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घुसपैठ के खिलाफ सरकार की मुहिम में दिया साथ, बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए हिंदुओं ने दी जमीन

लोगों का कहना है कि बॉर्डर पर पक्की बाड़ से उन्हें भी सुरक्षा का माहौल मिलेगा. इससे उनकी फसलों को नुकसान और तस्करी की घटनाएं बढ़ गई थी.

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29 May 2026
( Updated: 29 May 2026
06:36 PM )
घुसपैठ के खिलाफ सरकार की मुहिम में दिया साथ, बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए हिंदुओं ने दी जमीन
Source- IANS
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पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी की सरकार बनते ही रोहिंग्याओं और घुसपैठियों पर एक्शन की कवायद तेज हो गई. CM अधिकारी ने अपनी पहली कैबिनेट में ही बांग्लादेश बॉर्डर पर पक्की फेंसिंग के फैसले पर मुहर लगा दी थी. सरकार की इस मुहीम में अब बंगाल के लोग भी उनका साथ दे रहे हैं. 

भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के काम को आसान बनाने के लिए कूच बिहार के हिंदू लोग अपनी जमीन दान कर रहे हैं. यहां सतग्राम मानबारी इलाके के तीन हिंदू परिवारों ने यह कदम उठाया है. 

अपनी जमीन क्यों दे रहे लोग? 

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ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों का कहना है कि बॉर्डर पर पक्की बाड़ से उन्हें भी सुरक्षा का माहौल मिलेगा. इससे उनकी फसलों को नुकसान और तस्करी की घटनाएं बढ़ गई थी. अब उन्हें निजात मिलेगा. जमीन दान करने के बाद लोगों का कहना है कि उन्होंने देश और गांव की सुरक्षा के लिए जमीन दान दी है. उन्होंने कहा, ’हमने अपनी 20 डेसिमिल जमीन दी है. हमने यह जमीन इसलिए दी ताकि हम सुरक्षित और महफ़ूज़ रह सकें और हमारा देश भी सुरक्षित रहें.’

BJP ने क्या कहा? 

कूच बिहार के लोगों के इस कदम पर BJP ने खुशी जताई है. BJP आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने ANI की रिपोर्ट शेयर करते हुए कहा, स्थानीय हिंदू स्वेच्छा से अपनी जमीन BSF को दान कर रहे हैं ताकि सीमा पर बाड़बंदी का काम जल्द से जल्द पूरा हो सके. सीमा पर रहने वाले लोग तस्करों, अवैध घुसपैठियों और सीमा सुरक्षा के पूरी तरह ध्वस्त होने से तंग आ चुके हैं. वे चाहते हैं कि बाड़बंदी का काम बिना किसी देरी के पूरा हो.

अमित मालवीय ने आगे लिखा, ममता बनर्जी ने दावा किया था कि स्थानीय लोग अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं और उनकी सरकार उन्हें मजबूर नहीं करना चाहती, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. स्थानीय लोग बाड़बंदी का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि उसका खुलकर समर्थन कर रहे हैं. वास्तविकता साफ है, ममता बनर्जी चाहती थीं कि सीमा तस्करों और बांग्लादेशी वोट बैंक की राजनीति के लिए खुली रहे. 

अधिकारी सरकार के आते ही घुसपैठियों पर एक्शन तेज

बंगाल में चुनाव के दौरान घुसपैठ बड़ा मुद्दा रहा. PM मोदी से लेकर अमित शाह ने घुसपैठ रोकने का वादा किया था, इसी को हथियार बनाते हुए BJP ने ममता सरकार के खिलाफ मजबूती से माहौल बनाया. इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की कमान संभालते ही सबसे पहले बॉर्डर पर फेंसिंग का काम शुरू करने के निर्देश दिए. 

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28 मई 2026 को राज्य सरकार ने आधिकारिक तौर पर BSF को 142.79 एकड़ ज़मीन सौंप दी थी. दरअससल, 11 मई को सुवेंदु सरकार की पहली कैबिनेट बैठक के 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ ज़मीन हस्तांतरित करने का फैसला लिया गया था. 

यह भी पढ़ें- TMC को बड़ा झटका, अरूप चक्रवर्ती और शांतनु सेन ने छोड़ा पद

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लोगों को जमीन के बदले सरकार मुआवजा देगी, जिसका प्रोसेस शुरू हो चुका है. लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द बाड़ लगाने का काम शुरू करे. कंटीले बाड़े न होने की वजह से अपराधी आसानी से राज्य में घुसपैठ करते थे. 

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टिप्पणियाँ 1
G
Guest (अतिथि)
r
ranjit divecha
2 weeks ago

Rohingya aur Bangladeshi congress shasit rajya me bhi ja rahe hai, ve itni aasani se khali karne wale nahi hai.

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