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क्या है सेना का अहम प्रोजेक्ट INS बाज? जिसके विस्तार पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार को दिया समर्थन, जानें मायने

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INS बाज के विस्तार की मांग की. उन्होंने इस मुद्दे को लेकर खुले तौर पर मोदी सरकार का साथ देने की भी बात कही.

Source- Screengrab/X/@RahulGandhi
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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष अध्यक्ष राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना रक्षा और एक मालवाहक बंदरगाह से जुड़ा मुद्दा उठाया है. राहुल गांधी ने आरोप लगाए कि इस बारे में मोदी सरकार के दावे झूठे हैं. हालांकि राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से एक ऐसी मांग भी कि जो पूरी होगी तो कांग्रेस सरकार का साथ देगी. 

दरअसल, राहुल गांधी ने अपनी अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की यात्रा का एक वीडियो जारी किया था. जो इसी साल अप्रैल का बताया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना के नाम पर 1.5 करोड़ पेड़ काटे गए. 

आदिवासियों की जमीन छीनने का आरोप

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राहुल गांधी ने कहा, मैंने भारत के सबसे दक्षिणी छोर का दौरा किया. मैं इंदिरा प्वाइंट पर खड़ा रहा. मैं सदियों पुराने पेड़ों के नीचे चला. मैंने पृथ्वी पर सबसे जीवंत प्रवाल भित्तियों में गोता लगाया. मैं वहां रहने वाले लोगों के साथ बैठा, आदिवासी समुदाय, जिनकी जमीन वन अधिकार अधिनियम का उल्लंघन करके छीनी जा रही है. भारतीय सरकार की इन द्वीपों पर बसाए गए कई पूर्व सैनिक, जिन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है.

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INS बाज के विस्तार पर सरकार को समर्थन देने का वादा 

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राहुल गांधी ने आरोप लगाया, केंद्र सरकार और BJP कहती है कि ग्रेट निकोबार परियोजना रक्षा के लिए है, लेकिन ऐसा नहीं है. INS बाज का विस्तार करें हम सरकार का पूरा समर्थन करेंगे. 

उन्होंने कहा, नौसेना पिछले पांच साल से विस्तार की मांग कर रही है, इसे नजरअंदाज किया गया है. वे कहते हैं कि यह एक माल परिवहन बंदरगाह है, लेकिन ऐसा नहीं है. भारत पहले से ही केरल में एक बंदरगाह बना रहा है, जो मुख्य भूमि पर स्थित है.

क्या है INS बाज और भारत के लिए क्यों है जरूरी? 

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आखिर क्या है INS बाज, जिसके विस्तार के मुद्दे पर राहुल गांधी पहले ही सरकार को समर्थन दे चुके हैं. दरअसल, INS बाज भारतीय नौसेना का एक अहम नौसैनिक वायु स्टेशन है. जिसकी स्थापना 31 जुलाई 2012 को भारतीय नौसेना ने की थी. 

यह स्टेशन अंडमान एंड निकोबार कमांड के अधीन काम करता है. यह सेना, नौसेना और वायुसेना का जॉइंट कमांड सेंटर है. भारत के लिए इसके रणनीतिक मायने हैं, क्योंकि यह स्ट्रेट ऑफ मलक्का (Strait of Malacca) और सिक्स डिग्री चैनल के पास है. यहीं से विश्व के बड़े समुद्री व्यापारिक मार्ग गुजरते हैं. INS बाज कैम्पबेल में मौजूद है. INS बाज सशस्त्र बलों का सबसे दक्षिणी एयर स्टेशन माना जाता है. 

भारत के लिए INS बाज बेहद अहम इसलिए भी है क्योंकि यहां से समुद्री निगरानी, गश्त और भारतीय समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े ऑपरेशन चलते हैं. यह एक तरह की समुद्री चौकी है जो भारत को पूर्वी हिंद महासागर और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में अपनी निगरानी और सामरिक पहुंच बढ़ाने में मदद करती है. 

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राहुल गांधी ने व्यवसायी को फायदा पहुंचाने का आरोप

एक तरफ राहुल गांधी ने INS बाज के विस्तार का अहम मुद्दा उठाया तो दूसरी ओर केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा, वास्तव में यह क्या है, 1.5 करोड़ पेड़ काटे गए. प्रवाल भित्तियों को आधिकारिक मानचित्रों से मिटा दिया गया. सैनिकों और आदिवासियों को विस्थापित किया गया, ताकि एक व्यवसायी भारत की सबसे अमूल्य पारिस्थितिक भूमि पर होटल और कैसीनो बना सके.

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राहुल गांधी ने कहा, मैं पारिस्थितिक रूप से संतुलित विकास का समर्थक हूं। ये द्वीप दुनिया के सबसे असाधारण टिकाऊ पर्यटन स्थल बन सकते हैं. यही वह भारत है जिसके लिए संघर्ष करना चाहिए.

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