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उद्धव ठाकरे के साथ फिर ‘खेला’? शिवसेना UBT के 4 पार्षद लापता, KDMC में सियासी भूचाल

केडीएमसी में सियासी घमासान तेज है. शिवसेना (यूबीटी) के चार पार्षदों के लापता होने से शिंदे गुट बहुमत के करीब पहुंच गया है. MNS के समर्थन के साथ शिंदे गुट के पास 53 नगरसेवक हैं और चार पार्षदों के शामिल होते ही बहुमत का आंकड़ा पूरा हो सकता है.

Raj Thackeray/ Uddhav Thackeray (File Photo)

महाराष्ट्र की कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) इन दिनों जबरदस्त राजनीतिक उथल-पुथल का केंद्र बनी हुई है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने अपने चार पार्षदों के अचानक संपर्क से बाहर होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि ये पार्षद एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब शिंदे गुट केडीएमसी में बहुमत के बेहद करीब पहुंच चुका है.

दरअसल, केडीएमसी में कुल 122 सदस्य हैं और बहुमत का आंकड़ा 62 का है. मौजूदा स्थिति में शिंदे गुट के पास महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के पांच पार्षदों के समर्थन से 53 नगरसेवक हो चुके हैं. वहीं, उसके सहयोगी दल बीजेपी के पास 50 नगरसेवक हैं. यदि MNS के पांच पार्षदों के साथ शिवसेना (यूबीटी) के चार पार्षद भी शिंदे गुट में शामिल हो जाते हैं, तो यह आंकड़ा सीधे 62 तक पहुंच सकता है और केडीएमसी में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल सकता है.

शिवसेना (यूबीटी) के पास 11 पार्षद

शिवसेना (यूबीटी) के पास केडीएमसी में कुल 11 पार्षद हैं. इनमें से सिर्फ सात ने ही कोंकण प्रादेशिक आयुक्त के पास अपना पंजीकरण कराया है. सूत्रों के अनुसार, दो पार्षद पहले से ही शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं, जबकि जिन चार पार्षदों को लापता बताया जा रहा है, उनमें से कुछ पहले MNS से शिवसेना (यूबीटी) में आए थे. अब स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के चलते उनके फिर से MNS की ओर लौटने की संभावना जताई जा रही है.

संजय राउत ने दी तीखी प्रतिक्रिया 

इस पूरे मामले को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि पार्टी ने पुलिस में शिकायत इसलिए दर्ज कराई है क्योंकि उनके पार्षद अचानक गायब हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्षद शिवसेना के चुनाव चिह्न पर जीतकर आए थे, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही उन्होंने पार्टी छोड़ने का रास्ता चुन लिया. राउत ने इन्हें गद्दार करार देते हुए KDMC क्षेत्र में पोस्टर लगाने की बात भी कही है. वहीं, कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में शिवसेना (यूबीटी) के स्थानीय नेता शरद पाटिल ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, ठाणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस मामले में कोई गुमशुदगी का केस दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि सभी नगरसेवक अपनी मर्जी से कहीं गए हुए माने जा रहे हैं.

बताते चलें कि इस घटनाक्रम ने महायुति और ठाकरे खेमे के बीच सियासी तनाव और बढ़ा दिया है. शिवसेना (यूबीटी) ने MNS के शिंदे गुट को समर्थन देने पर नाराजगी जाहिर की है. वहीं, एक वरिष्ठ MNS नेता ने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व ने पहले ही शिवसेना (यूबीटी) को इस संभावित समर्थन की जानकारी दे दी थी. केडीएमसी की राजनीति में अब आने वाले दिनों में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

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