

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के एक केस की सुनवाई करते हुए कहा, समाज में दुल्हन और उसके परिवार का अपमान बंद होना चाहिए. लड़के शादी क्यों करते हैं और फिर लड़की और उसके परिवार का अपमान क्यों करते हैं? 

क्या है पूरा मामला और सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? 

Loading Ad...

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ से जुड़ा एक मामला आया था. जिसकी सुनवाई जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जवल भुइयां की बेंच ने की. इस मामले में विवाहित ने शादी के तीन साल के भीतर फांसी लगाकर जान दे दी थी. परिवार का आरोप था कि ससुराल वालों ने दहेज मांगते हुए प्रताड़ित किया था. 

Loading Ad...

बेटी के परिवार की दलील के आधार पर पहले ट्रायल कोर्ट और बाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पति के परिवार के कई सदस्यों को IPC की धारा 304B (दहेज मृत्यु), 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 498A (क्रूरता और प्रताड़ना) के तहत दोषी ठहराया था.

सजा को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती 

Loading Ad...

छत्तीसगढ़ कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी पति के छोटे भाई ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की. हालांकि कोर्ट ने इसमें किसी भी तरह की राहत देने से तुरंत इंकार कर दिया. कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, आपको खुश होना चाहिए कि केवल 498A लगी है और सिर्फ तीन साल की सजा है. जस्टिस नागरत्ना ने आगे कहा, 

‘लड़के शादी क्यों करते हैं और फिर लड़की और उसके परिवार का अपमान क्यों करते हैं? एक संदेश जाना चाहिए कि वे दुल्हन और उसके परिवार का अपमान जारी नहीं रख सकते.’

इस दौरान बेंच ने कोर्ट में मौजूद रिकॉर्ड को पढ़ने के बाद ये भी कहा कि लड़की के परिवार को ‘भिखारी’ कहा गया, जबकि वे अपनी बेटी को बचाने की कोशिश कर रहे थे. जस्टिस बीवी  नागरत्ना ने कहा, दहेज के नाम पर लड़की और उसके परिवार पर आर्थिक दबाव बनाया जाता है. उनकी कोशिश यही होती है कि दुल्हन और उसके परिवार को निचोड़ा जाए. 

Loading Ad...

वहीं, जस्टिस उज्वजल भुइयां ने कहा कि लड़के और उसके परिवार की ओर से बहू और उसके परिवार का अपमान रोका जाना चाहिए. ऐसा संदेश जाना चाहिए कि बहू और उसके परिवार का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

यह भी पढ़ें

आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए ससुराल पक्ष की अर्जी को खारिज कर दिया. कोर्ट ने माना कि दहेज की मांग का महिला की मौत से सीधा संबंध है. 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...