×
जिस पर देशकरता है भरोसा

UP Board Exam 2026: बोर्ड परीक्षा से पहले बड़ा बदलाव, छात्राओं की तलाशी अब सिर्फ महिला टीचर लेंगी

UP Board Exam Rules: परीक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े काम पर खास ध्यान दिया जा रहा है. परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा, निगरानी और गोपनीयता को लेकर साफ-साफ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि कहीं भी कोई लापरवाही न हो.

Author
05 Feb 2026
( Updated: 05 Feb 2026
03:21 AM )
UP Board Exam 2026: बोर्ड परीक्षा से पहले बड़ा बदलाव, छात्राओं की तलाशी अब सिर्फ महिला टीचर लेंगी
Image Source: Social Media
Advertisement

UP Board Exam 2026: फरवरी महीने में शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने पहले से ही पूरी तैयारी शुरू कर दी है. विभाग का उद्देश्य है कि परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण, नकल-विहीन और निष्पक्ष तरीके से कराई जाए. इसके लिए परीक्षा से जुड़े हर छोटे-बड़े काम पर खास ध्यान दिया जा रहा है. परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा, निगरानी और गोपनीयता को लेकर साफ-साफ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि कहीं भी कोई लापरवाही न हो.

परीक्षा से पहले स्ट्रांग रूम और सुरक्षा व्यवस्था

बोर्ड परीक्षा शुरू होने से तीन दिन पहले हर परीक्षा केंद्र पर स्ट्रांग रूम बना दिया जाएगा. इसी स्ट्रांग रूम में प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं रखी जाएंगी. यहां चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरे चालू रहेंगे और बाहर पुलिस की कड़ी सुरक्षा रहेगी. स्ट्रांग रूम की चाबी डबल लॉक सिस्टम में रहेगी, जिसे केवल स्टैटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ही खोला जाएगा. इससे प्रश्नपत्रों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.

अधिकारियों और निरीक्षकों की जिम्मेदारी

सभी कक्ष निरीक्षकों को अपने-अपने केंद्र व्यवस्थापक को रिपोर्ट करना अनिवार्य होगा. सेक्टर मजिस्ट्रेट और वाइस रिकॉर्डर परीक्षा केंद्रों की नियमित जांच करेंगे. परीक्षा से पहले केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा ताकि बैठने की व्यवस्था, रोशनी, बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे और अन्य जरूरी चीजों की सही स्थिति सुनिश्चित की जा सके. परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले स्टैटिक मजिस्ट्रेट केंद्र पर पहुंचेंगे और अपनी निगरानी में प्रश्नपत्र निकलवाए जाएंगे.

Advertisement

छात्रों के लिए जरूरी नियम

परीक्षा में बैठने वाले सभी छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका के हर पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक और उत्तर पुस्तिका क्रमांक जरूर लिखना होगा. कक्ष निरीक्षक यह ध्यान रखेंगे कि कोई भी छात्र मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या किसी भी तरह की नकल सामग्री लेकर परीक्षा कक्ष में न जाए. परीक्षा कक्ष में ब्लैक बोर्ड पर कोई भी पाठ्य सामग्री, चार्ट या पोस्टर नहीं लगे होने चाहिए.

वेबकास्टिंग और ऑनलाइन निगरानी

Advertisement

इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होगी और सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव वेबकास्टिंग कराई जाएगी. जिला स्तर पर डीआईओएस कार्यालय में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी. इतना ही नहीं, लखनऊ से भी जिले की परीक्षाओं पर नजर रखी जाएगी. इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों का डाटा पहले ही भेज दिया गया है. जिले में कुल 74 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.

उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा और भेजने की व्यवस्था

परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को वाइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में पैक किया जाएगा. इसके बाद उन्हें पूरी सुरक्षा के साथ संकलन केंद्र तक भेजा जाएगा. इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी, ताकि उत्तर पुस्तिकाएं सुरक्षित रहें.

Advertisement

छात्रों की तलाशी और बैठने के नियम

छात्राओं की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाएं ही लेंगी. किसी भी छात्र या छात्रा को जूते-मोजे उतरवाकर परीक्षा नहीं ली जाएगी. सभी छात्रों को तय किए गए सीटिंग प्लान के अनुसार ही बैठाया जाएगा. परीक्षा केंद्र परिसर में किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा.

नकल रोकने के लिए सख्त कदम

Advertisement

यह भी पढ़ें

नकल रोकने के लिए 50 प्रतिशत बाहरी कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी. हर परीक्षा केंद्र पर सशस्त्र पुलिस बल की व्यवस्था रहेगी. शिक्षा विभाग का साफ कहना है कि परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना प्राथमिकता है. डीआईओएस अंजलि अग्रवाल ने बताया कि बोर्ड परीक्षा की सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं, ताकि छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी न हो.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
G
Guest (अतिथि)
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
अधिक
Advertisement
Advertisement
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें