JNU में 'मोदी-शाह की कब्र खोदने' के नारे, विरोध करे या समर्थन? कांग्रेस हो गई कंफ्यूज, पार्टी दो फाड़
JNU में पीएम मोदी-गृह मंत्री शाह के खिलाफ विवादास्पद नारे को लेकर कांग्रेस में दो-फाड़ नजर आ रहा है. कांग्रेस का एक तबका इसका सधे अंदाज में समर्थन कर रहा है, तो दूसरा इसका विरोध कर रहा है. कुल मिलाकर पूरी पार्टी कंफ्यूज नजर आ रही है कि उसका स्टैंड क्या है.
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JNU Video: दिल्ली स्थित देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय मानी जाने वाली जेएनयू में एक बार फिर पीएम मोदी, अमित शाह और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ विवादास्पद नारे लगाए गए. जनवरी 2020 में नकाबपोश लोगों द्वारा जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले की छठी बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में भड़काऊ नारे लगाए गए.
कई लेफ्ट-विंग छात्र संगठनों ने जेएनयू में ‘गुरिल्ला ढाबा’ नाम से एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जहां ये विवादास्पद नारे लगाए गए. कहा जा रहा है कि आयोजन किसी और विषय को लेकर था और नारे किसी और मुद्दे को लेकर लगाए जाने लगे. यह भी कहा जा रहा है कि लेफ्ट छात्र उमर खालिद और शरजील इमाम को कोर्ट से जमानत न मिलने को लेकर भड़के हुए थे.
शरजील-उमर खालिद को नहीं मिली जमानत, भड़के वामपंथी संगठन!
आपको बता दें कि दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से भी जमानत नहीं मिली. दोनों एक साल तक बेल अर्जी भी नहीं लगा पाएंगे. कोर्ट के इस फैसले के बाद कथित सेक्यूलर और लेफ्ट विंग में जैसे बौखलाहट सी मच गई हो. जेएनयू में लेफ्ट के छात्रों ने उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में प्रदर्शन करते-करते भड़काऊ और सरकार विरोधी नारे लगाए.
इस घटना की निंदा की जा रही है. एक ओर जहां बीजेपी इसे देश विरोधी तत्वों की हरकत बता रही है, तो दूसरी पार्टियां भी इसकी निंदा कर रही हैं. वहीं कांग्रेस इस मुद्दे पर दो-फाड़ नजर आ रही है. आपको बता दें कि कांग्रेस में इस पूरी घटना पर दो राय देखी जा रही हैं.
"MODI SHAH KI KABRA KHUDEGI JNU KI DHARTI PAR"
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) January 6, 2026
Urban Naxals in support of Anti National Umar Khalid and Sharjeel Imam protested late night in JNU outside Sabarmati Hostel.
This is not protest, this appropriation of Anti India Thought!
Intellectual Terorist can be academics,… pic.twitter.com/vwDoiI63pf
कांग्रेस का फुल समर्थन!
कांग्रेस नेता उदित राज ने मोदी-शाह के खिलाफ छात्रों की नारेबाजी का सधे हुए अंदाज में समर्थन कर दिया है. उदित राज ने वायरल वीडियो और नारेबाजी को लेकर कहा कि यह छात्रों के गुस्सा जाहिर करने का तरीका है. कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम के साथ ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वे मुस्लिम हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उदित राज यहां भी तुष्टिकरण वाला एंगल खेलना नहीं भूले. इतना ही नहीं, इस पूरी घटना में भी कई मुस्लिम छात्रों के नाम सामने आए हैं.
VIDEO | On slogans raised in JNU against PM Modi after the Supreme Court denied Umar Khalid’s bail, Congress leader Udit Raj (@Dr_Uditraj) said, "These are students who say these things out of anger. It (slogans) should not be taken literally. They (referring to BJP) will… pic.twitter.com/QAd4jZJmHe
— Press Trust of India (@PTI_News) January 6, 2026
हिंसक या धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल मंजूर नहीं: संदीप दीक्षित
वहीं उदित राज से इतर कांग्रेस रचनात्मक सेल के प्रमुख संदीप दीक्षित की राय बिल्कुल अलग देखने को मिली है. जेएनयू कैंपस में सोमवार रात हुई नारेबाजी पर संदीप दीक्षित ने अपनी राय दी और कहा कि किसी को किसी चीज का विरोध करने का हक है, यह आपका लोकतांत्रिक अधिकार है. कोर्ट के फैसले आते हैं और लोग उनका समर्थन कर सकते हैं या नहीं भी कर सकते हैं, यह व्यक्तिगत पसंद की बात है. लेकिन नारेबाजी या विरोध के दौरान हिंसक या धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि किसी को भी, चाहे वह राजनीति में हो या कहीं और, चरमपंथी या हिंसक भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
VIDEO | Delhi: On controversial slogans being raised against PM Modi and Union Home Minister Amit Shah in JNU, Congress leader Sandeep Dikshit (@_SandeepDikshit) says, "Anybody has a right to protest against any court judgment. But I don't think use of words like 'kabr' and all… pic.twitter.com/l3FDBuSFOa
— Press Trust of India (@PTI_News) January 6, 2026
किस-किस ने नारे लगाए?
कार्यक्रम के दौरान पहचाने गए प्रमुख छात्रों में अदिति मिश्रा, गोपिका बाबू, सुनील यादव, दानिश अली, साद आजमी, महबूब इलाही, कनिष्क, पाकीजा खान, शुभम और अन्य शामिल थे.
JNU ने क्या एक्शन लिया?
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बताते चलें कि जेएनयू में बार-बार हो रही इस तरह की घटनाओं से परेशान जेएनयू प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का फैसला किया है. दरअसल, जेएनयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी (सीएसओ) नवीन यादव ने दिल्ली पुलिस को चिट्ठी लिखी है और आरोपियों पर केस दर्ज करने की मांग की है.
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