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‘अभी तो पानी रोका है, फिर दाने-दाने को भी मोहताज कर देंगे’, पाकिस्तान पर बरसे राजनाथ सिंह, दे दी कड़ी चेतावनी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को सीधी चेतवानी दी. उन्होंने कहा, अगर वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आता तो पानी के साथ-साथ दाना भी बंद कर देंगे.
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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के आगरा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि आगरा की इस धरती पर वीरता, स्वाभिमान और देशभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करके मुझे बेहद खुशी हुई है.
इस दौरान राजनाथ सिंह ने भारत की शौर्यता और ताकत पर बात करते हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया. उन्होंने कहा, आपने देखा होगा ऑपरेशन सिंदूर, इस बार धर्म पूछकर निर्दोष नागरिकों को मारा, दूसरे दिन ही मैंने तीनों सेना अध्यक्षों और अधिकारियों की बैठक बुलाई और बोला कि ऑपरेशन करना है. हम लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठे और मैंने उनके दर्द और मन के उबाल को महसूस किया. फिर जो कार्रवाई हुई है, वो आप सबने देखी है.
रक्षा मंत्री ने इस दौरान पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा,
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‘पाकिस्तान अगर अपनी नापाक हरकतों को बंद नहीं करता तो अभी तो हमने सिंधु जल समझौते को निरस्त किया है. अभी तो पानी रोका है, लेकिन अब हम पाकिस्तान को दाना-पानी के लिए मोहताज कर देंगे.’
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भारत बोलता है तो दुनिया सुनती है- रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह ने भारत की बदलती तस्वीर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा पर बात की. उन्होंने कहा, PM मोदी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय जगत में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है. पहले जब अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत बोलता था तो बातों को इतनी गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन अब अगर भारत बोलता है तो सारी दुनिया कान खोलकर सुनती है.
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रक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा, 2014 के पहले आए दिन भारत में कहीं न कहीं आतंकी घटनाएं होती थीं. तब कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष ने आतंकवादियों के मारे जाने पर आंसू बहाए थे. राजनाथ सिंह ने दावा किया, ‘यहां तक कि राहुल गांधी ने तो यह कह दिया था कि हम आतंकी घटनाओं को रोक नहीं सकते, क्योंकि छुटपुट घटनाएं तो होती रहती हैं.’ रक्षा मंत्री ने कहा, आज हमने अपने जवानों को खुली छूट दे दी है. कहीं भी आतंकी घटना होती है तो आतंकियों का सफाया होना चाहिए. यहां तक कि आतंकियों को सफाया करने के लिए सीमा के पार भी जाना पड़े तो जाओ.
महाराणा प्रताप की शौर्यता का गुणगान
राजनाथ सिंह ने आगरा में कहा, देश के कोने-कोने में जहां भी महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए मुझे आमंत्रित किया जाता है, मैं बराबर हर कार्यक्रम में पहुंचता हूं. एक कार्यक्रम को भी मैं छोड़ता नहीं हूं. मैं मानता हूं कि महाराणा प्रताप का शौर्य, त्याग और संघर्ष इतना बड़ा है कि देश उनको कभी भूल नहीं सकता.
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राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा ही नहीं थे, बल्कि वह भारत की एक सोच के प्रतीक थे, जो किसी भी कीमत पर अपने आत्मसम्मान और मूल्यों से समझौता नहीं कर सकते थे. अकबर ने तो महाराणा प्रताप से समझौता करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने महलों का कोमल बिस्तर छोड़कर पत्थरों पर सोना मंजूर किया. उन्होंने महलों का छप्पन भोग छोड़कर घास की रोटी खाकर भारत के स्वाभीमान की रक्षा की, ऐसे थे हमारे महाराणा प्रताप.
महाराणा प्रताप ने समाज को एकसूत्र में पिरोने का कार्य किया। उन्होंने कभी भी जाति या पंथ के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उनके प्रति हमारी गहरी श्रद्धा है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के मंत्र में भी हमें वही समरसता और समावेशिता… pic.twitter.com/jATcPmAZuL
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) ?ref_src=twsrc%5Etfw">June 14, 2026
रक्षा मंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप ने हर कष्ट सहा, लेकिन कभी-कभी मुगलों के सामने अपने घुटने नहीं टेके और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए हल्दी घाटी की भूमि को दुश्मन के खून से लाल कर दिया था.
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उन्होंने कहा, अकबर भी चला गया और मुगल भी चले गए और उनके वशंजों का भी नामोनिशान मिट गया, लेकिन आज भी हिंदुस्तान के दिलों में महाराणा प्रताप जिंदा हैं. आज भी भारत की माताएं और बहनें अपने बच्चों को महाराणा प्रताप की कहानी सुनाती हैं. महाराणा प्रताप के जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि आजादी की कोई कीमत नहीं होती. देश और देशवासियों के सम्मान और स्वाभिमान से बढ़कर कुछ नहीं है. इसी सोच के साथ हमने पिछले 12 सालों में हिंदुस्तान के स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काम किया है.