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लक्ष्य तय, सेना को फ्री हैंड…ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने दिखाया नया रौद्र रूप, फिर दुश्मनों पर टूटा कहर
Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने इस अभियान के महत्व और उससे प्राप्त सबकों पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से ‘जियो और जीने दो’ की रही है, लेकिन जब हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी समझा जाए और संयम को अनुपस्थिति माना जाए, तो कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता.
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Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने इस अभियान के महत्व और उससे प्राप्त सबकों पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा से ‘जियो और जीने दो’ की रही है, लेकिन जब हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी समझा जाए और संयम को अनुपस्थिति माना जाए, तो कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. ऑपरेशन सिंदूर इसी निर्णयात्मक और वैध कार्रवाई का परिणाम था. यह एक निर्णायक लेकिन संतुलित प्रतिक्रिया थी, जिसने आतंकवादियों और उनके संरक्षकों को निशाना बनाया.
मिशन सुदर्शन चक्र और एकीकृत कमांड
एयर मार्शल भारती ने मिशन सुदर्शन चक्र का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं इस मिशन में सक्रिय भागीदारी निभाई. उन्होंने कहा कि एकीकृत कमांड और नियंत्रण प्रणाली की सफलता के माध्यम से देश की सुरक्षा क्षमता बढ़ाई जा रही है. यह प्रणाली ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई में निर्णायक साबित हुई, जहां मिशन की योजना और क्रियान्वयन में सभी सेनाओं का समन्वय और सटीकता बनी रही.
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पहलगाम हमला और आतंकवादियों के खिलाफ प्रतिक्रिया
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उन्होंने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले का जिक्र किया. इस हमले में निर्दोष नागरिकों की हत्या हुई, जिन्हें वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन इससे सबक लेते हुए ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया. एयर मार्शल ने कहा कि यह अभियान केवल प्रहार नहीं था, बल्कि आतंकवाद और उनके संरक्षक ढांचे के खिलाफ स्वदेश रक्षा का प्रश्न बन गया. भारत ने निर्णय लिया कि कार्रवाई में कोई आधा-अधूरा कदम नहीं होगा; लक्ष्य सटीक और घातक होना चाहिए.
ऑपरेशन की तैयारी और सावधानी
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एयर मार्शल भारती ने बताया कि अभियान की तैयारी में हर विवरण पर सावधानीपूर्वक विचार किया गया. लक्ष्यों का चयन, हथियारों का इस्तेमाल, समय और रणनीति सभी पर सटीकता से काम किया गया. उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान सहायक क्षति को न्यूनतम रखना प्राथमिकता थी. ऑपरेशन के दौरान पहली प्रतिक्रिया स्पष्ट थी, और जब विरोधी पक्ष ने आतंकवाद का समर्थन करना जारी रखा, तब भारत ने कठोर जवाब दिया.
ऑपरेशन से मिले महत्वपूर्ण सबक
एयर मार्शल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर ने वायु शक्ति की सर्वोच्च भूमिका को पुनर्स्थापित किया. यह केवल वायु सेना नहीं बल्कि आकाश में संचालित हर क्षमता का प्रयोग था. साथ ही, यह अभियान ‘जॉइंटनेस’ और समग्र राष्ट्रीय दृष्टिकोण की आवश्यकता को भी प्रमाणित करता है. उन्होंने कहा कि प्रतिद्वंद्वी की क्षमताओं और रणनीतियों को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण था, जिससे भविष्य की योजना और प्रशिक्षण को और मजबूत किया जा सके.
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तकनीकी और रणनीतिक सुधार
एयर मार्शल भारती ने कहा कि अंतरिक्ष, मानव रहित प्रणालियों और साइबर क्षमताओं में और निवेश की आवश्यकता है. भारतीय वायु सेना अब स्वदेशी तकनीकों और रक्षा उपक्रमों के सहयोग पर अधिक निर्भर हो रही है. यह कदम देश की रक्षा क्षमता को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
सतर्क और तैयार भारतीय वायु सेना
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एयर मार्शल ने जोर देकर कहा कि जब भी भारत की शांति और संप्रभुता पर खतरा आएगा, भारतीय वायु सेना प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति बनी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई दूरी, कोई गहराई या कोई आयाम ऐसा नहीं है जिसे भारतीय वायु सेना नियंत्रित न कर सके. यह संदेश स्पष्ट करता है कि देश की सुरक्षा के प्रति वायु सेना की सतर्कता और तैयारी पहले से कहीं अधिक मजबूत है.
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INPUT-IANS